लोकसभा सचिवालय
मजबूत लोकतंत्र बातचीत, अलग-अलग विचारों और लोगों की सार्थक भागीदारी पर आधारित होते हैं: लोकसभा अध्यक्ष
तकनीक और युवाओं की भागीदारी लोकतंत्र को एक नया आयाम दे सकती है: लोकसभा अध्यक्ष
लोकसभा अध्यक्ष ने नई चीज़ों को अपनाने में राज्यों की विधानसभाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का आह्वान किया
गोवा ने आर्थिक विकास और अपनी विरासत तथा प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण के बीच सफलतापूर्वक संतुलन बनाया है: लोकसभा अध्यक्ष
गोवा विधानसभा को युवाओं, महिलाओं और नागरिकों की अधिक भागीदारी के साथ 25 साल का रोडमैप तैयार करना चाहिए: लोकसभा अध्यक्ष
लोकसभा अध्यक्ष ने गोवा विधानसभा भवन के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित रजत जयंती समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित किया
प्रविष्टि तिथि:
06 OCT 2026 7:38PM by PIB Delhi
गोवा विधानसभा भवन के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित रजत जयंती समारोह का उद्घाटन आज गोवा के राज्यपाल श्री पुसापति अशोक गजपति राजू ने किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि मजबूत लोकतंत्र बातचीत, अलग-अलग विचारों और जनता की सार्थक भागीदारी पर आधारित होते हैं। यह मानते हुए कि विधानसभाएं चर्चा, बातचीत, बहस और अलग-अलग विचारों के आदान-प्रदान का मंच होती हैं, उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तब और मजबूत होता है, जब सहमति के साथ-साथ असहमति के लिए भी जगह हो और जब विधायी प्रक्रिया में अलग-अलग दृष्टिकोणों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक ताकत उसके संस्थानों की अलग-अलग राय और दृष्टिकोणों को समाहित करने की क्षमता पर बनी है।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती अहमियत का जिक्र करते हुए श्री बिरला ने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक अनुभव और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता ने दुनिया में देश की आवाज को मजबूत किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत 'वसुधैव कुटुंबकम' की सभ्यतागत भावना को अपनाते हुए वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की ताकत आखिरकार इस बात में झलकनी चाहिए कि लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को नीतियों, कानूनों और प्रभावी शासन में कैसे बदला जाता है। उन्होंने गोवा जैसे छोटे राज्यों में चुने हुए प्रतिनिधियों की विशेष जिम्मेदारी पर भी जोर दिया, जहां प्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच बेहतर संपर्क होता है। उन्होंने जन-प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं, कठिनाइयों और चुनौतियों के प्रति संवेदनशील रहें और उनके समय पर समाधान के लिए काम करें।
लोकसभा अध्यक्ष ने इस बात पर ज़ोर दिया कि तकनीक की मदद से नागरिक नियम, कानून, नीति, विधायी बहस और समितियों के काम से जुड़ी जानकारी पा सकते हैं, जिससे विधायी प्रक्रियाओं के बारे में लोगों की समझ काफी बेहतर हो सकती है। उन्होंने कहा कि ज़्यादा पारदर्शिता और सुलभता से विधायिका और जनता के बीच संबंध और मज़बूत हो सकता है। नई प्रथाओं को अपनाने के मामले में राज्य विधानसभाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का आह्वान करते हुए, श्री बिरला ने कहा कि विधानसभाओं को एक-दूसरे से सीखना चाहिए और तकनीक, विधायी प्रक्रियाओं और संस्थागत सुधारों जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन तौर-तरीकों को साझा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका मकसद लोकतांत्रिक संस्थाओं को मज़बूत करने के लिए विधानसभाओं के बीच "स्वस्थ प्रतिस्पर्धा" पैदा करना होना चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष ने लोकतांत्रिक संस्थाओं में युवाओं की ज़्यादा भागीदारी पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा तकनीक, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में सबसे आगे हैं और विधायी प्रक्रिया में उनकी भागीदारी से बेहतर नीतियां और कानून बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने गोवा विधानसभा की उस पहल का स्वागत किया, जिसके तहत गोवा मुक्ति आंदोलन के इतिहास और राज्य की विधायी यात्रा को उजागर करने वाले कार्यक्रम चार दिनों तक आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल से युवाओं को विधायी संस्थाओं से जोड़ने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बारे में उनकी समझ को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
श्री बिरला ने कहा कि गोवा की एक खास पहचान है और यह न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समुद्र तट और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, बल्कि अपनी जीवंतता और मिलनसार जीवन-तरीके के लिए भी मशहूर है। उन्होंने राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में पिछले 25 वर्षों में योगदान देने वाले मौजूदा और पूर्व मुख्यमंत्रियों, विधानसभा अध्यक्षों, मंत्रियों, सांसदों और गोवा विधानसभा के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने उन सभी चुने हुए प्रतिनिधियों के योगदान को भी सराहा, जिन्होंने अपनी बहस, विचारों और विधायी कार्यों के ज़रिए विधानसभा की गरिमा और प्रतिष्ठा को बढ़ाया है। श्री बिरला ने कहा कि गोवा के विकास का सफर अनोखा रहा है, क्योंकि राज्य को अपनी समृद्ध विरासत और प्राकृतिक पर्यावरण को बचाते हुए उद्योग, व्यापार, पर्यटन और शिक्षा को भी बढ़ावा देना था। उन्होंने कहा कि इस संतुलन को बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण लेकिन महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी रही है। उन्होंने कहा कि आज गोवा ने पर्यटन, उद्योग और शिक्षा के क्षेत्रों में एक खास जगह बनाई है, साथ ही अपने लोगों की गरिमा और जीवन की गुणवत्ता को भी बनाए रखा है। उन्होंने उन सरकारों और चुने हुए प्रतिनिधियों की कोशिशों की भी तारीफ की, जिन्होंने नीतियों, कानूनों और जन-हितैषी पहलों के ज़रिए इस सफर में योगदान दिया है।
श्री बिड़ला ने कहा कि रजत जयंती महज़ विधानसभा की पिछले 25 सालों की उपलब्धियों का जश्न मनाने का मौका नहीं होना चाहिए, बल्कि यह अगले 25 सालों की रूपरेखा तैयार करने का अवसर भी होना चाहिए। उन्होंने गोवा विधानसभा से आग्रह किया कि वह नागरिकों, युवाओं और महिलाओं की ज़्यादा से ज़्यादा भागीदारी के साथ विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप भविष्य की दिशा तय करने वाला रोडमैप तैयार करे। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को, खासकर समाज के सबसे आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति को, यह महसूस होना चाहिए कि विधानसभा एक ऐसा मंच है, जो उनकी आकांक्षाओं और उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करता है और उन पर ध्यान देता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अगले 25 सालों में लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मज़बूत, ज़्यादा सुलभ, जवाबदेह, संवेदनशील और परिणाम-उन्मुख बनाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभाओं के कामकाज में जनता की ज़्यादा भागीदारी लोकतांत्रिक संस्थाओं को नागरिकों के प्रति और अधिक जवाबदेह और ज़िम्मेदार बनाएगी।
गोवा विधानसभा को अपनी मौजूदा इमारत में 25 साल पूरे करने पर बधाई देते हुए, श्री बिरला ने भरोसा जताया कि विधानसभा गोवा की खास संस्कृति, विरासत और प्राकृतिक पर्यावरण को संरक्षित रखते हुए राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में अपना योगदान देती रहेगी। उन्होंने उन सभी मौजूदा और पूर्व सदस्यों, अध्यक्षों, मुख्यमंत्रियों और अन्य जन-प्रतिनिधियों को बधाई दी, जिन्होंने गोवा के विकास में योगदान दिया है और राज्य के लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत किया है।
इस मौके पर, श्री बिरला ने गोवा विधानसभा और सचिवालय भवन के लिए ‘कस्टमाइज्ड माई स्टैम्प और स्पेशल कैंसिलेशन वाला स्पेशल कवर’ जारी किया और जानी-मानी हस्तियों को सम्मानित भी किया।
इस मौके पर गोवा के मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत, गोवा विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. गणेश गौंकर, गोवा सरकार में विधायी मामलों के मंत्री श्री मौविन गोडिन्हो, गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता श्री यूरी अलेमाओ और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी संबोधन किया।
गोवा विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. गणेश गौंकर ने स्वागत भाषण दिया और गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री जोशुआ पीटर डी सूजा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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पीके/केसी/आरटी/एनएस / डीए
(रिलीज़ आईडी: 2319851)
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