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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ईंधन के उपयोग और अनुपालन की व्यापक रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक इकाइयों में पीटीजेड कैमरे लगाना अनिवार्य किया

प्रविष्टि तिथि: 06 OCT 2026 5:22PM by PIB Delhi

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग - सीएक्यूएम - ने एक आदेश में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती स्थानों पर उद्योगों में पैन-टिल्ट-ज़ूम - पीटीजेड - कैमरा लगाना अनिवार्य कर दिया है, ताकि निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित हो और प्रदूषण उत्पन्न करने वाले ईंधन की खपत की वास्तविक समय में व्यापक निगरानी रखी जा सके। इसका उद्देश्य विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के स्थानों पर औद्योगिक उत्सर्जन से वायु गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए, जो सर्दियों के महीनों के दौरान और बढ़ जाता है, उद्योगों द्वारा सतर्कता, निगरानी और अनुपालन मजबूत बनाना है।

गैर-अनुमोदित ईंधनों के लगातार इस्तेमाल को देखते हुए, आयोग ने व्यापक निगरानी और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक इकाई के क्षेत्रों में पीटीजेड कैमरे विस्तारित किए हैं। आयोग ने निर्देश दिया है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड - सीपीसीबी द्वारा पहले से निर्धारित पीटीजेड कैमरा स्थलों के अतिरिक्त, उद्योग अब निम्नलिखित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार 31.10.2026 तक अतिरिक्त पीटीजेड कैमरे लगाएं।

1. कैमरों का स्थान

  • सभी ईंधन भंडारण क्षेत्रों की निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएंगे
  • सभी ईंधन चार्जिंग पॉइंट्स की निगरानी के लिए कैमरे लगाए जाएंगे
  • गैस आधारित ईंधन के उपयोग की स्थिति में, गैस के गेज/मीटर को कैमरे द्वारा कैप्चर किया जाना चाहिए

2. रियल टाइम स्ट्रीमिंग

  • वीडियो फीड की रीयल-टाइम स्ट्रीमिंग केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के सर्वरों को उपलब्ध कराई जाएगी

3. ऊर्जा स्रोत

  • सभी उद्योगों को सुनिश्चित करना होगा कि इन कैमरों और कनेक्टिविटी के लिए पर्याप्त पावर बैकअप उपलब्ध हो।

इस आदेश में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को वीडियो फीड की रीयल-टाइम स्ट्रीमिंग प्राप्त करने के लिए पोर्टल और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करने का निर्देश दिया गया है। इससे उद्योगों द्वारा ईंधन उपयोग की दूरस्थ निगरानी में सुविधा होगी और आयोग के वैधानिक निर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उक्त उपायों के कार्यान्वयन की स्थिति संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड/दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा 01.11.2026 तक आयोग को प्रस्तुत करनी होगी।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने औद्योगिक उत्सर्जन से होने वाले प्रदूषण को देखते हुए औद्योगिक उपयोग सहित विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अनुमोदित ईंधनों की एक मानक सूची निर्धारित की थी। हालांकि, आयोग के उड़नदस्तों ने समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में संचालित औद्योगिक इकाइयों के गुप्त निरीक्षण के दौरान कई मामलों में गैर-अनुमोदित ईंधनों के उपयोग की सूचना दी थी। ऐसे ईंधनों के लगातार उपयोग को देखते हुए, आयोग ने माना कि उद्योगों की ईंधन खपत की वास्तविक समय में निगरानी आवश्यक है।

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में खराब वायु गुणवत्ता को देखते हुए और कड़ी सतर्कता, ​​​​निगरानी और स्व-नियमन द्वारा अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पहले उद्योगों को पैन-टिल्ट-ज़ूम – पीटीजेड कैमरों के साथ ही बिना किसी देरी वाली ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली स्थापित करने का निर्देश दिया था। पीटीजेड कैमरे लगाने के निर्धारित स्थानों में बॉयलर का उपयोग करने वाली कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में कैमरों को पोर्ट-होल और चिमनी पर इस तरह लगाया जाता है ताकि वहां से निकलने वाली फ्लू गैस या धुएं को स्पष्ट रूप से कैप्चर किया जा सके। जबकि धातु इकाइयों में कैमरों का रुख मुख्य रूप से भट्टी फीडिंग क्षेत्रों और धुआं निष्कर्षण प्रणालियों की तरफ होना चाहिए ताकि भट्टी में कच्चा माल डालते समय या प्रसंस्करण के दौरान निकलने वाले अनियंत्रित उत्सर्जन की निगरानी की जा सके।

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पीके/केसी/आरटी/एकेवी/एसके

 


(रिलीज़ आईडी: 2319771) आगंतुक पटल : 75
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