पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
सीएक्यूएम ने एनसीआर में नियमों के पालन की स्थिति की समीक्षा की, 17 दिनों में 197 निरीक्षण किए गए
आयोग के फ्लाइंग स्क्वॉड ने अब तक एनसीआर में 28,744 यूनिट/परियोजनाओं/संस्थाओं का निरीक्षण किया
प्रविष्टि तिथि:
02 OCT 2026 7:34PM by PIB Delhi
एनसीआर और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की एनफोर्समेंट टास्क फोर्स (ईटीएफ) की 140वीं बैठक 01.10.2026 को हुई। इस बैठक में 08.09.2026 से 24.09.2026 की अवधि के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में नियमों को लागू करने की कार्रवाई, निरीक्षण और नियमों के पालन की स्थिति की समीक्षा की गई।
17 दिनों की रिपोर्टिंग अवधि के दौरान, कुल 197 निरीक्षणों की रिपोर्ट मिली। इनमें कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन (सीएंडडी) स्थलों पर 10, औद्योगिक क्षेत्र में 111 और डीज़ल जेनरेटर (डीजी) सेट से जुड़े 76 निरीक्षण शामिल थे। औद्योगिक क्षेत्र के निरीक्षणों में एक विशेष इंस्पेक्शन ड्राइव के तहत किए गए 22 निरीक्षण भी शामिल थे। निरीक्षणों के आधार पर, 85 मामलों में नियमों के उल्लंघन की रिपोर्ट मिली, जिनमें 8 सीएंडडी मामले, 49 औद्योगिक मामले और 28 डीजी से जुड़े मामले शामिल थे।
संबंधित क्षेत्रों द्वारा रिपोर्ट किए गए उल्लंघनों के आधार पर, कई तरह की कार्रवाई का प्रस्ताव दिया गया है। इनमें 4 सीएंडडी प्रोजेक्ट और 1 औद्योगिक इकाई को बंद करना, 28 डीजी सेट को सील करना, 17 मामलों (जिनमें 4 डीजी सेट शामिल हैं) में नियमों का पालन करने के लिए आदेश/निर्देश जारी करना और 10 मामलों में एनवायरनमेंटल कंपनसेशन (ईसी) लगाना शामिल है। अन्य प्रस्तावित कार्रवाइयों में प्रोजेक्ट प्रमोटरों को पत्र जारी करना, दोबारा निरीक्षण करना, मामलों को सीपीसीबी/एसपीसीबी को भेजना, एडवाइजरी जारी करना और अन्य उचित फॉलो-अप उपाय करना शामिल है।
ईटीएफ को उस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई, जो 15.09.2026 को उत्तर प्रदेश के हापुड़ में आयोग के फ्लाइंग स्क्वाड की 7 टीमों, ज़िला प्रशासन, पुलिस कर्मियों और यूपीपीसीबी के अधिकारियों द्वारा की गई स्पेशल इंस्पेक्शन ड्राइव के दौरान की गई थी। कुल 22 जगहों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 05 नियम का पालन करते हुए पाए गए और 1 को यूपीपीसीबी द्वारा पहले ही सील कर दिया गया था। बाकी मामलों में सुझाई गई कार्रवाइयों में 4 यूनिट को बंद करना, 1 डीजी सेट को सील करना, 5 मामलों में आदेश जारी करना, 4 मामलों में ईसी लगाना और 2 मामलों में दोबारा निरीक्षण और कानूनी कार्रवाई करना शामिल है।
पिछली ईटीएफ बैठक के बाद जारी किए गए काम फिर से शुरू करने के आदेशों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। 30.09.2026 तक, कुल 9 ऐसे आदेश जारी किए गए थे, जिनमें 2 औद्योगिक यूनिट और 7 सीएंडडी साइटें शामिल थीं। राज्य के हिसाब से देखें तो दिल्ली में 1, हरियाणा में 3 और उत्तर प्रदेश में 5 आदेश जारी किए गए। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश की एक औद्योगिक यूनिट से जुड़ा 1 मामला अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजा गया।
01.10.2026 तक लागू किए गए नियमों की कुल स्थिति की भी समीक्षा की गई। यह देखा गया कि आयोग के फ्लाइंग स्क्वॉड ने अब तक एनसीआर में 28,744 यूनिट/प्रोजेक्ट/संस्थाओं का निरीक्षण किया है। इन निरीक्षणों के आधार पर, 1,831 बंद करने के निर्देश जारी किए गए, जिनमें से नियमों के पालन की पुष्टि के बाद 1,488 काम फिर से शुरू करने के आदेश जारी किए गए। साथ ही, 127 मामले अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (एसपीसीबी)/दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को भेजे गए हैं, जबकि 216 संस्थाओं के लिए काम फिर से शुरू करने के आदेश जारी किए जाने बाकी हैं।
इसके अलावा, 29.09.2026 को उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद के लोनी में औद्योगिक इकाइयों की एक विशेष जांच मुहिम 7 जांच टीमों द्वारा चलाई गई, ताकि लागू पर्यावरण नियमों और आयोग के निर्देशों का पालन के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। कुल 21 इकाइयों/स्थानों की जांच की गई और सभी 21 नियमों का पालन नहीं करते हुए पाए गए। नियमों का पालन न करने के मुख्य मामलों में बिना पर्याप्त स्टैक/चिमनी और वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों (एपीसीडी) के भट्टियों का संचालन, बिना वैध संचालन की सहमति (सीटीओ) के संचालन, गैर-अनुमत क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों का संचालन, कोयले सहित बिना मंज़ूरी वाले ईंधन का उपयोग, बिना स्टैक, एपीसीडी और ओसीईएमएस के पिट भट्टियों का संचालन, डीजी सेट से संबंधित नियमों का पालन न करना और बिना सीटीओ और पर्याप्त एपीसीडी के कचरा प्रसंस्करण गतिविधियां शामिल थे। कुछ पहले सील की गई जगहों पर भी संचालन जारी रहने के संकेत मिले, जैसे धातु के काम की आवाज़ और/या धुआं निकलना। ज़रूरी सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग ने तय नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रवर्तन को लगातार मज़बूत करने, नियमों के पालन की समय पर जांच करने और लागू करने वाली एजेंसियों के बीच करीबी तालमेल की ज़रूरत पर फिर से ज़ोर दिया। आयोग ने एनसीआर में वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए औद्योगिक इकाइयों, निर्माण और विध्वंस गतिविधियों और डीजी सेट जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में तेज़ी से प्रवर्तन कार्रवाई, नियमों के पालन की कड़ी निगरानी और लगातार जांच करने पर भी ज़ोर दिया।
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पीके/केसी/आरटी/एनएस
(रिलीज़ आईडी: 2318448)
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