कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता ने क्रेडिट अनुशासन को मजबूत किया है, वसूली के माहौल को बेहतर बनाया है और देश में व्यापार करने में आसानी में योगदान दिया है: हर्ष मल्होत्रा, राज्य मंत्री, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय


भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) ने अपना दसवां स्थापना दिवस मनाया

प्रविष्टि तिथि: 01 OCT 2026 10:06PM by PIB Delhi

कॉर्पोरेट कार्य और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ​​ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई)  के 10वें स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम 1 अक्टूबर 2016 को आईबीबीआई की स्थापना के बाद से इसके दस वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

मुख्य अतिथि श्री हर्ष मल्होत्रा ​​ने उद्घाटन भाषण में कहा कि दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता, 2016 (आईबीसी) ने क्रेडिट अनुशासन को मजबूत किया है, वसूली के माहौल को बेहतर बनाया है और देश में व्यापार करने में आसानी (ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस) में योगदान दिया है। उन्होंने उभरती जरूरतों के अनुसार इस संहिता को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का ज़िक्र किया, जिसमें हाल के विधायी संशोधन भी शामिल हैं। इसके साथ ही, उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से आगामी दशक में तेजी से और मूल्य-अधिकतम करने वाले समाधानों की दिशा में काम करने का आग्रह किया।

राज्य मंत्री श्री मल्होत्रा ​​ने आईबीसी इकोसिस्टम में एआई सहित उभरती प्रौद्योगिकियों को बेहतर ढंग से अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने के लिए तेजी से समाधान और मूल्य को अधिकतम करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण के माननीय अध्यक्ष, जस्टिस श्री अनूपिंदर सिंह ग्रेवाल ने आईबीसी ढांचे में निर्णायक प्राधिकरण की भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने मामलों के निपटारे में देरी को कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों और समाधान योजनाओं के तेजी से निपटारे में हाल के सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने प्रवेश सीमा में संशोधन, मध्यस्थता का उपयोग, क्षेत्र-विशिष्ट छूट आदि जैसे सुधार के उन विभिन्न क्षेत्रों पर भी बात की जिन पर आने वाले समय में विचार किया जा सकता है।

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील न्यायाधिकरण के माननीय सदस्य, श्री इंदेवर पांडे ने पिछले दशक में दिवाला (इनसॉल्वेंसी) से जुड़े कानूनों के विकास और आने वाले समय में जिन मुद्दों पर विचार किया जा सकता है, उन पर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में आईबीसी कोड में सात बार संशोधन किए गए हैं।  कानूनों में बदलाव से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने इस बात की सराहना की कि संहिता और नियमों में बदलाव समय पर और उभरती ज़रूरतों के अनुसार किए जा रहे हैं। आईबीसी के सकारात्मक परिणामों का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सभी संबंधित पक्षों को तय समय-सीमा का पालन करना चाहिए।

कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अपर सचिव श्री अंशुमान पटनायक ने आईबीसी की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संहिता को मज़बूत करने के लिए किए गए नीतिगत सुधारों पर दिया, जिसमें दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2026 भी शामिल है। उन्होंने संशोधन अधिनियम के मुख्य पहलुओं पर ध्यान आकर्षित किया और आईबीसी फ्रेमवर्क और इकोसिस्टम में सुधार के अगले चरण के लिए क्षेत्रों की रूपरेखा बताई।

अतिथियों का स्वागत करते हुए, आईबीबीआई के चेयरपर्सन श्री जयंती प्रसाद ने संहिता और बोर्ड की दस वर्ष की यात्रा पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आईबीसी ने लेनदारों के लिए बड़ी मात्रा में वसूली संभव बनाई है, विभिन्न क्षेत्रों में चल सकने वाले व्यवसायों को बचाया है, और देनदार-लेनदार के व्यवहार में स्थायी बदलाव लाया है।

श्री जयंती प्रसाद ने कहा कि अब इस इकोसिस्टम में 4,400 से ज़्यादा इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल और 6,000 से ज़्यादा रजिस्टर्ड वैल्यूअर शामिल हैं। यह आईबीबीआई द्वारा नियम बनाने में अपनाए जा रहे संवेदनशील, भागीदारीपूर्ण और सबूत-आधारित दृष्टिकोण को दर्शाता है।

दसवें वार्षिक दिवस समारोह के अंग के रूप में, कार्यक्रम के दौरान वार्षिक प्रकाशन, "शेपिंग द नेक्स्ट डिकेड ऑफ़ आईबीसी: द रोड अहेड" (आईबीसी का अगला दशक: आगे की राह) जारी किया गया। इस अवसर पर, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता पर 7वीं राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज़ के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित हस्तियां भी शामिल हुईं, जैसे राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के माननीय अध्यक्ष जस्टिस श्री अनूपिंदर सिंह ग्रेवाल; राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील न्यायाधिकरण के माननीय सदस्य श्री इंदेवर पांडे; और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अपर सचिव श्री अंशुमान पटनायक। कार्यक्रम में आईबीबीआई के चेयरपर्सन श्री जयंती प्रसाद; आईबीबीआई के पूर्णकालिक सदस्य श्री संदीप गर्ग; और आईबीबीआई के पूर्णकालिक सदस्य श्री भूषण कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में इन्सॉल्वेंसी इकोसिस्टम से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियों और मुख्य हितधारकों ने भाग लिया।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2026/oct/WhatsAppImage2026-10-01at11.03.37PM_20261001231249_c7fd40.jpeg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2026/oct/WhatsAppImage2026-10-01at11.03.37PM(1)_20261001231258_64d56e.jpeg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/2026/oct/WhatsAppImage2026-10-01at11.03.38PM_20261001231308_9eef05.jpeg

***

पीके/केसी/आरटी/पीके


(रिलीज़ आईडी: 2318048) आगंतुक पटल : 51
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English