सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
पुनर्वास से नई शुरुआत की ओर
असम के हैलाकांडी स्थित नशामुक्ति के लिए एकीकृत पुनर्वास केंद्र की मदद से संदीप परिवार से फिर जुड़े और काम पर लौटे
अब उसी केंद्र में कार्यरत हैं, जहां से उन्हें पुनर्वास में सहायता मिली
प्रविष्टि तिथि:
25 SEP 2026 5:51PM by PIB Delhi
संदीप (बदला हुआ नाम) की उम्र 33 वर्ष है। वे असम में एक परिवार में पले-बढ़े। नौवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद वे काम की तलाश में अपनी मौसी के साथ रहने के लिए गुवाहाटी चले गए। उन्होंने वाहन चलाना सीखा और आजीविका कमाने लगे। लेकिन साथियों के प्रभाव में शुरू हुआ नशीले पदार्थों का सेवन धीरे-धीरे उनकी निर्भरता में बदल गया।
इसका असर उनके स्वास्थ्य, काम और रिश्तों पर पड़ा। उनकी आय का एक बड़ा हिस्सा नशीले पदार्थों के सेवन में खर्च होने लगा। इससे वे आर्थिक परेशानी में आ गए और धीरे-धीरे अकेले पड़ते गए। संदीप स्वस्थ होकर परिवार का विश्वास फिर से हासिल करना और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहते थे। उनके परिवार ने भी उन्हें मदद लेने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया।

6 सितंबर 2025 को संदीप को हैलाकांडी में दक्षिण बरबोंड ग्राम उन्नयन समिति द्वारा संचालित नशामुक्ति के लिए एकीकृत पुनर्वास केंद्र-आईआरसीए के माध्यम से सहायता मिली।
केंद्र ने उन्हें चिकित्सा देखभाल, मनोवैज्ञानिक और पारिवारिक परामर्श, पुनर्वास सहायता तथा प्रेरक और व्यवहार संबंधी मार्गदर्शन दिया। समूह गतिविधियों और जीवन-कौशल संबंधी मार्गदर्शन से उन्हें स्वस्थ दिनचर्या बनाने, तनाव से निपटने और दूसरों के साथ फिर से जुड़ने में मदद मिली।
अपनी भावनाएं और खुशी व्यक्त करते हुए संदीप ने कहा की "मेरे परिवार के सहयोग और आईआरसीए में मिली देखभाल से मैं अपनी जिंदगी फिर से संवार रहा हूं और दोबारा काम कर रहा हूं।"
उपचार के बाद संदीप के पुनर्वास में सकारात्मक प्रगति हुई है। वे नशीले पदार्थों से मुक्त जीवन बनाए रखने के लिए प्रयास कर रहे हैं और परिवार से फिर जुड़ चुके हैं। अब वे हैलाकांडी स्थित आईआरसीए में बहु-कार्यकारी कर्मचारी के रूप में काम कर रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक स्थिरता मिली है और उस केंद्र में योगदान देने का अवसर मिला है। इसने उनके पुनर्वास में सहायता की ।
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पीके/केसी/आरटी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2315049)
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