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केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो और ब्रह्माकुमारीज ने मादक पदार्थों की रोकथाम के प्रति जागरूकता, युवाओं के सशक्तिकरण और सामुदायिक संपर्क को सुदृढ़ करने हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

प्रविष्टि तिथि: 21 SEP 2026 7:52PM by PIB Delhi

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में राजस्व विभाग के अंतर्गत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) और प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्व विद्यालय ने स्वस्थ और नशामुक्त समाज को प्रोत्साहन देने हेतु निवारक नशीली दवाओं के प्रति जागरूकता, युवाओं के सशक्तिकरण और सामुदायिक संपर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 18 सितंबर, 2026 को राजस्थान के माउंट आबू में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नशा मुक्त भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की दिशा में है और सतत निवारक जागरूकता, युवा सहभागिता और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों में योगदान देना चाहती है।

माउंट अबू में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के साथ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो और ब्रह्माकुमारीज के प्रतिनिधि

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के उप नारकोटिक्स कमिश्नर श्री नरेश बुंदेल और ब्रह्माकुमारीज के मेडिकल विंग सचिव डॉ. बनारसीलाल साह ने ग्वालियर स्थित केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के नारकोटिक्स कमिश्नर डॉ. दिनेश कुमार बिसेन की मौजूदगी में इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो और ब्रह्माकुमारीज के मध्य 18 सितंबर, 2026 को माउंट आबू में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया गया

समझौता ज्ञापन के तहत मादक पदार्थों के प्रति जागरूकता अभियान, युवा सशक्तिकरण पहल और सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों की अवधारणा, आयोजन, कार्यान्वयन और मूल्यांकन के लिए एक सहयोगात्मक फ्रेमवर्क प्रदान किया गया है, जिसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह सहयोग मूल्य-आधारित निवारक शिक्षा, मादक पदार्थों और मनोरोगी पदार्थों के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता और मादक द्रव्यों के सेवन से प्रभावित लोगों के लिए उपलब्ध परामर्श, पुनर्वास और उपचार के विकल्पों की जानकारी प्रदान करने पर केंद्रित है।

समझौते के अंतर्गत, दोनों पक्ष सीबीएन की युवा रक्षा पहल के अंतर्गत सेमिनार, संगोष्ठियों, परस्पर संवादात्मक कार्यशालाओं, मल्टीमीडिया प्रदर्शनियों, जागरूकता रैलियों, पोस्टर-डिजाइन प्रतियोगिताओं और डिजिटल जागरूकता गतिविधियों का सहयोग करेंगे। स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, छात्रावासों, कोचिंग केंद्रों और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों के साथ-साथ ग्रामीण समुदायों और कृषि व पारंपरिक खेती वाले क्षेत्रों के युवाओं पर विशेष ध्यान देने की परिकल्पना की गई है।

इस साझेदारी के तहत जीवन कौशल, तनाव प्रबंधन और समग्र स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां भी प्रदान की जाती हैं, जिनमें ध्यान, योगिक श्वास, सकारात्मक सोच और भावनात्मक आत्म-नियंत्रण शामिल हैं। ब्रह्माकुमारीज अपने केंद्रों, सेमिनार स्थलों, स्वयंसेवकों, प्रशिक्षकों और आध्यात्मिक सलाहकारों के माध्यम से कार्यक्रम का सहयोग करेगी और अपने संस्थागत व डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवा रक्षा अभियान को प्रोत्साहन देगी।

डॉ. दिनेश कुमार बिसेन, नारकोटिक्स कमिश्नर, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स, माउंट आबू में सभा को संबोधित करते हुए

इस अवसर पर बोलते हुए, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के नारकोटिक्स कमिश्नर डॉ. दिनेश कुमार बिसेन ने मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम में सामूहिक और सामुदायिक प्रयासों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं, शिक्षण संस्थानों और समुदायों के साथ लगातार जुड़ाव निवारक जागरूकता के लिए आवश्यक है। उन्होंने निवारक जागरूकता और युवा सहभागिता के लिए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की पहल "ऑपरेशन युवा रक्षा" के बारे में भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस पहल के तहत, सेमिनार, संगोष्ठियों, संवादात्मक सत्रों, जागरूकता रैलियों, पोस्टर-डिजाइन प्रतियोगिताओं और डिजिटल अभियानों के माध्यम से स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग केंद्रों और अन्य युवा-उन्मुख मंचों तक जागरूकता पहुंचाई जाती है। उन्होंने युवा रक्षा फ्रेमवर्क के अंतर्गत छात्रों और युवा पेशेवरों को स्वयंसेवी राजदूतों और सहकर्मी शिक्षकों के तौर पर विकसित करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

माउंट आबू में जागरूकता और सामुदायिक संपर्क पहल में हिस्सा लेने वाले कर्मी

ब्रह्माकुमारीज के प्रतिनिधियों ने स्वस्थ और नशामुक्त जीवनशैली को प्रोत्साहन देने में मूल्य आधारित शिक्षा, आत्म-जागरूकता, सकारात्मक सोच, राजयोग ध्यान, तनाव प्रबंधन और भावनात्मक कल्याण की भूमिका पर प्रकाश डाला। संगठन जागरूकता गतिविधियों में भाग लेने के लिए अपने युवा विंग, छात्रों, शिक्षकों, महिला मंचों और सामुदायिक नेताओं को भी प्रोत्साहित करेगा।

समझौते में ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नशा-विरोधी आयोजनों, स्वयंसेवकों के मार्गदर्शन और क्षमता निर्माण का भी प्रावधान है। गतिविधियां स्वैच्छिक, शैक्षिक, समावेशी और गैर-नियामक रहेंगी; ब्रह्माकुमारीज के प्रतिभागी जागरूकता, शिक्षा, प्रेरणा और सामुदायिक सहायता गतिविधियों में हिस्सा लेंगे और प्रवर्तन, जांच या पुलिसिंग कार्य नहीं करेंगे।

यह समझौता ज्ञापन मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ लगातार जन जागरूकता और युवा भागीदारी को मजबूत करने के लिए ब्रह्मकुमारीज के व्यापक सामुदायिक नेटवर्क, स्वयंसेवी शक्ति और सामाजिक-आध्यात्मिक पहुंच के साथ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की वैधानिक विशेषज्ञता और निवारक-जागरूकता भूमिका को संयोजित करने के सहयोगात्मक प्रयास का प्रतीक है।

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पीके/केसी/आरटी/एमएम


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