सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
रियायती वित्त और कौशल विकास के माध्यम से एनएसकेएफडीसी द्वारा स्वच्छता कर्मियों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा
निगम ने 3,365.93 करोड़ रुपये की ऋण राशि स्वीकृत एवं वितरित की; स्थापना के बाद से 6.10 लाख से अधिक लोगों को लाभ
व्यवहार्य स्वरोजगार गतिविधियों के लिए व्यक्तियों को 30 लाख रुपये और समूहों को 75 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध
प्रविष्टि तिथि:
11 SEP 2026 5:44PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC), जो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन भारत सरकार का पूर्ण स्वामित्व वाला उपक्रम है, देशभर में सफाई कर्मचारियों, कचरा बीनने वालों, मैला ढोने की प्रथा से जुड़े व्यक्तियों और उनके आश्रितों के लिए सतत आजीविका तथा सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने का कार्य निरंतर कर रहा है।
अपनी ऋण-आधारित योजनाओं के अंतर्गत NSKFDC पात्र लाभार्थियों को व्यवहार्य स्वरोजगार एवं आय-सृजन गतिविधियां शुरू करने के लिए रियायती ब्याज दरों पर वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
व्यक्तिगत लाभार्थी को 30 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध है, जबकि लाभार्थियों के समूह को 75 लाख रुपये तक का ऋण दिया जा सकता है। लागू ब्याज दर वित्तीय सहायता की प्रकृति और राशि के आधार पर 6 प्रतिशत से 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष तक होती है। ऋण की पुनर्भुगतान अवधि ऋण राशि और संबंधित योजना के प्रावधानों के अधीन तीन से दस वर्ष तक होती है।
महिला लाभार्थियों को लागू ब्याज दर पर 1 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाती है। लागू योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार किस्तों का समय पर भुगतान करने वाले लाभार्थियों को अतिरिक्त 0.5 प्रतिशत की छूट भी उपलब्ध है।
ऋण योजनाओं का क्रियान्वयन संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा नामित राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों (SCAs), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) के माध्यम से किया जाता है।

वित्तीय सहायता के अतिरिक्त, NSKFDC अपने लक्षित समूह के लाभ के लिए गैर-ऋण आधारित कार्यक्रम भी लागू करता है। जागरूकता शिविरों, कार्यशालाओं, कौशल विकास पहलों और अन्य क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के आयोजन के लिए वित्तीय सहायता एवं अनुदान प्रदान किए जाते हैं।
इन पहलों का उद्देश्य रोजगार-योग्यता बढ़ाना, उद्यमशीलता संबंधी क्षमताओं का विकास करना तथा लाभार्थियों को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और सतत आजीविका के अवसर प्राप्त करने में सक्षम बनाना है।
अपनी स्थापना से लेकर 10 सितंबर 2026 तक NSKFDC ने अपनी चैनलाइजिंग एजेंसियों को 3,365.93 करोड़ रुपये की रियायती ऋण राशि स्वीकृत एवं वितरित की है। इससे इसके लक्षित समूह के 6,10,902 व्यक्तियों को लाभ मिला है।
अपनी वित्तीय योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से NSKFDC देशभर में स्वच्छता कर्मियों और उनके आश्रितों के सामाजिक समावेशन, आर्थिक आत्मनिर्भरता तथा सम्मानजनक आजीविका को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
24 जनवरी 1997 को एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में स्थापित NSKFDC अक्टूबर 1997 से एक शीर्ष निगम के रूप में कार्यरत है। यह निगम अपने लक्षित समुदायों के समग्र उत्थान के लिए समर्पित है। निगम स्वरोजगार, कौशल विकास, क्षमता निर्माण और सामाजिक सशक्तीकरण के समर्थन हेतु ऋण-आधारित योजनाओं तथा गैर-ऋण आधारित कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला लागू करता है।
NSKFDC का दृष्टिकोण मैला ढोने की अमानवीय प्रथा के उन्मूलन की दिशा में प्रयास करना तथा सफाई कर्मचारियों, मैला ढोने की प्रथा से जुड़े व्यक्तियों और उनके आश्रितों का सामाजिक-आर्थिक उत्थान सुनिश्चित करना है। इसका मिशन लक्षित समूह के सदस्यों को वैकल्पिक और सतत आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे गरिमा, सम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन जी सकें तथा मुख्यधारा के समाज का अभिन्न अंग बन सकें।
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पीके केसी एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2309237)
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