वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और रूसी संघ के उद्योग एवं व्यापार मंत्री श्री एंटोन अलीखानोव ने इन्नोप्रोम इंडिया 2026 में एनआईसीडीसी पैवेलियन का दौरा किया
एनआईसीडीसी ने मैन्युफैक्चरिंग पार्टनरशिप के नए अवसरों की तलाश के लिए रूस, ब्रिक्स प्रतिनिधियों और निवेशकों के साथ बी2बी बैठकें आयोजित की
प्रविष्टि तिथि:
10 SEP 2026 8:45PM by PIB Delhi
द्विपक्षीय बैठक के बाद, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और रूसी संघ के उद्योग एवं व्यापार मंत्री श्री एंटोन अलीखानोव ने इन्नोप्रोम इंडिया 2026 के दूसरे दिन प्रदर्शनी के अपने दौरे (वॉकथ्रू) के तहत भारत मंडपम, नई दिल्ली में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम लिमिटेड (एनआईसीडीसी) के पैवेलियन का दौरा किया।
मंत्रियों ने एनआईसीडीसी टीम के साथ बातचीत की और उन्हें भारत के औद्योगिक तथा मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रमुख पहलों के बारे में जानकारी दी गई। एनआईसीडीसी ने राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी), इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटीज, पीएम मित्र पार्क्स, भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य), इंडस्ट्रियल कॉरिडोर लैंड प्लेटफॉर्म (आईसीएलपी) और एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (एनएलडीएसएल) द्वारा विकसित डिजिटल लॉजिस्टिक्स समाधानों के तहत अपने कार्यों को प्रस्तुत किया।
इस बातचीत ने मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, लोकलॉइजेशन और निवेश में भारत-रूस सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।
एनआईसीडीसी पैवेलियन में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मजबूत भागीदारी देखी गई, जिनमें उद्योग प्रतिनिधि, निवेशक, प्रौद्योगिकी कंपनियां और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल शामिल थे। आगंतुकों ने औद्योगिक स्थलों, बुनियादी ढांचे की तैयारियों, कनेक्टिविटी, भूमि की उपलब्धता और भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने के अवसरों में गहरी रुचि दिखाई। एनआईसीडीसी के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक श्री रजत कुमार सैनी (आईएएस) ने भी पैवेलियन का दौरा किया और प्रदर्शनी के दौरान चलाए जा रहे निवेशक सहभागिता तथा आउटरीच गतिविधियों की समीक्षा की।
एनआईसीडीसी ने रूसी समकक्षों, ब्रिक्स प्रतिनिधियों, भावी निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बी2बी बैठकों की एक श्रृंखला भी आयोजित की। इन चर्चाओं में संभावित मैन्युफैक्चरिंग पार्टनरशिप, लोकलाइजेशन, टेक्नोलॉजी में सहयोग, सप्लाई-चेन इंटीग्रेशन और भारत के उभरते इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटीज में अवसरों को शामिल किया गया।
इन वार्ताओं में उन्नत इंजीनियरिंग, मशीनरी एवं उपकरण, परिवहन प्रणाली, ऑटोमोबाइल, धातु, ऊर्जा, एयरोस्पेस, फार्मास्यूटिकल्स (दवाएं), रसायन और उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्र शामिल थे।
एनआईसीडीसी ने सभी सुविधाओं से युक्त औद्योगिक भूमि, गुणवत्तापूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और निवेशक सुविधा के माध्यम से भारत मेंमैन्युफैक्चरिंग का काम शुरू करने या उसका विस्तार करने की इच्छुक कंपनियों को सहायता प्रदान करने के लिए अपने इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटीज की क्षमता पर जोर दिया। चर्चाओं में मैन्युफैक्चरर्स, टेक्नोलॉजी प्रदाताओं और सप्लाई-चेन प्रतिभागियों के बीच साझेदारी सहित भारतीय और रूसी उद्यमों के बीच घनिष्ठ सहयोग की संभावनाओं की भी तलाश की गई।
प्रदर्शनी के दूसरे दिन एनआईसीडीसी पैवेलियन में मिली प्रतिक्रिया ने भारत के औद्योगिक विकास कार्यक्रम और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग निवेश के अवसरों में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की निरंतर रुचि को दर्शाया।
भारत में आयोजित हो रहे इन्नोप्रोम के इस पहले संस्करण ने भारत और रूस के सरकारी प्रतिनिधियों, उद्योगों तथा निवेशकों के बीच प्रत्यक्ष बातचीत के लिए एक मंच प्रदान किया है, साथ ही औद्योगिक एवं तकनीकी सहयोग पर चर्चाओं को भी सुगम बनाया है।
एनआईसीडीसी 11 सितंबर 2026 को इन्नोप्रोम इंडिया 2026 के अंतिम दिन भी प्रदर्शनी के दौरान शुरू हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी निवेशक बातचीत और बी2बी चर्चाओं को जारी रखेगा।
एनआईसीडीसी 11 सितंबर 2026 को इन्नोप्रोम इंडिया 2026 के अंतिम दिन भी प्रदर्शनी के दौरान शुरू हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए निवेशकों के साथ बातचीत और बी2बी चर्चाओं को जारी रखेगा।
इन गतिविधियों और पहलों के माध्यम से, एनआईसीडीसी 'मेक इन इंडिया' और 'विकसित भारत @2047' के तहत घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने, ग्लोबल निवेश को आकर्षित करने और ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम विकसित करने के भारत सरकार के प्रयासों को सशक्त बना रहा है।

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(रिलीज़ आईडी: 2308944)
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