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एचएनएलयू की मूटिंग में उत्कृष्टता : राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार सफलता

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मूटिंग सर्किट में एचएनएलयू की निरंतर सफलता

प्रविष्टि तिथि: 08 SEP 2026 5:19PM by PIB Raipur

हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एचएनएलयू), रायपुर के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मूटिंग प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय की मजबूत अकादमिक एवं व्यावहारिक विधि-शिक्षा परंपरा को रेखांकित किया है। हाल की उपलब्धियों में 21वीं फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन मूट, 2026 के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय चरण में उपविजेता रहना तथा एशिया पैसिफिक कमर्शियल मेडिएशन कॉम्पिटिशन, 2026 में उपविजेता का स्थान हासिल करना शामिल है।

लॉयड लॉ कॉलेज, नोएडा द्वारा 30 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित 21वीं फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन मूट, 2026 के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय चरण में एचएनएलयू की चतुर्थ वर्ष की छात्राएं तमिश्रा चक्रवर्ती, कृतिका सेंथिल कुमार और मालविका चंद्रा तथा तृतीय वर्ष की छात्रा पलक आनंद की टीम ने उपविजेता का स्थान हासिल किया। टीम ने शीर्ष 10 टीमों में स्थान बनाते हुए चीन के शेनझेन में आयोजित होने वाले अंतिम मौखिक चरण के लिए भी क्वालीफाई किया है। प्रतियोगिता में कृतिका सेंथिल कुमार को दावेदार पक्ष के लिए सर्वश्रेष्ठ वक्ता तथा अंतिम चरण के लिए सर्वश्रेष्ठ वक्ता चुना गया। तमिश्रा चक्रवर्ती को दावेदार पक्ष के लिए सर्वश्रेष्ठ वक्ता के सम्माननीय उल्लेख से सम्मानित किया गया।

 

इसी क्रम में 28 से 30 अगस्त 2026 तक ऑस्ट्रेलियन डिस्प्यूट सेंटर द्वारा आयोजित एशिया पैसिफिक कमर्शियल मेडिएशन कॉम्पिटिशन, 2026 में एचएनएलयू की चतुर्थ वर्ष की बी.ए. एलएल.बी. (ऑनर्स) की छात्राओं कर्णिका गैरा, प्रशंसा वर्मा और अरुषि यादव की टीम ने उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। टीम को संबंध निर्माण के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ टीम के रूप में भी चुना गया। इसके साथ ही टीम के सदस्यों को ऑस्ट्रेलियन डिस्प्यूट सेंटर के साथ इंटर्नशिप का अवसर प्रदान किया गया। इस उपलब्धि ने विद्यार्थियों की वकालत, वार्ता-कौशल, संचार और सामूहिक कार्य क्षमता को भी रेखांकित किया है।

 

एचएनएलयू में लगभग दो वर्ष पहले मध्यावधि परीक्षाओं के स्थान पर शुरू किया गया ‘मूट क्लिनिक एक्सरसाइज’ अब व्यावहारिक विधि-शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिणाम दे रहा है। इस पहल के माध्यम से अधिक संख्या में विद्यार्थियों को मूटिंग की प्रक्रिया को समझने, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने तथा प्रतिस्पर्धात्मक स्तर पर सफलता हासिल करने का अवसर मिला है। विश्वविद्यालय के अनुसार, यह पहल क्लिनिकल लीगल एजुकेशन के प्रति एचएनएलयू की प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों में प्रारंभिक स्तर से ही व्यावहारिक वकालत कौशल विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

एचएनएलयू के कुलपति प्रो. वी. सी. विवेकानंदन ने कहा कि विश्वविद्यालय ने मूटिंग सर्किट में एक मजबूत प्रतियोगी के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है और लगातार अग्रणी स्थान हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार चिकित्सा शिक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार करता है, उसी प्रकार मूटिंग विधि के विद्यार्थियों को वास्तविक वकालत के लिए तैयार करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। एचएनएलयू में व्यावहारिक वकालत का प्रशिक्षण प्रथम वर्ष से ही शुरू किया जाता है।

 

विश्वविद्यालय का मानना है कि मूटिंग केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक सक्षम विधि-व्यवसायी के समग्र विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से कानूनी शोध, लिखित एवं मौखिक वकालत, रणनीति निर्माण, टीमवर्क, पेशेवर नैतिकता तथा न्यायिक प्रश्नों पर त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया देने जैसी क्षमताओं का विकास होता है।

एचएनएलयू की हाल की उपलब्धियां विद्यार्थियों को विधि-शिक्षा के प्रारंभिक चरण से ही निरंतर वकालत अभ्यास उपलब्ध कराने के संस्थागत प्रयासों का परिणाम हैं। मूट क्लिनिक मॉडल, संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरंतर भागीदारी के माध्यम से विश्वविद्यालय सक्षम, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार युवा विधि-व्यवसायियों की प्रतिभा विकसित करने पर जोर दे रहा है।

 


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आरडीजे/बीकेटी


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