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उपराष्ट्रपति ने चेन्नई में ‘दिनामलार’ के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया


‘दिनामलार’ ने सच्चाई, देशभक्ति और जनसेवा के मूल्यों को बनाए रखकर लोगों का भरोसा जीता है: उपराष्ट्रपति

प्रविष्टि तिथि: 05 SEP 2026 7:05PM by PIB Delhi

उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज कहा कि ‘दिनामलार’ ने पिछले 75 वर्षों में सच्चाई, देशभक्ति और जनसेवा के मूल्यों को बनाए रखकर लोगों का भरोसा जीता है। उन्होंने इस समाचार-पत्र से देश की सेवा कई और वर्षों तक जारी रखने का आग्रह किया।

‘दिनामलार’ के प्रकाशन के 75वें वर्ष और एक स्मारक डाक टिकट जारी करने के अवसर पर चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘दिनामलार’ की स्थापना 1951 में सच्चाई की कसौटी बनने के संकल्प के साथ की गई थी। उन्होंने ‘दिनामलार’ के संस्थापक श्री टी. वी. रामासुब्बईयर के योगदान को भी याद किया।

उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के मन में उपजा एक विचार आज एक बड़े संगठन का रूप ले चुका है। यह कई पीढ़ियों के समर्पण और सामूहिक प्रयासों को दर्शाता है।

श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने इस बात पर जोर दिया कि कोई समाचार-पत्र लोगों का भरोसा तभी जीत व बनाए रख सकता है, जब वह दबावों के आगे झुके बिना और निडर होकर देशभक्ति एवं जन-सेवा जैसे ऊंचे मूल्यों को बनाए रखे। उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों में ‘दिनामलार’ ने अपने पाठकों के साथ भरोसे का एक ऐसा ही रिश्ता बनाया है।

उपराष्ट्रपति ने अगली पीढ़ी को संवारने के महत्व पर जोर दिया और ‘पट्टम’ के प्रकाशन के जरिए ‘दिनामलार’ के प्रयासों की सराहना की। यह प्रकाशन स्कूली विद्यार्थियों को सामान्य जागरूकता, भाषा संबंधी कौशल और वैज्ञानिक नवाचारों से जुड़ी जानकारियों से अवगत कराता  है।

उपराष्ट्रपति ने ‘दिनामलार’ की निरंतर प्रगति एवं सफलता की कामना करते हुए कहा कि इसे सच्चाई की कसौटी बने रहना चाहिए तथा आगे कई और दशकों तक देश व समाज की सेवा करते रहना चाहिए।

इस समारोह में डाक विभाग के चेन्नई के क्षेत्रीय निदेशक मेजर मनोज; दिनामलार समूह के संपादक डॉ. आर. रामासुब्बू; प्रकाशक श्री एल. आदिमूलम, डॉ. एल. रामासुब्बू और श्रीमती जयश्री; श्री आर. आर. गोपालजी, और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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पीके/केसी/आर


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