सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, पीढ़ियों के बीच आपसी जुड़ाव को मज़बूत करने के लिए रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगा

देश के 200 स्कूलों में बच्चों, माता-पिता और दादा-दादी/नाना-नानी को जोड़ने की पहल

यह साझेदारी 'सबका साथ, सबका विकास' के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरुप, जिसमें हर पीढ़ी एक साथ आगे बढ़ रही है

प्रविष्टि तिथि: 31 AUG 2026 7:28PM by PIB Delhi

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (डीओएसजेई), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में देशव्यापी पहल 'क्रिएटिंग इंटरजेनरेशनल बॉन्डिंग' (पीढ़ियों के बीच जुड़ाव को मजबूत करना) को लागू करने के लिए रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेगा।

इस एमओयू पर नई दिल्ली के पहाड़गंज स्थित रामकृष्ण मिशन में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार; सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा; एमओएसजेई के सचिव श्री सुधांश पंत; डीओएसजेई के संयुक्त सचिव श्री सजीश कुमार एन.; और रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी सर्वलोकानंद की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य स्कूल प्रणाली के माध्यम से खेल-आधारित और साक्ष्य-आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों, माता-पिता और दादा-दादी/नाना-नानी के बीच भावनात्मक एवं सांस्कृतिक रिश्तों को मज़बूत करना है।

यह पहल बुजुर्गों के सम्मान और समावेशी विकास पर प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह इस बात की पुष्टि करती है कि 'सबका साथ, सबका विकास' का दृष्टिकोण तभी पूर्ण साकार होता है जब हर पीढ़ी एक साथ आगे बढ़ती है।

इस सहयोग के अंतर्गत, पूरे देश के 200 पायलट स्कूलों में एक मापनीय डिज़ाइन और कार्यान्वयन मॉडल विकसित और लागू किया जाएगा। इस कार्यक्रम में सह-शिक्षण खेल, एक द्विभाषी संसाधन केंद्र वेबसाइट एवं शिक्षक प्रमाणन शामिल होंगे। इसे लागू करने के अनुभव के आधार पर, इस पहल को पूरे देश में बढ़ाया और जारी रखा जा सकता है।

उम्मीद है कि यह कार्यक्रम मंत्रालय की पहले से चल रही वरिष्ठ नागरिक कल्याण योजनाओं, जैसे कि अटल वयो अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) और एल्डरलाइन हेल्पलाइन को और बेहतर बनाएगा। इससे वरिष्ठ नागरिकों को अपनी समझ एवं संस्कार आगे बढ़ाने के अवसर मिलेंगे, माता-पिता परंपरा और आधुनिकता के बीच तालमेल बिठा पाएंगे और बच्चे अपनी संस्कृति से जुड़े रहते हुए भावनात्मक सुरक्षा का एहसास कर सकेंगे।

श्री रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं से प्रेरित रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के पास शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति एवं मानवीय सेवा के क्षेत्र में एक सदी से भी ज़्यादा का अनुभव है। रामकृष्ण मिशन इस पहल के लिए कार्यान्वयन भागीदार के रूप में काम करेगा और इसे अनुसंधान, डिज़ाइन एवं मूल्यांकन के लिए एक नॉलेज डेवलपमेंट पार्टनर का सहयोग मिलेगा।

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पीके/केसी/एके

 


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