विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
राष्ट्रीय क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी सम्मेलन ने क्वांटम-सक्षम जीवन विज्ञान के क्षेत्र में भारत की राह तय की
प्रविष्टि तिथि:
31 AUG 2026 4:41PM by PIB Delhi
भारत के क्वांटम विज्ञान और जीवन विज्ञान से जुड़े शोधकर्ता, चिकित्सक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स और छात्र राष्ट्रीय क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी सम्मेलन में एकजुट हुए। इस सम्मेलन का उद्देश्य राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) के अनुरूप क्वांटम विज्ञान को डायग्नोस्टिक्स, बायोमेडिकल इमेजिंग, दवा खोज और सटीक चिकित्सा के क्षेत्र में व्यावहारिक उपयोग तक पहुंचाना है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सचिव प्रोफेसर उमेश वी. वाघमारे ने मुंबई, महाराष्ट्र में आईआईटी बॉम्बे परिसर के पीसी सक्सेना सभागार में क्यूमेट टेक द्वारा हाल ही में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देते हुए क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी के रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला। क्यूमेट टेक फाउंडेशन (क्यूमेट) क्वांटम सेंसिंग और मेट्रोलॉजी के लिए एक विषयगत केंद्र (टी-हब) है, जिसे डीएसटी के सहयोग से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे परिसर में एनक्यूएम के तहत स्थापित किया गया है।
क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी, क्वांटम सेंसिंग, इमेजिंग और कंप्यूटिंग को जीवन विज्ञान के साथ जोड़ने वाला एक उभरता हुआ क्षेत्र है। यह ऐसा नया आयाम है, जहां क्वांटम-स्तरीय मापन उन जैविक सवालों को समझने में मदद कर रहा है, जिन तक पारंपरिक उपकरणों की पहुंच संभव नहीं है। इस सम्मेलन का उद्देश्य इस क्षेत्र में राष्ट्रीय अनुसंधान दिशाओं को परिभाषित करने और प्रयोगशाला प्रदर्शन से लेकर व्यावहारिक स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकी तक के मार्ग को सुदृढ़ करने के लिए एक अंतर-विषयक मंच प्रदान करना था।
आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने अंतरविषयक राष्ट्रीय मंचों के आयोजन में संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, "जब तक हम प्रौद्योगिकी के सभी पहलुओं पर एकीकृत और रणनीतिक तरीके से काम नहीं करेंगे, तब तक हम भारत को प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आगे नहीं ले जा सकते।"
"क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी वह क्षेत्र है जहां हमारी सेंसिंग क्षमताएं वास्तविक नैदानिक आवश्यकताओं से मेल खाती हैं। क्यूमेट टेक में, हम असाधारण सटीकता वाले क्वांटम सेंसर बना रहे हैं। अब चुनौती यह है कि इन सेंसरों का उपयोग उन सवालों के जवाब खोजने के लिए किया जाए जिनका जवाब जीव विज्ञान अब तक नहीं दे पाया है। क्यूमेट टेक फ़ाउंडेशन की प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रोफ़ेसर कस्तूरी साहा ने क्यूमेट टेक की क्वांटम सेंसिंग क्षमताओं और बायो-सेंसिंग में उनके इस्तेमाल के बारे में बात करते हुए कहा, "भौतिकविदों, जीवविज्ञानियों और उद्योग जगत के लोगों को एक मंच पर लाना ही इस प्रक्रिया की शुरुआत है।"
"आज मुझे इस बात ने प्रभावित किया कि क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी में इंडस्ट्री की कितनी दिलचस्पी है। क्यूमेट टेक फ़ाउंडेशन के सीईओ हार्दिक जोशी ने कहा, "क्यूमेट टेक का काम इसे ऐसी तकनीक में बदलना है जिसे इस्तेमाल में लाया जा सके। साथ ही, यह स्टार्टअप्स को सहयोग देना, प्रतिभाओं का विकास करने और ऐसी विनिर्माण और परीक्षण क्षमता बनाने का काम भी करेगा, जिसकी भारत को तब ज़रूरत होगी जब ये उपकरण क्लीनिकल इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाएंगे।"
यह कार्यक्रम तीन सत्रों में आयोजित किया गया था। इनका विषय जैवविज्ञान के लिए क्वांटम तकनीक और अकादमिक परिदृश्य, क्वांटम बायोसेंसर को प्रयोगशाला से उद्योग तक ले जाने तथा बायोसेंसिंग में अनुप्रयोगों के लिए नवाचार से संबंधित था।
'भारत में क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी: अवसर, चुनौतियां और आगे की राह' विषय पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई।
डॉ. जे.बी.वी. रेड्डी, प्रमुख, क्वांटम टेक्नोलॉजी सेल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी); डॉ. रजनीश गौर, वैज्ञानिक ‘एफ’, जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी); प्रो. हिमाद्री धर, आईआईटी बॉम्बे; प्रो. स्वरूप गांगुली, आईआईटी बॉम्बे; तथा श्री हार्दिक जोशी, सीईओ, क्यूमेट टेक फाउंडेशन ने विचार-विमर्श में भाग लिया।
क्वांटम सेंसिंग, इमेजिंग, कंप्यूटिंग और जैव प्रौद्योगिकी को एक ही मंच पर लाकर राष्ट्रीय क्वांटम बायोटेक्नोलॉजी सम्मेलन ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के सहयोगात्मक और अनुप्रयोग-आधारित क्वांटम पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के उद्देश्य को मजबूत किया। साथ ही, इसने क्वांटम-सक्षम जीवन विज्ञान को भारत के अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवा नवाचार के एजेंडे में एक प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।

चित्र 1: डीएसटी के सचिव प्रो. उमेश वाघमारे राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए

चित्र 2 : सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की एक सामूहिक तस्वीर
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पीके/केसी/जीके
(रिलीज़ आईडी: 2305115)
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