रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय : उर्वरक विभाग
उर्वरक विभाग 1 से 15 सितंबर तक मनाएगा ‘स्वच्छता पखवाड़ा-2026’
पारंपरिक स्वच्छता के साथ ई-गवर्नेंस, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन और साइबर स्वच्छता पर रहेगा विशेष जोर
प्रविष्टि तिथि:
31 AUG 2026 4:34PM by PIB Delhi
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत उर्वरक विभाग 1 से 15 सितंबर, 2026 तक ‘स्वच्छता पखवाड़ा-2026’ का आयोजन करने जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य भौतिक और डिजिटल कार्यस्थल पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और कार्य-संस्कृति में गुणवत्तापूर्ण सुधार लाना है। इस साल पखवाड़े के दौरान भौतिक सफाई के साथ-साथ ‘डिजिटल स्वच्छता और रिकॉर्ड प्रबंधन’ को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में गति, पारदर्शिता और ई-फाइलिंग प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन और डेटा स्वच्छता पर केंद्रित अभियान:
उर्वरक विभाग ने आधुनिक प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए डिजिटल स्वच्छता पर विशेष रणनीति तैयार की है। इसके तहत ई-ऑफिस और डिजिटल फाइलिंग को व्यवस्थित किया जाएगा। ई-ऑफिस प्रणाली में लंबित ई-फाइलों की समीक्षा, निष्पादित फाइलों को डिजिटल रूप से क्लोज/आर्काइव करना और डेटाबेस को सुव्यवस्थित करना शामिल है। इसके साथ ही विभाग के कार्मिकों को आधिकारिक ईमेल इनबॉक्स से अनावश्यक, स्पैम और पुरानी फाइलों/अटैचमेंट्स को हटाकर सर्वर स्पेस को खाली करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा करेंगे पखवाड़े की शुरुआत
स्वच्छता पखवाड़े की शुरुआत केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के स्वच्छता संदेश के साथ पखवाड़े की शुरुआत होगी। शुरुआत के क्रम में ही विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता शपथ दिलाई जाएगी। इस दौरान सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उन्मूलन और कपड़े के थैले/रीयूजेबल बोतलों के उपयोग के प्रति जन-जागरूकता भी फैलाई जाएगी।
- 2 सितंबर (भौतिक रिकॉर्ड समीक्षा): रिकॉर्ड रूम का सघन निरीक्षण; रिकॉर्ड रिटेंशन नियमों के तहत अनुपयोगी व पुरानी फाइलों की वीडिंग-आउट (छंटनी)।
- 3 सितंबर (हरित पहल): वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कार्यालय परिसर में पौधारोपण तथा कर्मचारियों को स्वच्छता संदेश युक्त सूती टी-शर्ट का वितरण।
- 7 सितंबर (कचरा/स्क्रैप निस्तारण): अनुपयोगी एवं कबाड़ (स्क्रैप) सामग्रियों की पहचान कर उनका निर्धारित सरकारी नियमों के तहत सुरक्षित निपटान।
- 8 सितंबर (शिकायत निवारण दिवस): CPGRAMS, पीएमओ, सांसदों व राज्य सरकारों से प्राप्त लंबित जन-शिकायतों और मामलों का त्वरित व प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण।
- 9 सितंबर (डिजिटल स्वच्छता दिवस - विशेष अभियान): पूरे विभाग में डिजिटल ड्राइव चलाकर ई-फाइलों, डिजिटल रिकॉर्ड्स, सर्वर डेटा और ईमेल की गहन सफाई व वर्गीकरण।
- 10 सितंबर (सामूहिक श्रमदान): अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी से कार्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक श्रमदान।
- 11 सितंबर (स्वास्थ्य एवं स्वच्छता ऑडिट): स्वच्छता हस्ताक्षर अभियान तथा स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण।
- 14 सितंबर (सृजनात्मक प्रतियोगिताएं): कार्यस्थल पर स्वच्छता एवं डिजिटल शासन के महत्व पर कर्मचारियों के लिए निबंध लेखन व पोस्टर प्रतियोगिता।
उर्वरक विभाग ने अपने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और संबद्ध उपक्रमों से आह्वान किया है कि वे इस पखवाड़े को केवल औपचारिकता न मानकर इसे अपनी दैनिक कार्यशैली और जीवन का अभिन्न अंग बनाएं, जिससे एक स्वच्छ, हरित, पेपरलेस और डिजिटल रूप से सशक्त कार्य-परिवेश का निर्माण हो सके।
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नीरज कुमार भट्ट/अमित/शत्रुघ्न प्रसाद
cmc.gertilizers[at]gmail[dot]com
(रिलीज़ आईडी: 2304994)
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