जल शक्ति मंत्रालय
ग्रामीण विकास के लिए अभिसरण: डीडीडब्ल्यूएस ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से जेजेएम 2.0 और एसबीएम-जी 2.0 के कार्यों को वीबी-जी रैम जी अधिनियम के तहत एकीकृत करने का आग्रह किया
प्रविष्टि तिथि:
27 AUG 2026 6:47PM by PIB Delhi
जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम, 2025 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एसबीएम-(जी) 2.0 के कार्यों के समन्वय का आह्वान किया है। यह समन्वय ग्रामीण विकास को सुदृढ़ करने, ग्रामीण जल सुरक्षा और लचीलेपन के लिए एकीकृत योजना बनाने की दिशा में एक पहल है।
वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 जल सुरक्षा को चार प्रमुख क्षेत्रों में से एक के रूप में चिन्हित करता है। यह सतत आजीविका, कृषि उत्पादकता, जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन और दीर्घकालिक ग्रामीण विकास के लिए इसके महत्व को मान्यता देता है। 10 मार्च 2026 को स्वीकृत जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0, विश्वसनीय और लचीली ग्रामीण पेयजल सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए अपनी रणनीति के केंद्र में पेयजल स्रोत स्थिरता, भूजल पुनर्भरण और अपशिष्ट जल प्रबंधन को रखता है। इसी प्रकार, एसबीएम-(जी) 2.0 पर्यावरणीय स्वच्छता और जन स्वास्थ्य में सुधार के लिए ठोस और तरल अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करता है। इन कार्यक्रमों के पूरक उद्देश्य विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से एकीकृत योजना और कार्यान्वयन का अवसर प्रदान करते हैं।
अभिसरण योजना के तहत, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे
- उचित एकीकृत योजना सुनिश्चित करें
- वीजीपीपी के तहत जल सुरक्षा को प्राथमिकता दें
- अधिनियम के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति में ग्रामीण जल आपूर्ति/जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रभारी अधिकारी को शामिल करें।
- राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन और ग्रामीण विकास विभाग से समर्पित नोडल अधिकारियों को नामित करें, साथ ही समन्वित गतिविधियों की योजना, कार्यान्वयन और निगरानी को सुगम बनाने के लिए सम्बंधित नोडल अधिकारियों को भी नियुक्त करें।
- तकनीकी रूप से ग्राम विकास योजनाओं (वीजीपीपी) को जेजेएम 2.0 और एसबीएम-जी 2.0 के अंतर्गत ग्राम कार्य योजनाओं के साथ जोड़े।
- जेजेएम 2.0 और एसबीएम-जी 2.0 के अंतर्गत सभी कार्यों और अन्य अभिसारी संपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक पर पंजीकृत और भू-टैग करें।
- राज्यों को युक्तधारा जैसे भू-स्थानिक नियोजन उपकरणों का उपयोग करना होगा, साथ ही जल बजट और जलभूवैज्ञानिक आकलन भी करने होंगे।
- यह सुनिश्चित करने के लिए अभिसरण को संस्थागत रूप दें कि वीबी-जी, रैम जी, जेजेएम 2.0 और एसबीएम-जी 2.0 के तहत किए गए निवेश सामूहिक रूप से सतत पेयजल सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका में सुधार में योगदान दें।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग और राज्य, जिला एवं ग्राम पंचायत स्तर पर अन्य सम्बंधित विभागों के बीच यह घनिष्ठ समन्वय सफल कार्यान्वयन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही, इस प्रकार का समन्वय ग्रामीण पेयजल सेवाओं की स्थिरता को मजबूत करता है, साथ ही पारिस्थितिक स्थिरता, जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन और ग्रामीण समुदायों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ावा देता है। इससे विकसित भारत @2047 के विजन में योगदान मिलता है।
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पीके/केसी/वीके/एम
(रिलीज़ आईडी: 2303935)
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