कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
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मॉरीशस के लोक सेवा एवं प्रशासनिक सुधार मंत्री ने डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की; लोक सेवा, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण में भारत-मॉरीशस सहयोग मजबूत करने पर चर्चा


डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा - भारत और मॉरीशस के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच रिश्तों पर आधारित विशेष संबंध, लोक प्रशासन और क्षमता विकास सहयोग के स्वाभाविक क्षेत्र

डॉ. जितेंद्र सिंह ने मिशन कर्मयोगी के तहत भारत में लोक सेवकों के सतत, भूमिका-आधारित और योग्यता-संचालित ज्ञानवर्धन के अनुभव साझा किए

डॉ. जितेंद्र सिंह ने मॉरीशस स्थित अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक सर्विस एंड इनोवेशन के साथ भारत के संस्थागत संबंध मजबूत बनाने पर चर्चा की

प्रविष्टि तिथि: 24 AUG 2026 5:44PM by PIB Delhi

मॉरीशस के लोक सेवा एवं प्रशासनिक सुधार मंत्री श्री लुचमनाह राज पेंटियाह ने एक उच्च स्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ आज कर्तव्य भवन में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। बातचीत में लोक सेवा, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण में भारत-मॉरीशस सहयोग और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई जिसमें दोनों देशों के बीच सतत संस्थागत जुड़ाव और विशेषज्ञता आदान-प्रदान पर जोर दिया गया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने व्यापक प्रशिक्षण अवसरों, सार्वजनिक सेवा संस्थानों के बीच सुदृढ़ संबंधों और शासन, प्रशासनिक सुधारों और प्रौद्योगिकी-आधारित सार्वजनिक सेवा वितरण के भारत के अनुभव द्वारा सहयोग आगे बढ़ाने की बात कही।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत और मॉरीशस के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी रिश्तों पर आधारित विशेष संबंध है, जो लोक प्रशासन तथा क्षमता विकास द्वारा  सहयोग के स्वाभाविक क्षेत्र हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने मॉरीशस के लोक सेवकों के क्षमतावर्धन में निरंतर सहयोग दिया है और दोनों देशों के बीच मौजूदा सहयोग और अधिक संरचित और स्थायी संस्थागत साझेदारी बनाने का अवसर प्रदान करता है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने पिछले वर्ष प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मॉरीशस यात्रा के दौरान हुए समझौते का उल्लेख किया, जिसके तहत राष्ट्रीय सुशासन केंद्र द्वारा पांच वर्षों में मॉरीशस के 500 सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके तहत पहला बैच मसूरी में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुका है। उन्होंने कहा कि यह पहल व्यक्तिगत प्रशिक्षण कार्यक्रमों से आगे, भारत और मॉरीशस की लोक सेवाओं के बीच गहन और सतत सहयोग का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।

बैठक का प्रमुख उद्देश्य सार्वजनिक सेवा प्रशिक्षण और क्षमता विकास के अग्रणी भारतीय संस्थान, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी-एलबीएसएनएए, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान-आईआईपीए और सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान-आईएसटीएम के साथ मॉरीशस स्थित अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक सर्विस एंड इनोवेशन-एबीवीआईपीएसआई के मजबूत संस्थागत संबंधों को विकसित करना रहा। इसमें संयुक्त कार्यक्रम डिजाइन, संकाय और प्रशिक्षण क्षमता विकास, विशेषज्ञता आदान-प्रदान, एक्सपोजर कार्यक्रम (व्यावहारिक शिक्षण या प्रशिक्षण), प्रशिक्षण पद्धति साझाकरण, केस स्टडीज (व्यक्ति, समूह, संस्था या घटना का वास्तविक जीवन संदर्भ में गहन और विस्तृत अध्ययन) और संयुक्त अनुसंधान शामिल हैं।

डॉ. सिंह ने कहा कि हाल ही में आरंभ किया गया भारत सरकार का डिजिटल शिक्षण मंच :  इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग-आईगॉट कर्मयोगी, मॉरीशस के सरकारी कर्मचारियों के सतत डिजिटल शिक्षण और क्षमता विकास के लिए एक मजबूत आधार प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय और मॉरीशस के संस्थान मिलकर शिक्षण तौर-तरीके विकसित कर सकते हैं, सामग्री का संकलन कर सकते हैं और मॉरीशस के शासन के अनुभवों और केस स्टडी को देश की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण संसाधनों में शामिल कर सकते हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह की मॉरीशस के लोक सेवा एवं प्रशासनिक सुधार मंत्री के साथ बैठक में भारत सरकार और मॉरीशस के वरिष्ठ अधिकारियों, अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक सर्विस एंड इनोवेशन के प्रतिनिधियों और भारत में मॉरीशस की उच्चायुक्त श्रीमती शीला बप्पू ने भाग लिया। इसमें मुख्य रूप से लोक प्रशासन में सहयोग बढ़ाने, क्षमता विकास, प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा और लोक सेवा नवाचार पर चर्चा हुई।

बैठक में पारंपरिक सिविल सेवा प्रशिक्षण से आगे बढ़कर व्यापक व्यावसायिक क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान-आईआईपीए ने सार्वजनिक प्रशासन, शासन, नेतृत्व और सार्वजनिक नीति क्षेत्र में अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्यक्रमों के लिए एबीवीआईपीएसआई के साथ सहयोग का प्रस्ताव रखा है। इसके अतिरिक्त, एबीवीआईपीएसआई के शिक्षकों और कर्मचारियों के क्षमता विकास और मॉरीशस के वैज्ञानिक और तकनीकी अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान ने संयुक्त अनुसंधान और परामर्श, सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन, संकाय और शोधकर्ताओं के क्षमतावर्धन, ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और मॉड्यूल विकसित करने और संकाय एवं कर्मचारी आदान-प्रदान सहयोग का प्रस्ताव भी रखा है। एलबीएसएनएए ने मॉरीशस के सिविल सेवकों के लिए उपयुक्त मध्य-करियर और सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने और मॉरीशस की क्षमता विकास आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्रमों के संयुक्त डिजाइन का प्रस्ताव रखा है।

श्री लुचमनाह राज पेंटियाह ने भारत के निरंतर समर्थन का स्वागत किया और मॉरीशस के साथ उसका संस्थागत सहयोग और विस्तारित करने की इच्छा जताई। उन्होंने राष्ट्रीय सुशासन केंद्र -एनसीजीजी के टीम के मॉरीशस का दौरा करने का प्रस्ताव रखा जिससे वहां प्रशिक्षकों और मॉरीशस के सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्राप्त करने और कर्मयोगी भारत मंच के अधिक प्रभावी उपयोग में मदद मिले। उन्होंने कहा कि चार मिशनों द्वारा मॉरीशस के 85 अधिकारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने मॉरीशस में आगे अन्य प्रशिक्षण आयोजनों के प्रति सहयोग तत्परता व्यक्त की।

श्री पेंटियाह ने हिंद महासागर और पूर्वी अफ्रीकी क्षेत्र के लिए सार्वजनिक सेवा शिक्षण और नवाचार उत्कृष्टता केंद्र के रूप में एबीवीआईपीएसआई के विकास में भारत के निरंतर समर्थन का अनुरोध किया। उन्होंने मॉरीशस द्वारा प्रस्तावित सुशासन और प्रबंधन पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारतीय संस्थानों को आमंत्रित किया और उनके साथ गहन शैक्षणिक और संस्थागत संबंध स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की।

दोनों पक्षों ने समुद्रजनित अर्थव्यवस्था, समुद्री प्रौद्योगिकी, मत्स्य ग्रहण, विलवणीकरण और सतत विकास सहित दोनों देशों से संबंधित उभरते क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने कहा कि इन क्षेत्रों में विशेष क्षमता विकास कार्यक्रम, विशेषज्ञ आदान-प्रदान और संयुक्त शिक्षण पहल भारत-मॉरीशस सहयोग के नए मार्ग खोल सकते हैं।

बातचीत में सार्वजनिक प्रशासन और क्षमता विकास में भारत-मॉरीशस सहयोग को मजबूत संस्थागत साझेदारी और सतत प्रशिक्षण गतिविधियों द्वारा उच्च स्तर पर ले जाने की साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। यह साझेदारी 500 अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम, एबीवीआईपीएसआई, आईगॉट कर्मयोगी मॉरीशस तथा मॉरीशस और भारतीय प्रशिक्षण संस्थानों के बीच उभरते संबंधों पर आधारित होगी, जिसका मुख्य उद्देश्य दीर्घकालिक सार्वजनिक सेवा क्षमता विकास तथा ज्ञान, अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं के निरंतर आदान-प्रदान का ढांचा तैयार करना है।

 

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पीके/केसी/एकेवी/एमपी


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