सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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"मिशन ज़ीरो - स्वच्छता कर्मियों की काम के दौरान होने वाली मौतों पर पूर्ण नियंत्रण" विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला


माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के दृष्टिकोण के तहत सफाई कर्मियों की काम के दौरान होने वाली मौतों को शून्य तक लाना एक मुख्य राष्ट्रीय प्राथमिकता; सुरक्षित, व्यवस्थित और सम्मानजनक स्वच्छता सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण की आवश्यकता: सचिव सुधांश पंत

सफ़ाई कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए मशीनीकरण को बढ़ावा देने और काम से जुड़ी सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के अवसर सुनिश्चित करने के लिए 'नमस्ते' और 'गरिमा' योजनाएँ

प्रविष्टि तिथि: 22 AUG 2026 5:07PM by PIB Delhi

देश भर के शहरों में संस्थागत तंत्र को मजबूत करने, उपयुक्त तकनीकों को बढ़ावा देने, परिचालन तैयारियों को सुनिश्चित करने और मशीनीकृत स्वच्छता सेवाओं का विस्तार करने के एक भाग के रूप में, आज ओडिशा के भुवनेश्वर में मिशन ज़ीरो: स्वच्छता कर्मियों की काम के दौरान होने वाली मौतों पर पूर्ण नियंत्रण" विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई।

इस कार्यशाला में ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत; ओडिशा सरकार की मुख्य सचिव श्रीमती अनु गर्ग; ओडिशा सरकार के आवासन एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती उषा पाढ़ी; सीपीएचईईओ के सलाहकार श्री वी. के. चौरसिया; डब्ल्यूएटीसीओ (वैटको) के प्रबंध निदेशक श्री देबब्रत मोहंती; 'नमस्ते' योजना के कार्यान्वयन की नोडल एजेंसी एनएसकेएफडीसी के प्रबंध निदेशक श्री प्रभात कुमार सिंह; यूएमसी से सुश्री मेघना मल्होत्रा और श्री ज़ेरक्सेस राव; भुवनेश्वर नगर निगम के आयुक्त श्री चंचल राणा (आईएएस) तथा पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम के आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी (आईएएस) शामिल थे।

वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, शहरी स्थानीय निकायों, स्वच्छता-क्षेत्र के विशेषज्ञों, निर्माताओं, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, नागरिक समाज संगठनों और स्वच्छता कार्यकर्ताओं ने एक सुरक्षित, सम्मानजनक और पूरी तरह से मशीनीकृत स्वच्छता इकोसिस्टम बनाने विचार-विमर्श किया।

कार्यशाला में स्वच्छता कार्य में शून्य मौतों के व्यापक उद्देश्य के साथ, संस्थागत तंत्र को मजबूत करने, उपयुक्त तकनीकों को बढ़ावा देने, परिचालन तैयारियों को सुनिश्चित करने और शहरों में मशीनीकृत  स्वच्छता सेवाओं का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

मीडिया से बात करते हुए, श्री सुधांश पंत ने दोहराया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के दृष्टिकोण के तहत स्वच्छता कार्य में शून्य मौतें हासिल करना एक प्रमुख राष्ट्रीय प्राथमिकता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्वच्छता सेवाएँ सुरक्षित, व्यवस्थित और सम्मानजनक तरीके से दी जाएँ, इसके लिए पूरी सरकार को मिलकर काम करने की ज़रूरत है।

वीडियो क्लिप्स

National Workshop on Mission Zero Ending Fatalities in Sanitation Work 1

National Workshop on Mission Zero – Ending Fatalities in Sanitation Work 2

विभिन्न हितधारकों की भागीदारी ने खतरनाक रूप से हाथों से की जाने वाली सफाई की प्रथाओं को समाप्त करने के लिए सरकारों, शहरी स्थानीय निकायों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और समुदायों के बीच समन्वित कार्रवाई के महत्व को रेखांकित किया।

कार्यशाला ने एक सुरक्षित, सम्मानजनक, प्रौद्योगिकी-संचालित और संवहनीय स्वच्छता इकोसिस्टम तैयार करने के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसमें सफाई का काम करते समय किसी भी सफाई कर्मचारी की जान न जाए।

मिशन ज़ीरो दृष्टिकोण मशीनीकरण, संस्थागत तैयारी, श्रमिक सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका समर्थन के माध्यम से स्वच्छता कार्य को बदलने का प्रयास करता है, जिससे देश भर में स्वच्छता कार्य में शून्य मृत्यु दर का मार्ग प्रशस्त होता है।

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पीके/केसी/एसके/एसएस


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