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भारत और एशियाई विकास बैंक ने चेन्नई में जल आपूर्ति और स्वच्छता अवसंरचना के आधुनिकीकरण के लिए 230 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए


चेन्नई जलवायु-अनुकूल जल सुरक्षा और सीवरेज परियोजना शहर की जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य व जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेगी तथा आर्थिक रूप से सुदृढ़ शहरी जल प्रणाली के विकास को बढ़ावा देगी

अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 और अर्बन चैलेंज फंड के तहत प्रमुख शहरी विकास पहलों के अनुरूप, इस योजना से सुरक्षित और न्यायसंगत जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन सेवाओं तक पहुंच को व्यापक बनाने में मदद मिलेगी

प्रविष्टि तिथि: 21 AUG 2026 1:59PM by PIB Delhi

केंद्र सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने आज चेन्नई की जल आपूर्ति और स्वच्छता अवसंरचना के आधुनिकीकरण तथा विस्तार के लिए 230 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।

सरकार ने एडीबी के साथ इस ऋण समझौते को अंतिम रूप देने के लिए आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्त सचिव (एडीबी और जापान) श्री बलदेव पुरुषार्थ के नेतृत्व में बातचीत की।

सरकार की ओर से आर्थिक मामलों के विभाग के उप सचिव श्री सौरभ सिंह और एडीबी की ओर से भारत स्थित रेजिडेंट मिशन की कंट्री डायरेक्टर सुश्री मियो ओका ने ऋण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए।

चेन्नई जलवायु-अनुकूल जल सुरक्षा और सीवरेज परियोजना से शहर भर में सुरक्षित और विश्वसनीय जल आपूर्ति और बेहतर स्वच्छता सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी। यह परियोजना शहर की जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करेगी तथा अधिक कुशल, टिकाऊ और आर्थिक रूप से सुदृढ़ शहरी जल प्रणाली के विकास को बढ़ावा देगी।

एडीबी का यह नवीनतम निवेश शहर में सुरक्षित और न्यायसंगत जल और अपशिष्ट प्रबंधन सेवाओं तक पहुंच का विस्तार करने के लिए पहले की परियोजनाओं पर आधारित है, जो भारत सरकार के प्रमुख शहरी विकास हस्तक्षेपों, जैसे कि अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 और अर्बन चैलेंज फंड के अनुरूप है।

इस परियोजना के तहत 170 किलोमीटर से अधिक जल आपूर्ति और सीवर पाइपों का निर्माण किया जाएगा, सात जल पंपिंग स्टेशनों और 38 सीवर पंपिंग स्टेशनों का उन्नयन किया जाएगा और प्रदर्शन-आधारित अनुबंधों के माध्यम से जल उपयोगिता परिसंपत्तियों और संचालन प्रबंधन को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके साथ ही, चेन्नई व्यापक रिंग-मेन समाधान लागू करने वाला पहला भारतीय शहर बन जाएगा। यह एक बंद-लूप प्लंबिंग प्रणाली है जिसे संतुलित जल दाब बनाए रखने और सेवा क्षेत्रों में कुशलतापूर्वक जल आपूर्ति करने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे शहरी जल आपूर्ति प्रणाली की विश्वसनीयता, समानता और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की क्षमता में वृद्धि होगी।

एडीबी सीधी निगरानी, डेटा-आधारित निर्णय लेने और प्रभावी ग्राहक प्रतिक्रिया के माध्यम से जल एवं स्वच्छता सेवाओं के डिजिटल रूपांतरण में सहायता करेगा। परियोजना के तहत उन्नत तकनीकों का उपयोग कर खतरनाक मैनुअल सीवर निरीक्षण को समाप्त किया जाएगा, अवरोधों की पहचान को अधिक तेज और सुरक्षित बनाया जाएगा, श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी तथा ग्रेटर चेन्नई के कम से कम दो क्षेत्रों में वितरण नेटवर्क को भविष्य के निवेशों के लिए अधिक सक्षम और तैयार बनाया जाएगा।

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पीके/केसी/बीयू/एम


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