वित्‍त मंत्रालय
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डीएफएस ने सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों में आरक्षण नीति को अमल में लाने को सुदृढ़ करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया


पीएसबी, पीएसआईसी, नियामकों और पीएफआई के 100 से अधिक वरिष्ठ एचआर अधिकारियों और मुख्य संपर्क अधिकारियों दो दिवसीय कार्यशाला में हिस्सा लेंगे

प्रविष्टि तिथि: 20 AUG 2026 6:18PM by PIB Delhi

भारत सरकार में वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) की ओर से 20-21 अगस्त 2026 को बेंगलुरु स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ कॉलेज में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी), सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों (पीएसआईसी), क्षेत्र संबंधी नियामकों और सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों (पीएफआई) में भारत सरकार की आरक्षण नीति के कार्यान्वयन पर एक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के दूसरे दिन दिव्यांगजनों के लिए वित्तीय सेवाओं की सरलता बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।

यह कार्यशाला यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य आरक्षण नीतियों के एकसमान और प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने और सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों में कल्याणकारी उपायों को प्रोत्साहन देने के लिए संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना है।

पहले दिन कार्यशाला में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए), भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के वरिष्ठ मानव संसाधन अधिकारी और सीएलओ, साथ ही सभी 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, 7 सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियां और 7 सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थान से जुड़े सदस्य भी शामिल थे।

आरक्षण संबंधी मामलों के विशेषज्ञ विशेषज्ञों ने कार्यशाला को संबोधित किया, और विचार-विमर्श में आरक्षण नीति के कार्यान्वयन में आने वाली व्यावहारिक पहलुओं और समस्याओं पर एक गोलमेज सम्मेलन भी शामिल था। दिन का समापन एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों को वित्तीय सेवा प्रणाली में आरक्षण नीतियों के एकसमान कार्यान्वयन के लिए कार्यवाही योग्य इस्तेमाल पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिला।

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पीके/केसी/एमएम/एसएस


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