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सरकार ने अनुसूचित जाति और जनजातीय छात्रों के लिए आवासीय शिक्षा और छात्रावास सुविधाओं को मजबूत किया


पीएम-अजय के अंतर्गत हैदराबाद में 500 सीटों की क्षमता वाले दो एससी छात्रावास स्वीकृत

तेलंगाना के सभी 23 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय संचालित, 10,199 छात्रों को लाभ

प्रविष्टि तिथि: 19 AUG 2026 6:10PM by PIB Delhi

केंद्र सरकार विभिन्न केंद्रीय क्षेत्र और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से अनुसूचित जाति और जनजातीय समुदायों से संबंधित छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा और छात्रावास सुविधाओं तक पहुंच को लगातार मजबूत कर रही है।

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के छात्रावास घटक के अंतर्गत अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए नए छात्रावासों के निर्माण हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रस्तावों को आवश्यकता-आकलन सर्वेक्षणों तथा राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और केंद्रीय विश्वविद्यालयों से प्राप्त सिफारिशों के आधार पर मंजूरी दी जाती है।

पिछले पांच वर्षों के दौरान तेलंगाना के हैदराबाद में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए दो छात्रावास—एक लड़कों और एक लड़कियों के लिए—स्वीकृत किए गए हैं। इन छात्रावासों की संयुक्त क्षमता 500 सीटों की है और इनके निर्माण के लिए साढ़े 7 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

वर्त्तमान पीएम-अजय दिशा-निर्देशों के अंतर्गत नए छात्रावासों के निर्माण के लिए नए प्रस्तावों पर विचार किया जाता है। वर्त्तमान एससी छात्रावासों के उन्नयन या विस्तार के लिए इसमें कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि योजना केअंतर्गत स्वीकृत और संचालित छात्रावासों की मरम्मत के लिए उनके संचालन में आने के पांच वर्ष बाद एक बार केंद्रीय सहायता प्राप्त की जा सकती है।

सरकार लक्षित क्षेत्रों में उच्च विद्यालयों में छात्रों के लिए आवासीय शिक्षा योजना (श्रेष्ठ) भी लागू कर रही है। इसका उद्देश्य मेधावी अनुसूचित जाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराना है। यह योजना दो माध्यमों से संचालित होती है। पहले माध्यम के अंतर्गत सीबीएसई या राज्य बोर्डों से संबद्ध निजी आवासीय विद्यालयों की फीस की प्रतिपूर्ति की जाती है। दूसरे माध्यम के अंतर्गत अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए आवासीय और गैर-आवासीय विद्यालय तथा छात्रावास चलाने हेतु गैर-सरकारी संगठनों और स्वैच्छिक संगठनों को सहायता अनुदान दिया जाता है।

जनजातीय छात्रों के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) की केंद्रीय क्षेत्र योजना लागू कर रहा है। इन विद्यालयों में जनजातीय लड़कों और लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा प्रदान की जाती है और इन्हें पात्र जनजातीय बहुल ब्लॉकों में स्थापित किया जाता है।

देशभर में कुल 728 ईएमआरएस स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 508 संचालित हैं। तेलंगाना में स्वीकृत सभी 23 ईएमआरएस संचालित हैं और शैक्षणिक सत्र 2025–26 के दौरान इनमें 10,199 छात्र नामांकित थे।

सीबीएसई से संबद्ध ईएमआरएस ने 2025–26 के दौरान स्कूल गुणवत्ता मूल्यांकन और आश्वासन रूपरेखा  के अंतर्गत स्व-मूल्यांकन पूरा किया। इस रूपरेखा के अंतर्गत विद्यालयों का मूल्यांकन सात क्षेत्रों में किया जाता है—पाठ्यक्रम, शिक्षण-पद्धति और मूल्यांकन; बुनियादी ढांचा; मानव संसाधन; समावेशी प्रथाएं; प्रबंधन और शासन; नेतृत्व; तथा लाभार्थी संतुष्टि।

पीएम-अजय के कार्यान्वयन की निगरानी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सम्मेलनों, चिंतन शिविरों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मासिक समीक्षा तथा केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर गठित समितियों के माध्यम से की जाती है।

ईएमआरएस के संचालन की निगरानी राष्ट्रीय जनजातीय छात्र शिक्षा सोसायटी राज्य ईएमआरएस सोसायटियों और जिला स्तरीय ईएमआरएस समितियों के माध्यम से की जाती है। प्रबंधन, जवाबदेही और समय पर धनराशि उपलब्ध कराने को मजबूत करने के लिए केंद्रीकृत भर्ती, संचालन संबंधी दिशा-निर्देश, क्षमता निर्माण कार्यक्रम और विद्यालयों को आवर्ती अनुदान सीधे जारी करने की व्यवस्था भी लागू की गई है।

इन पहलों के माध्यम से सरकार शैक्षिक अवसरों का विस्तार करने, आवासीय बुनियादी ढांचे में सुधार करने और वंचित समुदायों के छात्रों को सहयोगपूर्ण वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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पीके/केसी/एसके/डीए

 


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