इस्‍पात मंत्रालय
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सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने और डी-कार्बोनाइजेशन प्रयासों को गति देने के लिए लॉन्च किया 'CO₂ डैशबोर्ड'

डैशबोर्ड संयंत्र और शॉप स्तर पर दैनिक आधार पर कार्बन उत्सर्जन की निगरानी, विश्लेषण और सुधारात्मक उपाय करने में मदद करेगा

प्रविष्टि तिथि: 19 AUG 2026 6:35PM by PIB Raipur

स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) ने अपने डी-कार्बोनाइजेशन प्रयासों को गति देने तथा सतत परिचालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बीएसपी एवं चंद्रपुर फेरो एलॉय प्लांट (CFP), चंद्रपुर के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए 'CO₂ डैशबोर्ड' का शुभारंभ किया है। 18 अगस्त 2026 को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्तरंजन महापात्र द्वारा इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का आधिकारिक उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (सीएफपी चंद्रपुर) श्री पी मुरुगेसन, कार्यपालक निदेशक (ईएमडी, कोलकाता) श्री राजीव पांडेय सहित बीएसपी, सीएफपी एवं ईएमडी-कोलकाता के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यह CO₂ डैशबोर्ड पर्यावरण प्रबंधन प्रभाग (EMD, कोलकाता) द्वारा नियुक्त कंसलटेंट मेसर्स सेंट्रा वर्ल्ड के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य संयंत्र एवं विभिन्न उत्पादन शॉप स्तरों पर होने वाले दैनिक कार्बन उत्सर्जन की सटीक निगरानी और विश्लेषण को सक्षम बनाना है। इस प्रणाली के माध्यम से उत्सर्जन की स्थिति का निरंतर आकलन किया जा सकेगा तथा किसी भी विसंगति की समय रहते पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे, जिससे परिचालन दक्षता में वृद्धि के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में प्रभावी कमी लाई जा सकेगी।

यह डिजिटल प्लेटफॉर्म वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन (WSA) पद्धति, जीएचजी प्रोटोकॉल और कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) जैसे अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्सर्जन का आकलन करने में सक्षम है। भारत में विकसित हो रहे कार्बन बाजार तंत्र और कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS) के परिप्रेक्ष्य में यह डैशबोर्ड सेल (SAIL) को अपने निर्धारित उत्सर्जन-तीव्रता लक्ष्यों को प्राप्त करने और कार्बन बाजार से जुड़ी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयारी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके अतिरिक्त, उत्पाद एवं शॉप स्तर पर उत्सर्जन की निगरानी से अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में सेल के उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान निदेशक प्रभारी श्री चित्तरंजन महापात्र ने कहा कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाना केवल एक नियामकीय बाध्यता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत भविष्य के निर्माण हेतु हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार, कार्यपालक निदेशक (सीएफपी चंद्रपुर) श्री पी मुरुगेसन और कार्यपालक निदेशक (ईएमडी कोलकाता) श्री राजीव पांडेय ने अपने संबोधन में प्रक्रिया दक्षता, तकनीकी मानकों के कड़े पालन और डेटा-आधारित कार्बन प्रबंधन के महत्व पर बल दिया। सुश्री अजंता सेनगुप्ता ने बताया कि यह पहल सेल अध्यक्ष के उस दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसके तहत शीर्ष प्रबंधन के लिए एक सरल और पारदर्शी प्लेटफॉर्म विकसित करने का लक्ष्य रखा गया था। कार्यक्रम का कुशल संचालन महाप्रबंधक (पर्यावरण प्रबंधन) श्री के. प्रवीण द्वारा किया गया।
 

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