जनजातीय कार्य मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

पश्चिम बंगाल में जनजातीय लोगों के लिए योजनाएं

प्रविष्टि तिथि: 13 AUG 2026 2:11PM by PIB Delhi

पीएम-जनमन के अंतर्गत पश्चिम बंगाल राज्य में उपायों की प्रगति (दिनांक 30.06.2026 तक) का विवरण संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा प्रदत्त जानकारी के आधार पर, निम्नानुसार है:

ग्रामीण विकास मंत्रालय (पीएमएवाई-जी)

ग्रामीण विकास मंत्रालय (पीएमजीएसवाई)

जल शक्ति मंत्रालय (जल जीवन मिशन)

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एनआरएचएम)

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (पोषण 2.0)

शिक्षा मंत्रालय (सर्व शिक्षा अभियान)

आवास स्वीकृत (आवास)

पूर्ण

(आवास)

सड़क स्वीकृत (किमी. में)

पूर्ण (किमी. में)

स्वीकृत गांव

संतृप्त गांव

स्वीकृत एवं संचालित सचल चिकित्सा इकाई (एमएमयू)

स्वीकृत आंगनवाड़ी केंद्र (एडब्ल्यूसी)

संचालित आंगनवाड़ी केंद्र (एडब्ल्यूसी)

स्वीकृत (संख्या)

कार्य पूर्ण (संख्या)

-

-

-

-

418

86

16

-

-

-

-

 

विद्युत मंत्रालय (आरडीएसएस)

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई)

संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग-यूएसओएफ)

जनजातीय कार्य मंत्रालय

स्वीकृत आवास

विद्युतीकृत आवास

स्वीकृत आवास

विद्युतीकृत आवास

कवरेज हेतु नियोजित बस्तियां

कवर की गई बस्तियां

स्वीकृत बहुउद्देशीय केंद्र (एमपीसी)

पूर्ण बहुउद्देशीय केंद्र (एमपीसी)

स्वीकृत वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके)

व्यवसाय प्रारंभ किया गया

3372

3372

-

-

12

3

-

-

5

-

संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में (30.06.2026 तक) पीएम जनमन के तहत उपायों की प्रगति का विवरण इस प्रकार हैः

जिले का नाम

पुरुलिया

जल शक्ति मंत्रालय

स्वीकृत गांवों की संख्या

5

संतृप्त गाँवों की संख्या

0

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

एमएमयू स्वीकृत और संचालित

3

जनजातीय कार्य मंत्रालय

स्वीकृत वीडीवीके की संख्या

1

व्यवसाय शुरू किए गए वीडीवीके की संख्या

0

चालू वित्त वर्ष के दौरान, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए जेजीयूए) के तहत, मंत्रालय ने इस अभियान के तहत जनजातीय कार्य मंत्रालय घटकों के लिए पश्चिम बंगाल राज्य में 12574.70 लाख रुपये की राशि की परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी है। पुरुलिया जिले के संबंध में, निम्नलिखित के लिए मंजूरी दी गई हैः

  1. 2,417.3 लाख रुपये की राशि (लागत) से 204 अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण;
  2. एक (1) छात्रावास मरम्मत/नवीनीकरण कार्य जिसकी राशि (लागत) 39.99 लाख रुपये है; और
  3. 100 लाख रुपये की राशि (लागत) से एक (1) जनजातीय बहुउद्देशीय विपणन केंद्र (टीएमएमसी)

राज्य सरकार ने पीएम जनमन के तहत गांवों और बस्तियों में रहने वाली पीवीटीजी आबादी को कवर करने के लिए पीवीटीजी जनसंख्या के आंकड़ों और बुनियादी ढांचे के अंतराल का अनुमान लगाने के लिए पीएम गति शक्ति मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से बस्ती स्तर का डेटा संग्रह करने का कार्य शुरू किया था। पश्चिम बंगाल राज्य में पहचानी गई पीवीटीजी बस्तियों (अनंतिम) और पीवीटीजी आबादी की संख्या का विवरण नीचे सारणीबद्ध किया गया हैः

जिले की संख्या

ब्लॉकों की संख्या

गांवों की संख्या

पीवीटीजी बस्तियों की संख्या

पीवीटीजी परिवार (आवास)

पीवीटीजी जनसंख्या

4

24

428

495

19991

68720

 

मंत्रालय नियमित रूप से पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के साथ पीएम जनमन के तहत गतिविधियों के कार्यान्वयन का मुद्दा उठाता रहा है।

इसके अलावा, पश्चिम बंगाल राज्य में भी पीवीटीजी घरेलू सर्वेक्षण जारी है और राज्य सरकार ने 18173 पीवीटीजी परिवारों का सर्वेक्षण किया है। राज्य सरकार को एकत्रित आंकड़ों की जांच करने और पहचाने गए अंतराल को दूर करने के लिए योजनाओं के मानदंडों और पात्रता मानदंडों की शर्तों के अनुसार संबंधित विभागों के साथ परामर्श करके उचित कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

जिलों को निधियों के आवंटन और जारी करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। इसलिए, आवंटित, जारी और उपयोग की गई निधियों के जिले-वार रिकॉर्ड का अनुरक्षण राज्य सरकार द्वारा किया जाता है।

प्रस्ताव तैयार करना और प्रस्तुत करना राज्य सरकार और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार ने पुरुलिया जिले सहित एमपीसी के लिए जनजातीय कार्य मंत्रालय को कोई प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किया था। हालांकि, जनजातीय कार्य मंत्रालय ने प्रस्तावों को तैयार करने और उस पर प्रगति को सुविधाजनक बनाने के लिए राज्य सरकारों के अधिकारियों के लिए पीएम जनमन और डीए जेजीयूए सहित जनजातीय कार्य मंत्रालय की योजनाओं पर एक अभिविन्यास कार्यक्रम चलाया है।

जनजातीय कार्य राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एसकेएस/एसके


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