विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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सीएसआईआर-सीआरआरआई ने राजस्थान सरकार के समक्ष स्वदेशी एमएसएस+ सड़क प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन किया


मुख्य सचिव ने नवोन्मेषी कम-उत्सर्जन सड़क निर्माण एवं अनुरक्षण प्रौद्योगिकी की समीक्षा की; जयपुर शहर की सड़क पर किया गया लाइव प्रदर्शन

प्रविष्टि तिथि: 08 AUG 2026 5:12PM by PIB Delhi

जयपुर, 7 अगस्त 2026: सतत, किफायती तथा पर्यावरण-अनुकूल सड़क निर्माण एवं अनुरक्षण प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआरआई), नई दिल्ली ने राजस्थान सचिवालय में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, आईएएस के समक्ष अपनी स्वदेशी रूप से विकसित मॉडिफाइड मिक्स सील सरफेसिंग प्लस (एमएसएस+) प्रौद्योगिकी प्रस्तुत की।

तकनीकी प्रस्तुति सीएसआईआर-सीआरआरआई के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं फ्लेक्सिबल पेवमेंट प्रभाग के प्रमुख श्री सतीश पांडेय द्वारा राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव के समक्ष दी गई। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री प्रवीण गुप्ता, आईएएस, राजस्थान लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री डी. आर. मेघवाल, मुख्य अभियंता (सड़क) श्री मुकेश भाटी तथा राजस्थान सरकार के लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

यह प्रस्तुति भारत सरकार के वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की महानिदेशक तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) की सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी की पहल के अनुसरण में आयोजित की गई। उन्होंने राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर राज्य में सतत सड़क अवसंरचना विकास के लिए सीएसआईआर-सीआरआरआई की स्वदेशी हरित सड़क प्रौद्योगिकियों पर विचार करने का अनुरोध किया था। यह पहल स्वदेशी अनुसंधान के माध्यम से विकसित नवोन्मेषी, निम्न-कार्बन तथा पर्यावरणीय दृष्टि से उत्तरदायी प्रौद्योगिकियों को अपनाने में राज्य सरकारों को सहयोग प्रदान करने के प्रति सीएसआईआर की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रस्तुति के दौरान श्री पांडेय ने एमएसएस+ प्रौद्योगिकी के वैज्ञानिक आधार, क्षेत्रीय प्रदर्शन, आर्थिक लाभ तथा पर्यावरणीय फायदों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रौद्योगिकी सड़क पेवमेंट की आयु बढ़ाने के साथ-साथ निर्माण से होने वाले उत्सर्जन, ऊर्जा खपत तथा अनुरक्षण लागत को उल्लेखनीय रूप से कम करने में सक्षम है।

तकनीकी प्रस्तुति के उपरांत सीएसआईआर-सीआरआरआई ने एमएसएस+ स्मार्ट मिक्स प्रो ऑटोमैटिक प्लांट का उपयोग करते हुए जयपुर शहर की एक सड़क पर लाइव प्रदर्शन किया। यह मॉडिफाइड मिक्स सील सरफेसिंग के लिए विशेष रूप से अभिकल्पित भारत का पहला स्वदेशी स्वचालित मोबाइल मिक्सिंग प्लांट है। सीएसआईआर-सीआरआरआई द्वारा विकसित यह अत्याधुनिक प्लांट सामग्री के स्वचालित अनुपात निर्धारण एवं मिश्रण को सक्षम बनाता है, एकसमान गुणवत्ता सुनिश्चित करता है, सामग्री की बर्बादी को न्यूनतम करता है, मानवीय हस्तक्षेप को कम करता है तथा सड़क निर्माण एवं अनुरक्षण कार्यों की गति और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि करता है।

लाइव प्रदर्शन के दौरान इस स्वदेशी प्रौद्योगिकी के आसान क्रियान्वयन, तीव्र निर्माण पद्धति, सतह की गुणवत्ता तथा परिचालन दक्षता का प्रदर्शन किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने राजस्थान में सड़क अनुरक्षण कार्यों की गुणवत्ता, टिकाऊपन तथा सततता को बढ़ाने में एमएसएस+ प्रौद्योगिकी की संभावनाओं की सराहना की।

सीएसआईआर-सीआरआरआई द्वारा प्रदर्शित तकनीकी नवाचार की सराहना करते हुए राजस्थान सरकार के लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री प्रवीण कुमार गुप्ता ने कहा:

"राजस्थान सरकार सड़क अवसंरचना की गुणवत्ता एवं दीर्घायु बढ़ाने वाली नवोन्मेषी, सतत तथा पर्यावरणीय दृष्टि से उत्तरदायी प्रौद्योगिकियों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सीएसआईआर-सीआरआरआई द्वारा विकसित एमएसएस+ प्रौद्योगिकी तथा स्मार्ट मिक्स प्रो ऑटोमैटिक प्लांट, तीव्र क्रियान्वयन, बेहतर गुणवत्ता नियंत्रण तथा कम पर्यावरणीय प्रभाव के माध्यम से निवारक सड़क अनुरक्षण के लिए एक आशाजनक समाधान प्रस्तुत करते हैं। हम राजस्थान में इसके उपयोग का मूल्यांकन करने के प्रति उत्सुक हैं, जिससे हमारे सड़क अनुरक्षण कार्यक्रमों की दक्षता एवं सततता को और बेहतर बनाया जा सके।"

इस अवसर पर श्री पांडेय ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को अवगत कराया कि:

एमएसएस+ प्रौद्योगिकी का उत्तर प्रदेश में 100 किलोमीटर से अधिक सड़कों पर सफलतापूर्वक कार्यान्वयन किया जा चुका है, जहाँ इसने उत्कृष्ट क्षेत्रीय प्रदर्शन, सड़क पेवमेंट के बेहतर टिकाऊपन तथा लागत-प्रभावी अनुरक्षण क्षमता का प्रदर्शन किया है। उत्तर प्रदेश में इस प्रौद्योगिकी के सफल उपयोग ने सरकारी सड़क विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत इसके बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन की क्षमता को सिद्ध किया है, जिससे यह सतत सड़क परिसंपत्ति प्रबंधन के लिए एक प्रमाणित स्वदेशी समाधान के रूप में स्थापित हुई है।

राजस्थान सरकार ने एमएसएस+ प्रौद्योगिकी की तकनीकी विशेषताओं तथा इसके कार्यान्वयन की संभावनाओं की सराहना की और राज्य के सड़क निर्माण एवं अनुरक्षण कार्यक्रमों में इसके व्यापक उपयोग के लिए इस प्रौद्योगिकी का मूल्यांकन करने में रुचि व्यक्त की।

सीएसआईआर-सीआरआरआई सतत अवसंरचना, संसाधन दक्षता तथा जलवायु-अनुकूल परिवहन प्रणालियों को बढ़ावा देने वाली उन्नत स्वदेशी सड़क प्रौद्योगिकियों के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, जिससे नवाचार-संचालित अवसंरचना विकास के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को साकार करने में योगदान मिल रहा है।

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पीके/केसी/पीके/एसएस


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