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सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने “लोकप्रिय विज्ञान लेखन” पर दो दिवसीय कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया और प्रतिभागियों को सामान्य जन तक विज्ञान का संचार करने के लिए प्रेरित किया

प्रविष्टि तिथि: 08 AUG 2026 5:10PM by PIB Delhi

नई दिल्ली, 8 अगस्त 2026: वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर), नई दिल्ली ने सीएसआईआर समेकित कौशल पहल (चरण-III) के अंतर्गत 6–7 अगस्त 2026 के दौरान लोकप्रिय विज्ञान लेखन पर दो दिवसीय कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, आईटी पेशेवरों तथा अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) कर्मियों के विज्ञान संचार और लेखन कौशल को सुदृढ़ करना था। देशभर से कुल 21 प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

लोकप्रिय विज्ञान लेखन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करती हुईं डॉ. गीता वाणी रायसम, निदेशक, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर

कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. गीता वाणी रायसम, निदेशक, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने किया। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और विज्ञान तथा समाज के बीच की खाई को पाटने के लिए प्रतिभागियों को वैज्ञानिक अनुसंधान को सरल, सटीक और रोचक तरीके से संप्रेषित करने के लिए प्रोत्साहित किया। श्री मुकेश ए. पुंड, प्रमुख, प्रशिक्षण प्रभाग, सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और वैज्ञानिक अनुसंधान के सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने में लोकप्रिय विज्ञान लेखन के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समन्वय सुश्री मीताली भारती, नोडल प्रधान अन्वेषक तथा श्री मोहम्मद सलीम अंसारी, सह-प्रधान अन्वेषक ने किया। डॉ. मनीष मोहन गोरे, पाठ्यक्रम समन्वयक ने कार्यक्रम का परिचय दिया और पूरे प्रशिक्षण के दौरान शैक्षणिक सत्रों का समन्वय किया।

कार्यक्रम में प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों द्वारा विशेषज्ञ व्याख्यान और व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। सुश्री नेहा त्रिपाठी ने लोकप्रिय विज्ञान लेखन की मूल बातें और रचनात्मक प्रारूप विषय पर व्याख्यान दिया। डॉ. बोर्नाली सरमा ने शोध-पत्र से लोकप्रिय विज्ञान की कहानी कैसे लिखें विषय पर सत्र लिया। डॉ. मतीउर रहमान ने सोशल मीडिया के लिए प्रभावशाली सामग्री तैयार करने में एआई का उपयोग विषय पर चर्चा की। एनडीटीवी के विज्ञान संपादक श्री पल्लव बागला ने डिजिटल मीडिया के लिए विज्ञान लेखन पर व्यावहारिक सत्र आयोजित किया। डॉ. मेहर वान, वैज्ञानिक-डी ने वैज्ञानिक अनुसंधान और कार्यक्रमों पर प्रेस विज्ञप्ति लिखने का कौशल विषय पर जानकारी दी। वहीं डॉ. मनीष मोहन गोरे ने लोकप्रिय विज्ञान लेखन में नैतिक पहलुओं और करियर के अवसरों पर चर्चा की।

कार्यक्रम में लोकप्रिय विज्ञान लेखन की विभिन्न विधाओं पर संवादात्मक चर्चाएँ और व्यावहारिक अभ्यास भी शामिल थे, जिससे प्रतिभागियों को विज्ञान को प्रभावी ढंग से संप्रेषित करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के व्यावहारिक दृष्टिकोण तथा अनुभवी विज्ञान संचारकों और मीडिया पेशेवरों के साथ संवाद के अवसर की सराहना की। प्रशिक्षण से उन्हें प्रभावी विज्ञान संचार, डिजिटल सामग्री निर्माण तथा विभिन्न प्रकार के पाठकों और दर्शकों के लिए विज्ञान लेखन की बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिली।

कार्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें श्री मुकेश ए. पुंड, प्रमुख, प्रशिक्षण प्रभाग ने प्रतिभागियों को संबोधित किया और कार्यक्रम दल के सदस्यों के साथ प्रमाण-पत्र वितरित किए। कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संपन्न होने से सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की कुशल विज्ञान संचारकों को विकसित करने तथा सीएसआईआर समेकित कौशल पहल के अंतर्गत क्षमता निर्माण पहलों के माध्यम से विज्ञान संचार में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पुनः रेखांकित हुई।

 

विशेषज्ञ व्याख्यानों, प्रतिभागियों के साथ संवाद तथा समापन समारोह के दौरान प्रमाण-पत्र वितरण की झलकियाँ

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पीके/केसी/एके/एसएस


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