कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय
आईईपीएफए ने एकीकृत आईईपीएफए पोर्टल 2.0 पर कंपनियों के नोडल अधिकारियों के साथ हितधारक सहभागिता का आयोजन किया
सहभागिता सत्र डिजिटल दावा प्रक्रिया, हितधारक सहयोग और उपयोगकर्ता-केंद्रित सुधारों को बढ़ावा देने पर केंद्रित
प्रविष्टि तिथि:
07 AUG 2026 6:33PM by PIB Delhi
निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण निधि प्राधिकरण (आईईपीएफए) ने, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (एनईजीडी) के सहयोग से, एकीकृत आईईपीएफए पोर्टल 2.0 पर कंपनियों के नोडल अधिकारियों के साथ एक हितधारक सहभागिता सत्र (Stakeholder Engagement Session) का आयोजन किया। यह सत्र नए पोर्टल के प्रस्तावित दावेदार (क्लेमेंट) और ई-सत्यापन रिपोर्ट (ईवीआर) मॉड्यूल का प्रदर्शन करने तथा इसके रोलआउट से पहले कंपनियों के नोडल अधिकारियों से मूल्यवान फीडबैक प्राप्त करने के लिए एक संवादात्मक मंच के रूप में कार्य करता है।

इस सत्र का नेतृत्व सुश्री अनीता शाह अकेला, सीईओ, आईईपीएफए और संयुक्त सचिव, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय ने किया, साथ ही आईईपीएफए के वरिष्ठ अधिकारी, एनईजीडी परियोजना टीम और कंपनियों के नोडल अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों को आधुनिकीकृत पोर्टल का विस्तृत परिदृश्य प्रदान किया गया, जो निवेशक दावा प्रक्रिया को सरल बनाने और परिचालन दक्षता में सुधार लाने के उद्देश्य से कई डिजिटल-फर्स्ट सुविधाएं प्रस्तुत करता है।
सत्र के दौरान प्रस्तुत की गई प्रमुख विशेषताओं में डिजिटल केवाईसी एकीकरण, पूर्व-भरा हुआ फॉर्म आईईपीएफ-5, एक हकदारी खोज सुविधा, ई-सत्यापन रिपोर्ट (ईवीआर) दाखिल करने के लिए एक सरलीकृत तीन-चरणीय कार्यप्रणाली, तथा अतिरिक्त (विलंब) शुल्क से संबंधित नियम 7(3) के प्रावधान शामिल थे। हितधारकों के साथ कार्यान्वयन रोडमैप भी साझा किया गया, जिसमें अगस्त 2026 में उपयोगकर्ता स्वीकृति परीक्षण (यूएटी), सितंबर में हितधारक प्रशिक्षण, अक्टूबर में पायलट कार्यान्वयन, तथा नवंबर 2026 में एकीकृत आईईपीएफए पोर्टल 2.0 के नियोजित शुरुआत की रूपरेखा दी गई।

कंपनियों के नोडल अधिकारियों ने चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने परिचालन अनुभव के आधार पर व्यावहारिक सुझाव साझा किए। सिफारिशों में कंपनी रिकॉर्ड के साथ आधार ईकेवाईसी पता सत्यापन, अधिकृत प्रतिनिधियों का अनिवार्य केवाईसी सत्यापन, हकदारी पत्र जारी करने से पहले एक व्यापक सत्यापन चेकलिस्ट, बल्क डीएससी और ईसाइन क्षमताएं, स्वीकृत आईईपीएफ फॉर्म-4 डेटा को ईवीआर मॉड्यूल में एकीकृत करना, एनएसई और बीएसई डेटा के आधार पर निम्नतम मूल्य के प्रयोग के साथ शेयर मूल्यांकन, तथा धोखाधड़ी रोकथाम उपाय के रूप में बार-बार पते में बदलाव की पहचान के लिए स्वचालित अलर्ट शामिल थे।
सत्र के दौरान प्राप्त सुझावों और सिफारिशों को पोर्टल को अंतिम रूप देते समय विचार हेतु एनईजीडी टीम के साथ साझा किया गया है। यह हितधारक सहभागिता, कंपनियों के नोडल अधिकारियों और अन्य हितधारकों के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से एकीकृत आईईपीएफए पोर्टल 2.0 को विकसित करने के आईईपीएफए के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। प्राधिकरण दावा निपटान को सरल बनाने, पारदर्शिता को मजबूत करने, सेवा वितरण में सुधार लाने तथा एक सुरक्षित, कुशल एवं निवेशक-केंद्रित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण हेतु प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन आईईपीएफए, निरंतर आउटरीच, निवेशक शिक्षा और रणनीतिक सहयोग के माध्यम से निवेशक जागरूकता और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। प्राधिकरण देश भर में कुशल दावा निपटान की सुविधा प्रदान करने और निवेशक सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रौद्योगिकी-सक्षम सुधारों और नागरिक-केंद्रित पहलों को शुरू करना जारी रखता है। अधिक जानकारी के लिए देखें: www.iepf.gov.in ।
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पीके / केसी / एमएम / डीए
(रिलीज़ आईडी: 2296389)
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