स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
परिवारों के स्वास्थ्य सेवा पर अपने पास से किए जाने वाले खर्च को कम करने के लिए उठाए गए कदम
एबी पीएम-जेएवाई के अंतर्गत 12 करोड़ से अधिक वंचित परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज
आयुष्मान वय वंदना के जरिये 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य कवरेज उपलब्ध कराया जा रहा है चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति कुछ भी हो
देशभर में व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए 1.87 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं
स्वास्थ्य सेवाओं पर अपने पास से होने वाले खर्च को कम करने के उद्देश्य से निःशुल्क दवा तथा निःशुल्क नैदानिक जांच पहल पूरे देश में लागू
सरकार एनएचएम, एबी पीएम-जेएवाई, पीएम-एबीएचआईएम तथा पीएमएसएसवाई के जरिये किफायती स्वास्थ्य सेवाओं का इकोसिस्टम मजबूत बना रही है
प्रविष्टि तिथि:
07 AUG 2026 5:19PM by PIB Delhi
परिवारों द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं पर अपने पास से किए जाने वाले खर्च को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें निःशुल्क एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का विस्तार, स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना तथा देशभर के परिवारों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना शामिल है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचएफडब्ल्यू) केन्द्र द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं तथा केन्द्रीय क्षेत्र की योजनाओं के जरिये राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों (यूटी) के प्रयासों को सहयोग प्रदान करते हुए देशभर में किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का कार्य कर रहा है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई), प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) तथा प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) जैसी प्रमुख योजनाओं को लागू कर रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत सरकार ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लक्ष्य की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत राज्य सरकारें लोगों को सुलभ एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहयोग प्रदान कर रही हैं। देशभर में 1.87 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) काम कर रहे हैं, जहां व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तारित श्रृंखला उपलब्ध कराई जा रही है। इन सेवाओं में निवारक, स्वास्थ्य संवर्धन, उपचारात्मक, उपशामक तथा पुनर्वास स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। इनके अंतर्गत प्रजनन एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की रोकथाम एवं उपचार के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी अनेक अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं।
राष्ट्रीय निःशुल्क औषधि सेवा पहल तथा राष्ट्रीय निःशुल्क नैदानिक जांच सेवा पहल देशभर में लागू की गई है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले मरीजों को आवश्यक दवाएं एवं नैदानिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें तथा स्वास्थ्य सेवा पर उनका अपने पास से होने वाला व्यय कम किया जा सके। इसके अंतर्गत राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिससे आयुष्मान आरोग्य मंदिर–उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर 113 दवाएं, आयुष्मान आरोग्य मंदिर–प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 179 दवाएं, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 301 दवाएं, उप-जिला अस्पतालों में 318 दवाएं तथा जिला अस्पतालों में 381 दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसके अलावा, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के अंतर्गत राज्य सरकारों के सहयोग से सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, चुनिंदा अस्पतालों एवं संस्थानों में उपचार हेतु किफायती दवाएं एवं विश्वसनीय प्रत्यारोपण (अमृत) फार्मेसी स्टोर भी स्थापित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के तहत भारत की आर्थिक रूप से कमजोर निचले 40 प्रतिशत आबादी से संबंधित 12 करोड़ से अधिक परिवारों को द्वितीयक एवं तृतीयक स्तर के अस्पताल में भर्ती उपचार के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान किया जाता है। एबी पीएम-जेएवाई लागू करने वाले राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों ने अपने संसाधनों से इस योजना के लाभार्थियों का दायरा और अधिक बढ़ाया है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार करते हुए 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों, जो 4.5 करोड़ परिवारों से संबंधित हैं, को 'वय वंदना कार्ड' के माध्यम से योजना के दायरे में शामिल किया गया है चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति कुछ भी हो।
यह जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/केपी/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2296245)
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