वस्त्र मंत्रालय
राष्ट्रपति 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में शामिल हुई
संत कबीर हथकरघा पुरस्कार और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए; भारतीय हथकरघा बुनाई पर आधारित स्मारक डाक टिकट जारी किए
हथकरघा क्षेत्र के सतत विकास के लिए नई प्रौद्योगिकियों का उचित उपयोग आवश्यक है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
प्रविष्टि तिथि:
07 AUG 2026 4:47PM by PIB Delhi
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र (आरबीसीसी) में 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में वर्ष 2025 के संत कबीर हथकरघा पुरस्कार और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए। यह समारोह देश की समृद्ध हथकरघा विरासत का उत्सव था। इसमें देश के उत्कृष्ट हथकरघा बुनकरों के कौशल और पारंपरिक बुनाई कला के संरक्षण और संवर्धन में उनके योगदान का सम्मान किया गया।
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, विदेश और वस्त्र राज्य मंत्री पबित्र मार्घेरिटा, वस्त्र सचिव नीलम शमी राव तथा विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना उपस्थित थीं। इसके अलावा संत कबीर हथकरघा पुरस्कार और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्राप्त करने वाले बुनकर, उनके परिवारजन, पुरस्कार चयन समिति के सदस्य, हथकरघा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, देशभर के बुनकर, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि तथा अन्य विशिष्ट अतिथि भी समारोह में शामिल हुए।
राष्ट्रपति ने वर्ष 2025 के लिए तीन संत कबीर हथकरघा पुरस्कार और 19 राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार उत्कृष्ट हथकरघा बुनकरों को उनके असाधारण कौशल, नवाचार तथा देश की समृद्ध हथकरघा परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन में योगदान के लिए प्रदान किए।
राष्ट्रपति ने कहा कि हथकरघा सदियों से देश की सभ्यता की विकास यात्रा का अभिन्न हिस्सा रहा है। यह देश की विविधता और क्षेत्रीय विशिष्टता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हथकरघा क्षेत्र रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, कला और संस्कृति के संरक्षण तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हथकरघा क्षेत्र के सतत विकास के लिए नई प्रौद्योगिकियों का उचित उपयोग आवश्यक है। आधुनिक डिजिटल समाधानों के माध्यम से बाजार तक पहुंच को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि तकनीक और नवीन डिजाइनों से लैस अनेक युवा उद्यमी इस क्षेत्र में आ रहे हैं। सरकार की योजनाओं और संस्थानों के माध्यम से युवाओं को सक्रिय सहयोग दिया जाना चाहिए, ताकि उनका उत्साह और कौशल इस क्षेत्र की दीर्घकालिक और बहुआयामी प्रगति सुनिश्चित कर सके। उन्होंने नई पीढ़ी को इस अमूल्य विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करने पर भी बल दिया।
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकार नीति समर्थन, प्रौद्योगिकी अपनाने, डिजाइन नवाचार, बाजार संवर्धन, कौशल विकास और बुनकर कल्याण संबंधी पहलों के माध्यम से हथकरघा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। विदेश और वस्त्र राज्य मंत्री पबित्र मार्घेरिटा ने कहा कि भारत के समृद्ध हथकरघा परंपरागत स्वरूप को संरक्षित रखते हुए नवाचार, युवाओं की भागीदारी और वैश्विक अवसरों का विस्तार इस क्षेत्र को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समारोह का प्रमुख आकर्षण भारतीय हथकरघा बुनाई पर आधारित चार स्मारक डाक टिकटों का राष्ट्रपति द्वारा विमोचन रहा। राष्ट्रपति ने वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय द्वारा प्रकाशित "अर्थ. रूट. थ्रेड – आल डाइड हैंडलूम टेक्सटाइल्स ऑफ सेंट्रल इंडिया" पुस्तक का भी लोकार्पण किया। यह प्रकाशन भारत की विविध बुनाई परंपराओं और हथकरघा क्षेत्र की उत्कृष्ट उपलब्धियों को रेखांकित करता है।
समारोह के साथ पुरस्कार प्राप्त हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। आगंतुकों ने पारंपरिक कानी बुनाई और वॉल हैंगिंग बुनाई का प्रदर्शन भी देखा। इसने देश की समृद्ध हथकरघा परंपराओं की विविधता, उत्कृष्ट शिल्पकला और कलात्मकता की झलक प्रस्तुत की।
हर वर्ष 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाता है। यह दिन वर्ष 1905 में शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में मनाया जाता है। इसने स्वदेशी उद्योगों और देश के हथकरघा क्षेत्र को नई दिशा और गति प्रदान की थी। वर्ष 2015 में 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस घोषित किए जाने के बाद से यह अवसर देश की सांस्कृतिक विरासत, आजीविका सृजन और सतत विकास में हथकरघा क्षेत्र के अमूल्य योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है।
12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह ने देश की समृद्ध हथकरघा विरासत के संरक्षण और संवर्धन के प्रति वस्त्र मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दोहराया। साथ ही, यह आयोजन देश के उन कुशल बुनकरों की प्रतिभा, रचनात्मकता और समर्पण का उत्सव भी रहा। इनकी शिल्पकला देश की सांस्कृतिक पहचान को निरंतर समृद्ध कर रही है।
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पीके/केसी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2296172)
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