सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
2024-25 के दौरान किए गए नए देशव्यापी सर्वेक्षण में हाथ से मैला उठाने वाला कोई व्यक्ति नहीं मिला
चिह्नित किए गए सभी 58,098 हाथ से मैला उठाने वालों को 40,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता मिल चुकी है
2023-24 से 2025-26 तक पुनर्वास पहलों के तहत 5,632 लाभार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया और 483 लाभार्थियों को पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की गई
जनवरी 2023 और जून 2026 के बीच सीवर और सेप्टिक टैंक की जोखिमपूर्ण सफाई के मामलों में 123 एफआईआर दर्ज की गईं
प्रविष्टि तिथि:
05 AUG 2026 6:41PM by PIB Delhi
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता इकोसिस्टम कार्य-योजना (नमस्ते) योजना के तहत निरंतर वित्तीय सहायता, कौशल विकास और आजीविका सहायता के माध्यम से हाथ से मैला उठाने की प्रथा के पूर्ण उन्मूलन और चिह्नित किए गए मैला उठाने वालों के पुनर्वास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने राज्यसभा में श्री जी.सी. चंद्रशेखर के प्रश्न के उत्तर में ये जानकारी दी। सदन को सूचित किया गया कि हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के अंतर्गत 2024-25 के दौरान किए गए एक नए देशव्यापी सर्वेक्षण में देश के किसी भी जिले में हाथ से मैला उठाने वाला कोई व्यक्ति नहीं मिला।
उन्होंने यह भी बताया कि 2013 और 2018 में हुए देशव्यापी सर्वेक्षण में 58,098 हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों को चिह्नित किया गया। सरकार के पुनर्वास प्रयासों के तहत, चिह्नित किए गए सभी मैला उठाने वाले कर्मियों को 40,000 रुपये की एकमुश्त नकद सहायता (ओटीसीए) प्रदान की है।

सदन को यह भी बताया गया कि हाथ से मैला उठाने वालों के पुनर्वास के लिए स्वरोजगार योजना (एसआरएमएस) के तहत पुनर्वास की पहल- जिसे अब जुलाई 2023 में शुरू की गई नमस्ते योजना में सम्मिलित किया गया है- से रोजगार के टिकाऊ अवसर मिल रहे हैं। 2023-24 से 2025-26 तक, 5,632 हाथ से मैला उठाने वालों और उनके आश्रितों ने कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त किया, जबकि 483 लाभार्थियों को वैकल्पिक स्वरोजगार के काम शुरू करने के लिए पूंजीगत सब्सिडी दी गई।
सीवर और सेप्टिक टैंक में होने वाली मौतों के मुद्दे पर, मंत्री महोदय ने सदन को सूचित किया कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जनवरी 2023 से 30 जून 2026 के बीच सीवर और सेप्टिक टैंक की जोखिमपूर्ण सफाई के कारण 182 सफाईकर्मियों की मौत हो गई।
कानून का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते हुए, मंत्री महोदय ने कहा कि संविधान की सातवीं अनुसूची के अंतर्गत स्वच्छता राज्य का विषय है। इसलिए, कानून का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों का डेटा केंद्रीय स्तर पर नहीं रखा जाता है। हालांकि, एनसीएसके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 1 जनवरी 2023 से 30 जून 2026 की अवधि के दौरान सीवर और सेप्टिक टैंक की जोखिमपूर्ण सफाई के मामलों में 123 एफआईआर दर्ज की गईं।
सरकार मशीनीकृत स्वच्छता, नमस्ते योजना को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित करने और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर काम करके हर तरह की मैला ढोने की प्रथा का उन्मूलन करने के माध्यम से सफाई कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा और पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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पीके/केसी/एसके/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2295275)
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