विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का ‘इंस्पायर’ (आईएनएसपीआईआरई) कार्यक्रम

प्रविष्टि तिथि: 05 AUG 2026 2:09PM by PIB Delhi

पिछले पांच वर्षों के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के इनोवेशन इन साइंस परस्यूट फॉर इस्पायर्ड रिसर्च (इंस्पायर’-आईएनएसपीआईआरई) कार्यक्रम ने अपने चार प्रमुख घटकों को माध्यम से अकादमिक और अनुसंधान यात्रा के विभिन्न चरणों में वैज्ञानिक प्रतिभा का व्यवस्थित रूप से पोषित किया है।

इंस्पायर मानक (लाखों विचार राष्ट्रीय आकांक्षा और ज्ञान को बढ़ाते हुए-आईएनएसपीआईआरई  एमएएनएके) 10 -17 वर्ष की आयु (कक्षा VI से XII) के विद्यार्थियों को मूल विचारों और नवाचारों को विकसित करने एवं प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित करके उनके बीच नवाचार और वैज्ञानिक रचनात्मकता को बढावा देता है।

इंस्पायर-उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति (एसएचई) 17-22 वर्ष की आयु के मेधावी छात्रों को सहायता प्रदान करती है, जो प्राकृतिक और आधारभूत विज्ञान में स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई कर रहे हैं, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 12,000 छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं। प्रत्येक छात्रवृत्ति का मूल्य 80,000 रुपये प्रतिवर्ष है।  

इंस्पायर फेलोशिप  उत्कृष्ट स्नातकों और इंस्पायर स्कॉलर्स को पूर्णकालिक पीएच.डी. कार्यक्रमों में अनुसंधान करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिसमें पांच वर्ष तक वित्तीय सहायता दी जाती है,  जिसमें जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ) के रूप में 37,000 रुपये प्रति माह, सीनियर रिसर्च फेलो (एसआरएफ) के रूप में 42,000 रुपये प्रति माह, स्वीकार्य मकान किराया भत्ता (एचआरए) तथा 20,000 रुपये का वार्षिक आकस्मिक अनुदान शामिल हैं।

इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप के अंतर्गत उत्कृष्ट पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ताओं को, सामान्यतः 27- 32 वर्ष आयु वर्ग में (आरक्षित श्रेणियों के लिए लागू आयु छूट के साथ), पांच वर्ष की फेलोशिप के माध्यम से सहायता प्रदान करती है। फेलो को 1,25,000 रुपये प्रति माह की फेलोशिप, 2,000 रुपये की वार्षिक वृद्धि तथा फेलोशिप अवधि में 35 लाख रुपये का अनुसंधान अनुदान मिलता है।

केंद्र सरकार विज्ञान में उच्च शिक्षा और अनुसंधान करने के लिए मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने हेतु इंस्पायर कार्यक्रम के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रही है। पिछले पांच वर्षों के दौरान घटक-वार इंस्पायर गतिविधियां, जिसमें प्रत्येक घटक के अंतर्गत समर्थित विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं की संख्या शामिल है, नीचे दी गई हैं -

कार्यक्रम/वित्तीय वर्ष

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

इंस्पायर-मानक

52720

43381

46926

50009

49805

इंस्पायर-एसएचई

18039

19771

18236

20354

24276

इंस्पायर फेलोशिप

2768

2872

2811

2448

3364

इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप

474

338

299

225

477

 

देश की युवा पीढ़ी में नवोन्मेषी अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन सभी घटकों के प्रभाव की निमित निगरानी एवं विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि उनके रणनीतिक नियोजन को सुगम बनाया जा सके।

केंद्र सरकार ने इंस्पायर कार्यक्रम की पहुंच एवं समावेशिता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने के लिए अनेक लक्षित पहलें की हैं। इनमें विशेष ध्यान ग्रामीण, दूरस्थ एवं आकांक्षी जिलों पर दिया गया है। इन प्रयासों में राज्य शिक्षा विभागों, जिला शिक्षा अधिकारियों, विद्यालयों तथा डिजिटल मंचों के माध्यम से जानकारी का व्यापक प्रसार; नामांकन की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार के लिए शिक्षकों और स्कूल अधिकारियों के लिए जागरूकता अभियान, वेबिनार और क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन तथा स्कूल छात्रों के बीच नवीन विचारों की पहचान, मान्यता और संवर्धन के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिताओं (डीएलईपीसी, एसएलईपीसी और एनएलईपीसी) का आयोजन शामिल है।

नवाचार इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत करने के लिए आईआईटी, एनआईटी, आईआईएसईआर  और अन्य प्रमुख वैज्ञानिक संगठनों के सहयोग से मार्गदर्शन (मेंटरशिप) कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जो चयनित छात्रों को प्रोटोटाइप विकास, नवाचार और वैज्ञानिक अनुसंधान पर मार्गदर्शन प्रदान करते है।

इन निरंतर प्रयासों के देश के विभिन्न क्षेत्रों और समाज के वर्गों में इंस्पायर कार्यक्रम में समावेशी भागीदारी हुई है।

ग्रामीण और दूरस्थ जिलों के बढ़ती संख्या में विद्यार्थियों को नवाचार अनुदान, मार्गदर्शन सहायता तथा राष्ट्रीय मंचों पर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसरों के माध्यम से लाभ हुआ है। सामूहिक रूप से इन हस्तक्षेपों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जिज्ञासा की संस्कृति को मजबूत किया है, जमीनी स्तर के नवाचार को बढ़ावा दिया है, विज्ञान शिक्षा, छात्रवृत्तियों और अनुसंधान फेलोशिप तक न्यायसंगत पहुंच का विस्तार किया है तथा देश के अधिकांश क्षेत्रों से आने वाली युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं की मजबूत श्रृंखला विकसित की है।

केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/आईएम/जीआरएस

 


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