कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

केंद्रीय कौशल विकास कार्यक्रम

प्रविष्टि तिथि: 05 AUG 2026 4:16PM by PIB Delhi

भारत सरकार के कौशल भारत मिशन (सिम) के अंतर्गत, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) की विभिन्न योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (एनएपीएस) के तहत कौशल विकास केंद्रों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से और शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) द्वारा देश भर के समाज के सभी वर्गों को कौशल, पुनर्कौशल और कौशलोन्नयन प्रशिक्षण प्रदान करता है। कौशल भारत मिशन का उद्देश्य भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना और उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे उभरते क्षेत्रों सहित उद्योग-संबंधी कौशलों से सुसज्जित करना है।

 

पीएमकेवीवाई के तहत निर्धारित मानदंडों के अनुसार प्रशिक्षण लागत को पूरा करने के लिए कार्यान्वयन एजेंसियों को धनराशि जारी की जाती है। जेएसएस योजना के तहत, धनराशि सीधे गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को जारी की जाती है। एनएपीएस के तहत, प्रशिक्षुओं को प्रति माह 1500 रुपये तक का वजीफा डीबीटी के माध्यम से जारी की जाती है, न कि इसके अंतर्गत आने वाले संस्थानों को। आईटीआई से संबंधित दैनिक प्रशासन और  वित्त नियंत्रण संबंधित राज्य सरकार/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन के पास होता है।

एमएसडीई की योजनाओं के तहत पिछले पांच वर्षों के दौरान वर्षवार जारी की गई धनराशि का ब्यौरा निम्नलिखित है:

 

(आंकड़े करोड़ रुपये में)

योजना का नाम

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

पीएमकेवाई

643.77

305.46

839.18

1553.13

279.30

जेएसएस

137.63

154.65

154.37

139.55

148.23

नैप्स (एनएपीएस)

177.07

309.03

594.30

585.96

577.03

एमएसडीई की योजनाओं में से, पीएमकेवीवाई के अंतर्गत, योजना के पहले तीन चरणों - पीएमकेवीवाई 1.0, पीएमकेवीवाई 2.0 और पीएमकेवीवाई 3.0 (वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2021-22 तक कार्यान्वित) के अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) घटक में नियोजन का विश्लेषण किया गया, जिसमें कुल 1.11 करोड़ उम्मीदवारों को प्रमाणित किया गया, जिनमें से 24.38 लाख उम्मीदवारों को योजना के अल्पकालिक प्रशिक्षण घटक के तहत नियोजन प्राप्त हुआ। इसके अलावा, पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत, प्रशिक्षित उम्मीदवारों को विभिन्न करियर अवसर चुनने के लिए सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, और उन्हें इसके लिए उपयुक्त रूप से प्रशिक्षित किया जाता है।

एमएसडीई की विभिन्न योजनाओं के तहत पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्यवार/संघ राज्य क्षेत्रवार प्रशिक्षित और प्रमाणित उम्मीदवारों की संख्या का ब्यौरा अनुलग्‍नक में दिया गया है।

कौशल विकास योजनाओं के प्रभाव का आकलन तृतीय-पक्ष स्वतंत्र मूल्यांकन के माध्यम से निम्नानुसार किया गया है:

पीएमकेवीवाई: भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के एक स्वायत्त संस्थान, अरुण जेटली राष्ट्रीय  वित्त प्रबंधन संस्थान (एएनजेआईएफ़एम) द्वारा पीएमकेवीवाई 4.0 का एक स्वतंत्र तृतीय-पक्षीय प्रभाव मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण ने एसटीटी उम्मीदवारों के रोजगार परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाने में योगदान दिया है। प्रशिक्षण से पहले नियोजित और स्व-नियोजित एसटीटी उत्तरदाताओं का संयुक्त हिस्सा 26.6% था, जो पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण के बाद बढ़कर 45.4% हो गया, जो 18.8 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्शाता है। आय संबंधी परिणाम भी सकारात्मक हैं, जिसमें 41.4% एसटीटी उम्मीदवारों और 48.9% आरपीएल उम्मीदवारों ने प्रशिक्षण और प्रमाणन के बाद आय में वृद्धि दर्ज की है। कुल मिलाकर, पीएमकेवीवाई 4.0 ने औपचारिक कौशल प्रशिक्षण और प्रमाणन तक पहुंच को काफी हद तक बढ़ाया है और लाभार्थियों के एक बड़े हिस्से के लिए कौशल आत्मविश्वास, रोजगार भागीदारी और आय परिणामों में उल्लेखनीय सुधार किया है।

जेएसएस भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के एक स्वायत्त संस्थान, अरुण जेटली राष्ट्रीय  वित्त प्रबंधन संस्थान द्वारा 2025 में जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) योजना का तृतीय-पक्ष मूल्यांकन किया गया, ताकि योजना की पहुंच, प्रभावशीलता और आजीविका परिणामों का आकलन किया जा सके। मूल्यांकन में योजना की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को उजागर किया गया, जिसमें 33.94 लाख व्यक्ति नामांकित हुए, जिनमें से 32 लाख को प्रशिक्षित किया गया और 31.52 लाख को प्रमाणित किया गया, जो 99 प्रतिशत की समग्र सफलता दर को दर्शाता है। कुल प्रतिभागियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 82 प्रतिशत थी, जबकि 73 प्रतिशत लाभार्थी हाशिए पर आने वाले वर्गों से थे, जिनमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (36 प्रतिशत) और अन्य पिछड़ा वर्ग (37 प्रतिशत) शामिल हैं। आजीविका पर प्रभाव उल्लेखनीय रहा है, जिसमें 90 प्रतिशत पूर्व छात्र अर्जित कौशल का उपयोग आय सृजन के लिए कर रहे हैं, 82 प्रतिशत प्रशिक्षण के छह महीने के भीतर आर्थिक रूप से सक्रिय हो गए हैं, और 60 प्रतिशत पूर्व में न-कमाई करने वाले व्यक्ति प्रशिक्षण के बाद कमाई शुरू कर चुके हैं। लाभार्थियों की औसत मासिक आय में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई।

एनएपीएस: भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के एक स्वायत्त संस्थान, अरुण जेटली राष्ट्रीय  वित्त प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफ़एम) द्वारा वित्त वर्ष 2022-23 से वित्त वर्ष 2025-26 तक (30 नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर) प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (पीएमएनएपीएस-2) का एक तृतीय-पक्षीय मूल्यांकन अध्ययन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, मूल्यांकन अवधि के दौरान पीएमएनएपीएस 2 ने उल्लेखनीय विस्तार हासिल किया और 46 लाख के संचयी लक्ष्य के मुकाबले 34.69 लाख प्रशिक्षुओं को रोजगार प्रदान किया, जो लगभग 75 प्रतिशत की समग्र उपलब्धि को दर्शाता है। डीबीटी के संस्थागतकरण से  वित्त पारदर्शिता और पूर्वानुमान में सुधार हुआ है। संचयी डीबीटी वितरण 1,094 करोड़ रुपए से अधिक रहा, जिसमें वार्षिक वितरण वित्त वर्ष 2023-24 में 327.2 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 500.16 करोड़ रुपए हो गया।

रोजगार क्षमता में सुधार लाने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन सहित उभरते क्षेत्रों और नए युग के भविष्य के कौशल में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए, एमएसडीई ने निम्नलिखित पहलें शुरू की हैं:

  1. पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत, "भविष्य के कौशल" श्रेणी में विशेष जॉब रोल्स शुरू की गई हैं, जिनका उद्देश्य युवाओं को नई और उभरती प्रौद्योगिकियों में अवसरों के लिए तैयार करना है। सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे उभरते क्षेत्रों में कौशल संवर्धन पहलों को देशभर के स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू किया है। इससे नियोक्ताओं के बीच स्वीकार्यता बढ़ती है। इसके अतिरिक्त, कार्यान्वयन स्तर पर उद्योग साझेदारी पाठ्यक्रम को आकार देने, रोजगार दिलाने और वर्तमान बाजार की जरूरतों के अनुरूप कौशल सुनिश्चित करने में सहायक होती है।
  2. 266 निर्धारित व्यवसायों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और रोबोटिक्स सहित 750 से अधिक वैकल्पिक व्यवसायों के तहत शिक्षुता प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
  3. एमएसडीई के तत्वावधान में प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) में सीटीएस के तहत नए युग/भविष्य के कौशल पाठ्यक्रम शुरू किए हैं ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मेकाट्रॉनिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर आदि जैसे उभरते क्षेत्रों में डिजिटल प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।
  4. डिजिटल कौशल प्रशिक्षण में सर्वोत्तम पद्धतियों को अपनाने के उद्देश्य से, डीजीटी ने आईबीएम, सिस्को, अमेज़न वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) और माइक्रोसॉफ्ट जैसी अग्रणी आईटी प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। ये साझेदारियां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), बिग डेटा एनालिटिक्स (बीडीए), ब्लॉकचेन, क्लाउड कंप्यूटिंग आदि सहित आधुनिक प्रौद्योगिकियों में तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक होंगी।
  5. कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत कौशल विकास पहलों के लिए डीजीटी ने आईबीएम इंडिया, माइक्रोसॉफ्ट, सिस्को, एडोब इंडिया, अमेज़न वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस), फ्यूचर राइट स्किल्स नेटवर्क (एफआरएसएन), एडुनेट फाउंडेशन, ऑटो डेस्क आदि संस्थाओं के साथ सहयोग किया है। ये साझेदारियां आधुनिक प्रौद्योगिकियों में तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक हैं। सीटीएस के अंतर्गत रोजगार कौशल विषय में ' कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का परिचय' नामक एक मॉड्यूल (अवधि: 7.5 घंटे) शुरू किया गया है।
  6. एमएसडीई ने स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) लॉन्च किया है, जो एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसका उद्देश्य उद्योग से संबंधित पाठ्यक्रमों, रोजगार के अवसरों और उद्यमिता सहायता के माध्यम से देश भर के युवाओं में कौशल विकास को बढ़ावा देना है। यह एआई और मशीन लर्निंग (एमएल) पाठ्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है - जिसमें एज़्योर एआई स्पीच और मशीन लर्निंग के मूल सिद्धांतों जैसे परिचयात्मक कार्यक्रमों से लेकर गूगल क्लाउड जनरेटिव एआई और स्वास्थ्य सेवा में व्यावसायिक मूल्य सृजित करने के लिए एआई रणनीति जैसे उन्नत मॉड्यूल शामिल हैं - जो सभी दक्षता स्तरों के शिक्षार्थियों का समर्थन करने और उन्हें तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य में सफल होने के लिए तैयार करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
  7. राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपीएआई) कौशल ढांचा विकसित किया है, जो एआई, डेटा साइंस और उभरती प्रौद्योगिकियों में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय रोडमैप, संरचना और दिशानिर्देशों की रूपरेखा तैयार करता है और मानकीकृत, उद्योग-अनुरूप पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या विकसित करने के लिए मूलभूत दस्तावेज के रूप में कार्य करता है।
  8. एमएसडीई के तत्वावधान में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने डिजिटल पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए एडब्ल्यूएस, माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, रेडहैट, पियर्सन वीयूई, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी), सिस्को नेटवर्किंग अकादमी जैसे कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझेदारी की है।
  9. एमएसडीई ने राष्ट्रीय स्तर पर एक पहल, एसओएआर (स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस) शुरू की है, जिसका उद्देश्य स्कूली छात्रों (कक्षा 6-12) में एआई जागरूकता और मूलभूत कौशल विकसित करना और शिक्षकों में एआई साक्षरता का निर्माण करना है। यह कार्यक्रम भौगोलिक क्षेत्रों में एआई शिक्षा की समान पहुंच सुनिश्चित करके डिजिटल विभाजन को पाटने का प्रयास करता है, जिससे समावेशी और भविष्य के लिए तैयार कौशल विकास के राष्ट्रीय एजेंडे को समर्थन मिलता है।
  10. वैश्विक स्तर पर डिजिटल जॉब्स में भागीदारी को सक्षम बनाने वाले पीएमकेवीवाई 4.0 पाठ्यक्रमों में एआई/एमएल फाउंडेशन और एडवांस्ड, रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन, ड्रोन पायलट टेक्नीशियन, इंडस्ट्रियल आईओटी और डेटा एनालिटिक्स शामिल हैं। पीएमकेवीवाई ढांचे के तहत भावी कौशल के जॉब रोल्स के माध्यम से, स्किल इंडिया डिजिटल हब वैश्विक स्तर पर नौकरियों का मिलान करता है; रोजगार मेले और प्लेसमेंट रोजगार संबंधों को सुनिश्चित करते हैं। एनएसक्यूएफ़ लेवल 5-7 प्रमाणपत्र पीएमकेवीवाई योग्यताओं की वैश्विक स्तर पर उपयोगिता सुनिश्चित करते हैं।

एमएसडीई की योजनाओं की व्यापक निगरानी और मूल्यांकन व्यवस्था निम्न प्रकार है:

पीएमकेवीवाई:- पीएमकेवीवाई के तहत, एक सुदृढ़, बहुस्तरीय निगरानी और प्रभाव मूल्यांकन ढांचा अपनाया जाता है। सभी उम्मीदवारों, प्रशिक्षण प्रदाताओं और रोजगार परिणामों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म (सिद्ध) पर ट्रैक किया जाता है। आवधिक तृतीय-पक्ष मूल्यांकन और नियोक्ताओं की प्रतिक्रिया निरंतर सुधार को दिशा प्रदान करती है। निरंतर डेटा विश्लेषण और रिपोर्टिंग अनुकूल निर्णय लेने और उभरती प्रौद्योगिकी कौशल विकास पहलों के साक्ष्य-आधारित विस्तार को सुगम बनाती है।

प्रशिक्षण केंद्रों को प्रशिक्षण में उम्मीदवारों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) मशीन स्थापित करना अनिवार्य है। अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, प्रशिक्षण केंद्रों को भुगतान उपस्थिति से जोड़ा गया है। कॉल सत्यापन, अचानक केंद्र निरीक्षण, वर्चुअल सत्यापन और परिणाम-आधारित भुगतान जैसे निगरानी उपकरणों का उपयोग करके प्रशिक्षण केंद्रों और उम्मीदवारों के कौशल विकास चक्र की प्रगति की समवर्ती निगरानी भी की जाती है।

एनएपीएस:- एनएपीएस के अंतर्गत, योजना की निगरानी के लिए केंद्रीय स्तर पर एक राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) और एक योजना निगरानी एवं समीक्षा समिति (एसएमआरसी) का गठन किया गया है। इसी प्रकार, राज्य/संघ राज्य क्षेत्र स्तर पर राज्य कार्यान्वयन समीक्षा समितियों (एसआईआरसी) का गठन किया गया है।

जेएसएस:- एमएसडीई आवधिक समीक्षा बैठकों और क्षेत्रीय दौरों के माध्यम से योजना के कार्यान्वयन की निगरानी करता है। योजना के कार्यान्वयन की निगरानी स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) पोर्टल के माध्यम से भी की जाती है। राज्य स्तर पर, कौशल विकास एवं उद्यमिता संस्थानों (जेएसएस) की निगरानी और पर्यवेक्षण क्षेत्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता निदेशालय (आरडीएसडीई) द्वारा किया जाता है। प्रभावी निगरानी के लिए आरडीएसडीई के अधिकारी समय-समय पर अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जेएसएस का दौरा और निरीक्षण करते हैं। प्रत्येक जेएसएस में प्रबंधन बोर्ड (बीओएम) नामक 16 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जो समय-समय पर जेएसएस द्वारा कार्यान्वित कार्यक्रमों की समीक्षा करती है।

सीटीएस:- डीजीटी समय-समय पर आईटीआई के संबद्धता मानकों और नियमों की समीक्षा करता है ताकि उनकी प्रासंगिकता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। सीटीएस के अंतर्गत पाठ्यक्रमों का पाठ्यक्रम भी उद्योग भागीदारों के परामर्श से नियमित रूप से अद्यतन किया जाता है, ताकि नवीनतम तकनीकी प्रगति और विकसित हो रही कौशल आवश्यकताओं को शामिल किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रशिक्षण बाजार की मांग के अनुरूप बना रहे। इसके अलावा, संबंधित राज्य सरकारें, केंद्र सरकार के समन्वय से, आईटीआई का समय-समय पर संयुक्त निरीक्षण करती हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि आईटीआई में बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की योग्यता, पाठ्यक्रम कार्यान्वयन और प्रशिक्षण प्रदान करने के मानक अद्यतन हैं।

 

अनुलग्‍नक

 

एमएसडीई की विभिन्न योजनाओं के तहत पिछले पांच वर्षों के दौरान राज्यवार/संघ राज्य क्षेत्रवार प्रशिक्षित और प्रमाणित उम्मीदवारों की संख्या का वर्षवार ब्यौरा। 

 

(i) जेएसएस :

 

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

अंडमान और निकोबार

900

900

1,800

1,800

1,800

1,800

1,800

1,800

1,797

1,790

आंध्र प्रदेश

11,699

11,671

16,200

16,169

10,800

10,779

10,769

10,767

10,795

10,785

अरुणाचल प्रदेश

-

-

-

-

-

-

-

-

   

असम

9,139

8,996

12,600

12,599

9,000

8,995

10,799

10,798

10,798

10,777

बिहार

28,769

27,709

56,594

55,901

37,786

37,747

36,733

35,898

37,073

35,853

चंडीगढ़

1,600

1,600

2,700

2,698

1,800

1,799

1,770

1,507

1,462

1,455

छत्तीसगढ

18,151

18,002

37,777

36,042

23,376

23,374

24,967

24,844

25,158

25,099

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव

2,379

2,376

3,255

3,214

3,179

3,059

2,417

2,377

3,197

3,197

दिल्ली

5,440

5,409

8,099

8,067

5,398

5,391

5,391

5,385

5,363

5,338

गोवा

1,740

1,740

2,700

2,640

1,800

1,800

1,700

1,700

1,799

1,798

गुजरात

19,228

19,068

23,917

23,741

14,160

14,020

14,311

14,307

14,889

14,889

हरियाणा

8,939

8,691

10,728

10,194

7,181

6,959

3,333

3,225

3,437

3,353

हिमाचल प्रदेश

8,424

8,406

28,244

28,090

18,630

18,621

18,052

17,945

18,865

18,806

जम्मू-कश्मीर

2,396

2,067

500

-

1,020

1,020

680

559

2,297

2,297

झारखंड

9,964

9,924

25,220

24,845

22,439

22,426

20,976

20,915

23,063

22,978

कर्नाटक

18,735

18,731

31,492

31,441

21,532

21,518

21,509

21,501

21,377

21,356

केरल

16,148

16,147

24,300

24,175

16,198

16,195

15,929

15,890

16,199

16,139

लद्दाख

-

-

600

-

212

-

-

-

717

717

लक्षद्वीप

-

-

1,481

1,401

1,772

1,772

900

900

999

999

मध्य प्रदेश

52,222

51,720

70,259

69,712

49,089

49,025

51,477

51,302

52,082

52,063

महाराष्ट्र

38,479

37,015

52,934

52,709

37,273

37,249

36,861

36,808

37,612

37,552

मणिपुर

6,285

6,164

10,278

8,676

7,197

7,037

7,219

7,219

7,200

7,065

मेघालय

-

-

1,660

1,660

1,800

1,800

1,780

1,780

1,759

1,759

मिजोरम

900

887

2,472

2,472

1,800

1,800

963

945

922

919

नगालैंड

1,812

1,778

1,999

1,877

2,631

2,619

540

540

2,560

2,540

ओडिशा

40,635

40,325

71,765

70,435

50,828

50,414

52,123

51,983

52,151

52,086

पंजाब

3,567

3,567

4,138

4,138

3,560

3,560

2,980

2,978

3,458

3,457

राजस्थान

12,443

12,373

20,651

20,632

14,831

14,781

15,534

15,469

16,180

16,161

तमिलनाडु

14,045

13,970

19,784

19,503

14,780

14,760

15,124

14,962

15,818

15,703

तेलंगाना

10,398

10,378

15,639

15,618

10,300

10,299

10,787

10,786

10,793

10,789

त्रिपुरा

2,610

2,592

5,397

5,397

3,600

3,600

3,480

3,458

3,567

3,560

उत्तर प्रदेश

88,648

87,918

1,22,510

1,22,288

84,573

84,521

82,475

81,776

82,532

82,178

उत्तराखंड

12,433

12,369

20,687

20,256

14,393

14,388

13,978

13,969

14,304

14,300

पश्चिम बंगाल

13,868

13,842

17,904

17,570

12,599

12,575

13,133

13,096

14,118

14,084

(ii) पीएमकेवीवाई:

 

 

टीसी राज्य

 वित्त वर्ष-21-22

 वित्त वर्ष-22-23

 वित्त वर्ष-23-24

 वित्त वर्ष-24-25

 वित्त वर्ष-25-26

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

अंडमान व निकोबार द्वीप समूह

613

656

310

480

648

131

909

939

30

-

आंध्र प्रदेश

13,199

12,988

5,798

6,807

32,449

19,163

35,471

23,085

3,094

3,759

अरुणाचल प्रदेश

8,884

10,808

667

3,624

4,152

705

10,054

5,934

125

510

असम

24,517

36,441

8,721

11,112

38,190

17,278

75,182

46,316

5,902

7,609

बिहार

47,643

32,762

12,213

18,270

23,613

12,506

99,982

54,471

4,451

13,039

चंडीगढ़

893

757

491

383

319

253

628

512

148

112

छत्तीसगढ

9,495

7,355

4,356

3,192

8,385

4,956

16,452

10,377

490

834

दिल्ली

19,965

14,884

2,262

4,197

10,686

6,149

12,277

8,441

2,769

2,701

गोवा

604

358

176

222

183

26

236

305

12

-

गुजरात

35,001

27,300

6,503

6,501

19,975

8,941

39,762

27,300

949

1,820

हरियाणा

18,191

13,087

8,963

7,322

27,411

12,966

75,942

50,803

8,308

15,887

हिमाचल प्रदेश

8,724

7,426

3,539

4,186

5,348

3,644

19,341

12,843

3,582

3,479

जम्मू-कश्मीर

21,339

9,121

7,352

17,023

28,895

15,280

85,557

68,307

4,689

8,523

झारखंड

34,233

20,901

5,302

6,828

8,796

5,321

30,034

17,835

1,785

3,434

कर्नाटक

23,153

18,579

8,410

7,790

13,025

6,631

69,486

32,251

7,339

22,515

केरल

12,968

9,501

5,673

6,514

8,832

4,416

10,449

5,427

1,118

1,268

लद्दाख

731

10

246

437

445

247

312

345

-

17

लक्षद्वीप

120

-

-

52

-

-

120

-

-

-

मध्य प्रदेश

46,659

31,622

21,345

22,506

34,884

19,849

2,59,871

1,47,966

16,686

45,163

महाराष्ट्र

39,864

31,508

14,913

16,940

35,284

16,746

75,368

45,334

8,180

13,360

मणिपुर

6,424

6,111

1,146

2,295

2,879

572

20,798

13,124

1,067

1,711

मेघालय

3,406

3,875

1,245

1,928

2,502

1,024

7,938

3,952

1,168

1,150

मिजोरम

4,742

3,970

1,162

1,455

3,533

1,055

6,871

3,586

1,384

1,342

नगालैंड

4,184

2,793

1,803

2,952

3,830

1,269

7,299

4,311

662

905

ओडिशा

12,645

10,966

12,116

7,526

21,457

12,296

26,231

16,399

2,189

2,522

पुदुचेरी

1,622

1,756

689

834

1,556

1,087

3,096

1,756

646

745

पंजाब

18,539

14,257

7,568

6,963

11,836

6,377

1,06,699

79,907

10,259

16,966

राजस्थान

38,511

32,927

9,232

13,781

23,564

11,379

2,80,156

2,03,959

10,856

36,673

सिक्किम

1,322

959

381

602

2,802

714

2,874

1,041

-

228

तमिलनाडु

29,057

17,250

8,029

12,811

34,533

19,093

85,689

62,587

10,786

16,178

तेलंगाना

13,107

9,440

8,040

6,804

15,390

10,885

22,188

16,038

6,344

5,829

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव

252

175

31

33

301

107

1,407

883

75

337

त्रिपुरा

4,490

7,476

1,608

2,342

5,081

2,719

14,363

8,995

1,906

1,724

उत्तर प्रदेश

69,015

52,949

25,568

31,373

71,771

35,731

4,63,503

3,10,748

28,823

63,747

उत्तराखंड

10,522

7,358

2,942

3,945

11,669

6,442

35,364

22,470

3,650

5,316

पश्चिम बंगाल

31,406

21,472

12,370

12,672

25,768

12,157

36,410

22,231

3,916

5,277

(iii) सीटीएस:

 

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र

2021

2022

2023

2024

2025

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

अंडमान व निकोबार द्वीप समूह

531

406

450

371

481

337

838

669

829

आंध्र प्रदेश

45612

36404

48110

36293

50568

36667

52447

41127

54213

अरुणाचल प्रदेश

497

379

674

532

733

496

669

474

697

असम

3500

3105

3548

2923

5325

3369

4256

3212

5725

बिहार

110399

92905

90830

66765

125625

88903

116293

80518

116754

चंडीगढ़

910

801

907

732

1083

719

898

642

1175

छत्तीसगढ

22320

18415

20816

16841

24226

11078

22237

11496

23970

दिल्ली

8774

7810

9261

7817

10288

5619

9368

5827

10970

गोवा

2080

1836

2126

1795

2255

1365

2161

1400

2404

गुजरात

81236

57066

84648

57363

98454

45688

78811

44783

90790

हरियाणा

49032

40668

45161

33725

54944

30924

51465

32738

53477

हिमाचल प्रदेश

20332

18992

22691

19944

23371

17649

18801

14082

16973

जम्मू-कश्मीर

8062

6625

8130

6244

8504

4708

8226

5034

10047

झारखंड

29760

23129

35573

25653

40108

27841

40263

28360

48331

कर्नाटक

66238

48183

73068

46806

78724

45322

64447

44229

71839

केरल

35493

32046

34741

30168

33196

23713

30445

21946

30132

लद्दाख

171

137

326

234

368

209

375

263

421

लक्षद्वीप

374

301

303

227

360

220

341

167

210

मध्य प्रदेश

63306

44911

69194

45275

73224

41247

69309

40785

79970

महाराष्ट्र

112997

93507

121884

95802

128009

84035

115889

80573

130810

मणिपुर

108

60

668

443

812

389

721

320

894

मेघालय

508

439

738

538

714

522

992

720

1000

मिजोरम

256

203

334

216

396

205

260

185

328

नगालैंड

186

161

267

212

240

136

379

252

324

ओडिशा

57401

36884

54005

35122

65801

40042

54855

36693

61348

पुदुचेरी

689

524

737

485

796

415

695

391

704

पंजाब

39992

28742

39986

28115

43997

22465

40370

24695

44247

राजस्थान

95342

63910

99263

62042

109648

61841

90937

54729

88418

सिक्किम

181

169

424

369

312

181

353

258

431

तमिलनाडु

28496

22427

35078

24610

41127

20094

35466

20301

39119

तेलंगाना

27183

21725

26480

18530

29579

18096

33583

21416

40452

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव

443

395

666

532

908

534

822

515

841

त्रिपुरा

1603

1234

2470

1444

2452

886

2240

1181

2714

उत्तर प्रदेश

273714

181248

269106

168207

333024

184475

317044

189012

385871

उत्तराखंड

8918

6992

10807

7297

11499

6898

8661

5527

11526

पश्चिम बंगाल

29207

24786

37711

30861

44211

33583

40216

32734

42323

 

(iv) एनएपीएस:

    

राज्य का नाम

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

प्रशिक्षित

प्रमाणित

अंडमान व निकोबार द्वीप समूह

41

2

48

12

199

22

177

73

आंध्र प्रदेश

16,424

4,428

21,701

4,957

22,075

6,963

26,446

4,952

अरुणाचल प्रदेश

42

0

65

7

66

32

204

29

असम

9,660

2,787

8,174

1,800

5,801

2,240

10,028

1,719

बिहार

5,543

1,148

5,317

1,323

5,502

1,905

9,013

1,660

चंडीगढ़

668

233

1,231

224

1,692

226

1,739

426

छत्तीसगढ

4,875

4,049

5,249

3,281

5,362

3,359

6,820

3,429

दिल्ली

15,817

786

15,957

1,567

22,471

2,494

30,330

3,216

गोवा

4,406

247

11,882

410

11,770

1,288

12,412

1,580

गुजरात

76,222

28,759

83,957

23,146

90,796

27,004

1,09,027

22,356

हरियाणा

62,867

23,201

66,714

22,002

66,504

20,106

85,979

20,759

हिमाचल प्रदेश

6,825

689

10,212

950

9,257

1,458

10,891

1,837

जम्मू-कश्मीर

989

227

859

87

1,026

330

1,230

241

झारखंड

9,151

6,994

11,883

5,719

9,686

5,409

10,674

5,207

कर्नाटक

58,629

7,023

78,457

10,008

92,843

15,186

1,16,343

21,066

केरल

11,275

7,988

13,104

6,665

15,317

6,730

15,519

6,298

लद्दाख

28

4

66

31

50

23

19

28

लक्षद्वीप

9

19

6

9

8

8

14

8

मध्य प्रदेश

21,205

7,132

22,706

5,570

26,823

6,378

34,210

8,790

महाराष्ट्र

1,86,010

28,385

2,63,245

42,902

2,78,423

68,949

3,01,910

70,316

मणिपुर

32

9

18

1

187

7

219

5

मेघालय

181

17

212

33

328

21

175

46

मिजोरम

4

0

12

1

146

0

280

13

नगालैंड

22

0

15

1

24

3

40

4

ओडिशा

10,458

4,740

10,755

5,442

10,757

5,420

12,416

4,979

पुदुचेरी

1,343

443

2,469

324

4,268

362

5,953

380

पंजाब

15,361

3,208

14,761

3,348

15,510

4,659

25,649

3,940

राजस्थान

15,204

4,039

18,230

3,891

22,328

4,699

32,243

5,244

सिक्किम

202

20

298

18

439

13

508

51

तमिलनाडु

72,311

12,716

1,01,553

9,346

1,01,788

11,766

1,43,236

12,200

तेलंगाना

31,821

8,398

37,775

9,156

34,017

12,782

47,501

11,323

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव

1,006

67

2,878

81

3,570

179

4,100

329

त्रिपुरा

368

18

383

90

449

163

533

171

उत्तर प्रदेश

56,946

13,835

71,505

14,461

78,966

14,789

1,06,269

16,775

उत्तराखंड

16,436

1,968

21,058

1,999

22,887

2,771

30,643

4,086

पश्चिम बंगाल

26,109

3,523

29,538

4,103

23,324

7,314

35,153

6,517

* एनएपीएस के तहत प्रमाणन की ट्रैकिंग 2022-23 से शुरू कर दी गई है।

कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री जयन्‍त चौधरी ने आज राज्‍यसभा में एक लिखित उत्‍तर में यह जानकारी दी।

 

पीके/केसी/एसकेएस/केके

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