ग्रामीण विकास मंत्रालय
ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने डीडीयू-जीकेवाई 2.0 की प्रगति की समीक्षा की, समयबद्ध कार्यान्वयन और डिजिटल सुधारों का आह्वान किया
सरकार ने नई डिजिटल पहलों और नागरिक-केंद्रित सुधारों के साथ डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के कार्यान्वयन को दी गति
प्रविष्टि तिथि:
04 AUG 2026 7:45PM by PIB Delhi
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाय-एनआरएलएम) के तहत पहलों का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आजीविका का विविधीकरण और गरीबी उन्मूलन है। डीडीयू-जीकेवाई का लक्ष्य ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रदान करना और प्लेसमेंट से जुड़े कौशल कार्यक्रमों के माध्यम से उनके लिए सतत आजीविका को बढ़ावा देना है।
आज यानी 04.08.2026 को संचार भवन में माननीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री श्री पेम्मासानी चंद्रशेखर की अध्यक्षता में डीडीयू-जीकेवाई के कार्यान्वयन पर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सुश्री एम.जी. जयश्री, संयुक्त सचिव (ग्रामीण कौशल-II), श्री संतोष के. तिवारी, निदेशक (कौशल), सुश्री दीपिका अग्रवाल, उप निदेशक, एनआईसी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
इस योजना के तहत, 2014-15 में इसकी शुरुआत से लेकर अब तक कुल 18.45 लाख ग्रामीण गरीबों को प्रशिक्षित किया गया है और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में 12.35 लाख युवाओं को वेतनयुक्त रोजगार प्रदान किया गया है। यह कार्यक्रम राज्य सरकारों द्वारा परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (पीआईए) के माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है। कार्यक्रम को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए वर्ष 2025 में योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया गया है। डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के लिए एक एंड-टू-एंड डिजिटल समाधान विकसित किया गया है, जो प्रशिक्षण और प्लेसमेंट के सभी चरणों को सुगम बनाता है।
माननीय राज्य मंत्री ने डीडीयू-जीकेवाई 2.0 की प्रगति और प्रमुख डिजिटल सुधारों की समीक्षा की। इस बात पर जोर दिया गया कि डीडीयू-जीकेवाई 2.0 के तहत आवंटित लक्ष्यों के अनुसार प्रशिक्षण और प्लेसमेंट को समय पर पूरा करने के लिए सभी संभव उपाय किए जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम को कुशलता से लागू करने के लिए चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में निम्नलिखित पहलें शामिल थीं:
- स्वीकृत परियोजनाओं के तेजी से कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण बैचों का समय पर आरंभ।
- कार्यक्रम के प्रदर्शन की रियल-टाइम में विस्तृत और सूक्ष्म निगरानी के लिए उन्नत डैशबोर्ड और एनालिटिकल रिपोर्ट का विकास।
- सार्वजनिक उम्मीदवार पंजीकरण पोर्टल, ग्रामीण युवाओं को अपनी रुचि ऑनलाइन दर्ज करने, प्रशिक्षण अवसरों की खोज करने और परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (पीआईए) की प्रदर्शन रेटिंग देखने में सक्षम बनाना, जिससे पारदर्शिता को बढ़ावा मिले और युवा सही व सूचित विकल्प चुन सकें। परियोजना मूल्यांकन में तेजी लाने और मंजूरी प्रक्रिया की दक्षता में सुधार के लिए अतिरिक्त मूल्यांकन एजेंसियों का संभावित सूचीकरण।
- अतिरिक्त मूल्यांकन एजेंसियों का संभावित एम्पेनलमेंट, परियोजना मूल्यांकन में तेजी लाने और स्वीकृतियों की दक्षता में सुधार के लिए अतिरिक्त मूल्यांकन एजेंसियों को पैनल में शामिल करने की संभावना।
- प्रौद्योगिकी-आधारित सुधार, स्वचालित पीआरएन जनरेशन, ऑनलाइन शिकायत निवारण, ब्लॉकचेन-आधारित प्रमाण पत्र सत्यापन, रियल-टाइम मूल्यांकन डैशबोर्ड और प्रक्रिया सरलीकरण के अन्य उपाय, ताकि कार्यक्रम के कार्यान्वयन व वितरण को मजबूत किया जा सके।
- एक एकीकृत ऑनलाइन शिकायत निवारण तंत्र, रियल-टाइम मूल्यांकन डैशबोर्ड, वास्तविक मामलों में फेस ऑथेंटिकेशन पर आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति, पात्र उम्मीदवारों के लिए फिर से नामांकन के प्रावधान और पाठ्यक्रम विवरणों के स्वचालित सत्यापन के लिए एसआईडीएच (स्किल इंडिया डिजिटल हब) के साथ एकीकरण द्वारा नागरिक सेवाओं को मजबूत बनाना।


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(रिलीज़ आईडी: 2294638)
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