सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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एक बेहतरीन आतिथ्य एवं मनोरंजन स्थल का निर्माण: वीसीएफ-एससी ने कैसे ‘बीपी सन्स प्राइवेट लिमिटेड’ को पर्यटन और रोजगार को बढ़ाने में सक्षम बनाया

प्रविष्टि तिथि: 03 AUG 2026 6:50PM by PIB Delhi

आतिथ्य एवं पर्यटन क्षेत्र आर्थिक विकास को गति देने, रोजगार के अवसर सृजित करने और क्षेत्रीय विकास को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। हालांकि, इस क्षेत्र में कारोबार बढ़ाने के लिए अक्सर विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित करने और ग्राहकों की बढ़ती उम्मीदों को पूरा करने हेतु भारी आर्थिक सहायता की जरूरत होती है। इस तथ्य को प्रदर्शित करते हुए कि संस्थागत सहायता किस प्रकार उद्यमिता के विकास को तेज कर सकती है, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में स्थित और मनीष वर्मा के स्वामित्व वाली कंपनी ‘बीपी सन्स प्राइवेट लिमिटेड’ मनोरंजन, आतिथ्य और सामाजिक कार्यक्रमों के एक प्रमुख स्थल के रूप में उभरी है। इस कंपनी की यात्रा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत अनुसूचित जातियों के लिए उद्यम पूंजी कोष (वीसीएफ-एससी) के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाती है।

‘बीपी सन्स प्राइवेट लिमिटेड’ ने एक आधुनिक मनोरंजन पार्क की स्थापना की है। इस पार्क में इलेक्ट्रिक एवं मैकेनिकल राइड्स, पानी से जुड़ी मनोरंजक गतिविधियां, विभिन्न व्यंजनों वाली खान-पान की सुविधाएं और शादियों, कॉन्फ्रेंस व सामाजिक कार्यक्रमों के लिए अच्छी सुविधाओं से लैस एक बैंक्वेट हॉल उपलब्ध हैं। अपने बेहतरीन बुनियादी ढांचे एवं शानदार आतिथ्य संबंधी सेवाओं के जरिए, इस कंपनी ने इस इलाके में अच्छी पहचान बनाई है और निष्ठावान ग्राहकों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया है।

            श्री मनीष वर्मा

इस परियोजना में रोजगार सृजन करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था में योगदान देने की क्षमता को देखते हुए, अनुसूचित जातियों के लिए उद्यम पूंजी कोष ने 2015 में हिस्सेदारी (इक्विटी) और वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर (ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर) के जरिए 4.81 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। इस वित्तीय सहायता से कंपनी के विस्तार की योजनाओं को मजबूती मिली और उसकी कामकाज की क्षमताएं बेहतर हुईं।

एकीकृत मनोरंजन पार्क, बैंक्वेट हॉल और आतिथ्य सेवाएं

इस आर्थिक सहायता से कंपनी अपने मौजूदा कारोबार को बढ़ा पाई, समुदाय के साथ जुड़ाव को सुदृढ़ कर पाई, कारोबार के एक एकीकृत मॉडल के तहत शादी तथा अन्य कार्यक्रमों से संबंधित प्रमुख सेवाओं को बेहतर बना पाई और आतिथ्य की अच्छी सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा कर पाई। इस परियोजना से स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोगार के अवसर भी सृजित हुए और साथ ही कंपनी को आतिथ्य के प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में ग्राहकों का एक ठोस आधार तैयार करने में मदद मिली।

मनोरंजन पार्क

 

एकीकृत मनोरंजन पार्क, बैंक्वेट हॉल और आतिथ्य सेवाएं

इस उपाय का प्रभाव बेहद अच्छा रहा है। आज इस कंपनी में कुल कर्मचारियों की संख्या 14 से बढ़कर 25 हो गई है। इनमें से 12 कर्मचारी अनुसूचित जाति/पिछड़े वर्ग से और 13 कर्मचारी गैर-अनुसूचित जाति/पिछड़े वर्ग से हैं। कंपनी की परिसंपत्ति (एसेट बेस) में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह 1.21 करोड़ रुपये से बढ़कर 6.65 करोड़ रुपये हो गई है, जो इसके निरंतर बढ़ते कारोबार और बेहतर होती आर्थिक क्षमता को दर्शाता है।

श्री मनीष वर्मा

इस यात्रा को याद करते हुए, श्री वर्मा ने कहा:

“सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ‘अनुसूचित जातियों के लिए उद्यम पूंजी कोष (वीसीएफ-एससी)’ से मिली सहायता ने हमें अपने कारोबार को बढ़ाने, कामकाज में स्थिरता लाने और आतिथ्य व अन्य कार्यक्रमों से जुड़ी सेवाओं को बेहतर बना पाने में समर्थ बनाया। आज, बीपी सन्स प्राइवेट लिमिटेड ने ग्राहकों का एक ठोस आधार बना लिया है और यह कंपनी निरंतर रोजगार के अवसर सृजित करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में आतिथ्य सेक्टर के विकास में भी योगदान दे रही है।”

बीपी सन्स प्राइवेट लिमिटेड की सफलता यह दर्शाती है कि ‘अनुसूचित जातियों के लिए उद्यम पूंजी कोष (वीसीएफ-एससी)’ के तहत मिलने वाली लक्षित आर्थिक सहायता कैसे अनुसूचित जाति के उद्यमियों को ऐसे टिकाऊ उद्यम शुरू करने में मदद कर रही है, जो रोजगार सृजित  करते हैं, क्षेत्रीय पर्यटन एवं आतिथ्य से संबंधित बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करते हैं और समावेशी आर्थिक विकास में योगदान देते हैं। उद्यमिता को बढ़ावा देकर और कारोबार के विस्तार में सहायता प्रदान करके, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय देश भर में उद्यमियों को सशक्त बनाने, आजीविका के साधन सृजित करने और टिकाऊ भविष्य के निर्माण का काम जारी रखे हुए है।

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पीके/केसी/आर

 


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