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सोनपुर बाजारी ओसीएम : कोयला उत्पादन और परिचालन उत्कृष्टता में नए स्थाीपित मानक

प्रविष्टि तिथि: 03 AUG 2026 4:05PM by PIB Delhi

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में रानीगंज कोयला क्षेत्र के पूर्वी भाग में स्थित सोनपुर बाजारी खुली खदान (ओसीएम) ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की प्रमुख खदानों में से एक है और कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सर्वाधिक उत्पादक खुली खदानों में शामिल है। दशकों से यह खदान भारत की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।  ये एनटीपीसी, डब्ल्यूबीपीडीसीएल, डीवीसी, सीईएससी और कई प्रमुख विद्युत संयंत्रों को गुणवत्तापूर्ण तापीय कोयले की आपूर्ति करती है। अपने मजबूत बुनियादी ढांचे, वैज्ञानिक खदान योजना और उत्कृष्ट परिचालन के साथ सोनपुर बाजारी देश की बढती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्कृष्ट भौतिक प्रदर्शन

सोनपुर बाजारी ओसीएम ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत उल्लेखनीय परिचालन प्रदर्शन के साथ की है, जो सटीक योजना और कुशल क्रियान्वयन को दर्शाता है। 120 लाख टन कोयला उत्पादन के महत्वाकांक्षी वार्षिक कार्य योजना (एएपी) लक्ष्य के मुकाबले  खदान लगातार निर्धारित समय-सारणी से आगे चल रही है।

वर्तमान अवधि तक 27.74 लाख टन के नियोजित कोयला उत्पादन लक्ष्य के मुकाबले खदान ने 29.22 लाख टन का उत्पादन किया है, जो लक्ष्य का 105.34 प्रतिशत है। यह उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन संसाधनों के कुशल उपयोग, अनुशासित खदान योजना और क्षेत्र स्तर पर सशक्त क्रियान्वयन का प्रमाण है।

ओवरबर्डन रिमूवल (ओबीआर) में भी खदान का प्रदर्शन उतना ही उल्लेखनीय रहा है, जो सतत कोयला उत्पादन की आधार है। 206.20 लाख घन मीटर के नियोजित ओबीआर लक्ष्य के मुकाबले खदान ने 253.40 लाख घन मीटर का लक्ष्य हासिल किया है, जो 122.89 प्रतिशत की उत्कृष्ट उपलब्धि है। ओवरबर्डन को तेजी से हटाने से कोयले की उपलब्धता में काफी वृद्धि हुई है, जिससे चालू वित्‍त वर्ष के शेष भाग के लिए एक मजबूत उत्पादन आधार तैयार हुआ है।

इस खदान ने कोयला निकासी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। चालू वित्त वर्ष में कोयले की आपूर्ति 39.94 लाख टन तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। यह कुशल रसद प्रबंधन, बेहतर निकासी प्रणालियों और उत्पादन एवं प्रेक्षण कार्यों के बीच निर्बाध समन्वय को दर्शाता है।

वार्षिक लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रमुख अनुकूल कारक

इस खदान के प्रभावशाली परिचालन प्रदर्शन को कई अनुकूल कारकों का समर्थन मिला है, जिन्होंने इसकी उत्पादन क्षमता को काफी मजबूत किया है।

यह मानते हुए कि खुली खदानों के खनन के लिए भूमि की उपलब्धता सबसे प्रमुख कारक है, सोनपुर बाजारी ने पुनर्वास और पुनर्स्थापन में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसके परिणामस्वरूप कोयला उत्पादक क्षेत्रों से गांवों का सफलतापूर्वक विस्थापन हुआ है। इससे खनन के लिए बडा क्षेत्र उपलब्ध हुआ है, कोयले की उपलब्धता मजबूत हुई है और निरंतर उत्पादन के लिए पर्याप्त कार्यस्थल तैयार हुए हैं। साथ ही, अतिरिक्त खनन क्षेत्र भी उपलब्ध हो गए हैं, जिससे परिचालन की निरंतरता सुनिश्चित हुई है और वार्षिक कार्य योजना के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पर्याप्त परिचालन लचीलापन मिला है।

इस खदान की एक और प्रमुख ताकत इसका सुदृढ़ कोयला निकासी अवसंरचना है। वर्ष 2021 में शुरू किया गया आधुनिक 12 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाला कोयला हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) रैपिड लोडिंग सिस्टम, ट्विन साइलो और पर्याप्त बंकर क्षमता से लैस है, जो प्रतिदिन 10-12 रेलवे रेक भेजने में सक्षम है। यह देशभर के उपभोक्ताओं तक कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करता है और रसद संबंधी संभावित बाधाओं को दूर करता है। आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों की उपलब्धता खदान की उत्पादन तत्परता को और मजबूत करती है।

प्रौद्योगिकी और अवसंरचना बढा रहे हैं उत्पादकता

सोनपुर बाजारी के पास ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में सबसे व्यापक हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी (एचईएमएम) बेड़ा है। खदान में उच्च क्षमता वाली मैरियन ड्रैगलाइन , इलेक्ट्रिक रोप शॉवेल, हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर, बड़ी क्षमता वाले डम्पर और सहायक उपकरणों की एक विस्तृत श्रृंखला कार्यरत है। विभागीय कार्यों को आउटसोर्स किए गए खनन बेड़ों द्वारा प्रभावी ढंग से पूरा किया जाता है,  जिससे परिचालन लचीलापन, उपकरणों का इष्टतम उपयोग और उच्च उत्पादकता सुनिश्चित होती है।

इस खदान ने उत्पादकता बढ़ाने और टिकाऊ खनन प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक खनन प्रौद्योगिकियों को अपनाया है। उच्च क्षमता वाली सरफेस माइनर्स विस्फोट-मुक्त कोयला निष्कर्षण को सक्षम बनाती हैं, जिससे उत्पादकता में सुधार होता है, कोयले का आकार एकसमान होता है और पर्यावरण पर प्रभाव कम पड़ता है। उन्नत ड्रिलिंग प्रणालियां, नियंत्रित विस्फोट तकनीकें और धूल नियंत्रण उपाय खनन कार्यों को सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाती है।

उत्‍पादन के लिए पूरी तरह तैयार खदान

सोनपुर बाजारी ओसीएम कोल इंडिया लिमिटेड के खनन कार्यों में हो रहे बदलाव का एक बेहतरीन उदाहरण है। उत्कृष्ट उत्पादन प्रदर्शन, असाधारण ओवरबर्डन उपलब्धि, कोयले की बढी हुई उपलब्धता, भूमि की बेहतर उपलब्धता, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और उन्नत प्रौद्योगिकियों के उपयोग ने संयुक्‍त रूप से खदान को एक और सफल वर्ष के लिए तैयार कर दिया है।

सभी प्रमुख अनुकूल परिस्थितियां मौजूद होने के कारण सोनपुर बाजारी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने 120 लाख टन कोयला उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह दर्शाता है कि कैसे सही खदान नियोजन, समय पर क्रियान्वयन, प्रौद्योगिकीय आधुनिकीकरण और एक समर्पित कार्यबल निरंतर परिचालन उत्कृष्टता प्रदान कर सकते हैं। ईसीएल की प्रमुख खदानों में से एक के रूप में सोनपुर बाजारी उत्पादकता में नए मानक स्थापित करना जारी रखे हुए है, साथ ही देश के लिए विश्वसनीय, किफायती और सतत ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के कोल इंडिया लिमिटेड के मिशन में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

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पीके/केसी/आईएम/जीआरएस


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