पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
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संसद प्रश्न: ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम

प्रविष्टि तिथि: 03 AUG 2026 5:31PM by PIB Delhi

ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम पर्यावरण के अनुकूल कार्यों को प्रोत्साहित करने और मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) आंदोलन के उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए एक अभिनव तंत्र है। इस आंदोलन का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल कार्यों का समर्थन करने वाले व्यवहारिक परिवर्तनों की ओर समुदाय को प्रेरित करके स्थायी जीवनशैली को बढ़ावा देना है। ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम का लक्ष्य पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकियों और प्रणालियों को अपनाकर हरित आवरण बढ़ाना, कार्बन पृथक्करण को बढ़ाना, खराब भूमि का जीर्णोद्धार करना और कार्बन उत्‍सर्जन को कम करना है।

केंद्र सरकार ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत स्वैच्छिक पर्यावरण-अनुकूल कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए 12 अक्टूबर, 2023 को हरित ऋण नियम, 2023 अधिसूचित किए हैं, जिनके परिणामस्वरूप हरित ऋण जारी किए जाते हैं। ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के तहत, वृक्षारोपण और विक्षुब्ध वन भूमि के पारिस्थितिकीय पुनर्स्थापन की प्रक्रिया 22 फरवरी, 2024 को अधिसूचित की गई थी और बाद में 29 अगस्त, 2025 को संशोधित की गई। इस उद्देश्य के लिए एक ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम पोर्टल (https://moefccgcp.in/) विकसित किया गया है।

भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, देहरादून, ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के तहत प्रशासक है और कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है, जिसमें इसका प्रबंधन, संचालन और ग्रीन क्रेडिट जारी करना शामिल है।

ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम का उद्देश्य सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से खराब हो चुकी वन भूमि को पुनर्स्थापित करना है। ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के अंतर्गत जिन खराब हो चुकी वन भूमि को शामिल करने का प्रस्ताव है, उनका चयन और पंजीकरण राज्य वन विभाग द्वारा जमीनी स्तर पर उचित सत्यापन के बाद किया जाता है।

ग्रीन क्रेडिट का दावा आवेदक द्वारा तभी किया जा सकता है जब कम से कम पांच वर्षों का पुनर्स्थापन कार्य पूरा हो चुका हो और कम से कम चालीस प्रतिशत का कैनोपी घनत्व प्राप्त हो गया हो। रोपित पौधों और प्राकृतिक रूप से उगने वाले पौधों को परिपक्व होने और पर्याप्त कैनोपी आवरण विकसित करने के लिए पांच वर्ष की स्थापना अवधि निर्धारित की गई है, ताकि मध्यम रूप से घने जंगल के अनुरूप निर्धारित 40 प्रतिशत कैनोपी घनत्व प्राप्त किया जा सके।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत किए गए वन पुनर्स्थापन कार्यों का उद्देश्य जैव विविधता को बढ़ाना और वन संसाधनों की उत्पादकता में सुधार करना है। निम्नीकृत वन भूमि के पुनर्स्थापन का लक्ष्य लकड़ी, गैर-लकड़ी वन उत्पाद, चारा, जल और अन्य इकोसिस्‍टम सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाकर स्थानीय समुदायों को लाभ पहुंचाना है।

ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के तहत नामित "नामित एजेंसी" ग्रीन क्रेडिट के दावे का सत्यापन करेगी और ग्रीन क्रेडिट जारी करने के लिए आवेदक द्वारा की गई गतिविधियों के सत्यापन के संबंध में प्रशासक को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम के तहत पुनर्स्‍थापन गतिविधियों की निगरानी और रिपोर्टिंग पर एक व्यापक नियमावली, जो कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन और निगरानी को सुगम बनाएगी।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एसकेएस/केके


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