प्रविष्टि तिथि:
24 JUL 2026 3:29PM by PIB Delhi
'आयुष ग्रिड' परियोजना आयुष क्षेत्र के आईटी आधार के रूप में कार्य करती है, जो स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान एवं विकास, आयुष औषधि प्रशासन, औषधीय पौधों, शिक्षा एवं जागरूकता, क्षमता निर्माण और वैश्विक/मीडिया प्रसार में डिजिटल बदलाव को आगे बढ़ा रही है।
इस पहल के तहत, चौबीस ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं और उन्हें पूरे देश में सुलभ बनाया गया है। 'माय आयुष इंटीग्रेटेड सर्विसेज पोर्टल', जो आयुष मंत्रालय का मास्टर पोर्टल है और https://www.maisp.ayush.gov.in पर उपलब्ध है, आयुष से जुड़ी सभी एप्लीकेशनों और सेवाओं को एक एकीकृत डिजिटल तंत्र में जोड़ता है। उपयोगकर्ता की सहायता करने और उनके अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक एआई-सक्षम चैटबॉट (बीटा संस्करण) भी तैनात किया गया है। यह पोर्टल विभिन्न सेवाओं और योजनाओं तक नागरिक-केंद्रित पहुंच की सुविधा प्रदान करता है और रीयल-टाइम निगरानी व डेटा-आधारित निर्णय लेने में सक्षम बनाता है। (विस्तृत विवरण maisp.ayush.gov.in पर उपलब्ध है)
इसी प्रकार, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अनुकूल 'आयुष अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली' (एएचएमआईएस) को स्वास्थ्य सेवाओं के वितरण को डिजिटल बनाने और आयुष स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रबंधन में सुधार के लिए लागू किया गया है। 'आयुष अनुदान पोर्टल' ने मंत्रालय की विभिन्न केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के तहत फंडिंग प्रस्तावों को जमा करने, उनके प्रसंस्करण, स्वीकृति और निगरानी की प्रक्रिया को सरल और सुव्यवस्थित बनाया है। 'आयुष रिसर्च पोर्टल' 43,000 से अधिक चयनित आयुष शोध प्रकाशनों के एक केंद्रित डिजिटल भंडार के रूप में कार्य करता है, जो शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और नीति निर्माताओं के लिए आसान पहुंच प्रदान करता है। 'आयुष निवेश सारथी पोर्टल' आयुष क्षेत्र में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक समर्पित प्रवेश द्वार (गेटवे) के रूप में कार्य करता है, जो निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जानकारी प्रदान करता है। 'ई-चरक' पोर्टल औषधीय पौधा क्षेत्र के लिए एक वर्चुअल मार्केटप्लेस और सूचना प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है, जो किसानों, संग्राहकों, खरीदारों, निर्माताओं और निर्यातकों को आपस में जोड़ता है।
'वाई-ब्रेक प्रो' मोबाइल एप्लीकेशन कार्यस्थलों पर छोटे योग सत्रों के माध्यम से समग्र आरोग्य को बढ़ावा देता है। 'एमयोग' एप्लीकेशन सीखने के मॉड्यूल और निर्देशित सत्र प्रदान करके नियमित योग अभ्यास को प्रोत्साहित करता है, जिन्हें कभी भी और कहीं भी एक्सेस किया जा सकता है। 'योग पोर्टल' योग को एक समग्र जीवन शैली अभ्यास के रूप में बढ़ावा देने और सभी के लिए इसकी पहुंच में सुधार करने के लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है। यह योग प्रोटोकॉल, प्रशिक्षण मॉड्यूल, प्रमाणित संस्थानों, कार्यक्रमों और शोध अध्ययनों पर प्रामाणिक व व्यवस्थित जानकारी प्रदान करता है, जिससे शिक्षार्थियों और अभ्यासकर्ताओं के लिए विश्वसनीयता व आसान पहुंच सुनिश्चित होती है।
इसके अतिरिक्त, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के दौरान योग पोर्टल पर आयोजित 'योग संगम' में 7.6 लाख से अधिक संगठनों का पंजीकरण देखा गया, जिन्होंने देश भर में एक साथ योग करने वाले लोगों की 8 लाख से अधिक तस्वीरें अपलोड कीं।
सामूहिक रूप से, आयुष ग्रिड के तहत विकसित सभी ई-गवर्नेंस उपकरण सभी के लिए सुलभ हैं और इन्होंने सेवा वितरण को मजबूत किया है, परिचालन दक्षता में सुधार किया है तथा पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाया है।
आयुष ग्रिड ने डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करके और सेवा वितरण का मानकीकरण करके, ग्रामीण और आकांक्षी जिलों सहित आयुष-आधारित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार किया है।
आयुष अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (एएचएमआईएस) जैसे प्लेटफॉर्मों के माध्यम से मरीज का पंजीकरण, इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड, रेफरल और देखभाल की निरंतरता को डिजिटल रूप से सक्षम बनाया जा रहा है। 15 जुलाई 2026 तक, देश भर की कुल 5,386 आयुष स्वास्थ्य सुविधाओं को एएचएमआईएस से जोड़ा जा चुका है। ओडिशा में 'क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान', 'क्षेत्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान' और 'केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान' एएचएमआईएस एप्लीकेशन से जुड़ चुके हैं। रीयल-टाइम डैशबोर्ड और मानकीकृत रिपोर्टिंग राज्य एवं जिला अधिकारियों द्वारा निगरानी, योजना और लक्षित हस्तक्षेपों का समर्थन करती है, जिससे ऐसे क्षेत्रों में आयुष सेवाओं की उपलब्धता और पहुंच में सुधार होता है।
इसके अलावा, पीएम गतिशक्ति पोर्टल ने योजना बनाने और निर्णय लेने में सहायता के लिए 'पीएम गतिशक्ति आयुष एसेट मैपिंग टूल' का उपयोग करके आयुष स्वास्थ्य सुविधाओं की जीआईएस मैपिंग को सक्षम बनाया है। 15 जुलाई 2026 तक, पोर्टल पर कुल 6,002 सुविधाओं को मैप किया जा चुका है, जिनमें से 85 आयुष औषधालय और 150 आयुष आरोग्य मंदिर ओडिशा राज्य से हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के दौरान योग पोर्टल पर आयोजित 'योग संगम' में, किंवझर संसदीय क्षेत्र के तहत 235 संगठन और ओडिशा में कुल 14,890 संगठन पंजीकृत हुए हैं।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयुष स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा इन डिजिटल प्लेटफॉर्मों को अपनाए जाने से ग्रामीण और आकांक्षी जिलों सहित आयुष सेवाओं की पहुंच, गुणवत्ता और निरंतरता में सुधार हुआ है।
'माय आयुष इंटीग्रेटेड सर्विसेज पोर्टल', जो आयुष मंत्रालय का मास्टर पोर्टल है, आयुष से जुड़ी सभी एप्लीकेशनों और सेवाओं को एक एकीकृत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में जोड़ता है। आयुष ग्रिड परियोजना के तहत विकसित सभी पोर्टल ओडिशा के किंवझर संसदीय क्षेत्र सहित सभी उपयोगकर्ताओं के लिए सुलभ हैं। इसके अलावा, पूरे भारत में आयुष अस्पतालों, औषधालयों, वेलनेस सेंटरों आदि को डिजिटल रूप से मजबूत करने के लिए एएचएमआईएस एप्लीकेशन विकसित किया गया है। एएचएमआईएस एप्लीकेशन का उपयोग करके मरीज ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं और कतार में इंतजार किए बिना सीधे स्वास्थ्य केंद्र जा सकते हैं। एएचएमआईएस एप्लीकेशन के माध्यम से दवाओं के स्टॉक का रखरखाव भी डिजिटल रूप से किया जा रहा है।
आयुष मंत्रालय डिजिटल प्लेटफॉर्मों में सुधार करके, अंतर-संचालनीयता को बढ़ावा देकर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी उभरती तकनीकों को अपनाकर तथा डेटा-आधारित शासन को सक्षम बनाकर आयुष क्षेत्र के लिए एक व्यापक डिजिटल तंत्र के रूप में आयुष ग्रिड को मजबूत कर रहा है।
इन प्रयासों का उद्देश्य सेवा वितरण में सुधार करना, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को सुगम बनाना, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत 'डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन' के सहयोग से बहुभाषी सहायता प्रदान करना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों व डिजिटल स्वास्थ्य पहलों के साथ निर्बाध एकीकरण सुनिश्चित करना है।
यह जानकारी आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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