ग्रामीण विकास मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

वीबी-जी राम-जी अधिनियम, 2025 के अंतर्गत रोजगार गारंटी और आजीविका सहायता

प्रविष्टि तिथि: 31 JUL 2026 5:23PM by PIB Delhi

125 दिनों का बढ़ा हुआ गारंटीकृत मजदूरी रोजगार, सतत एवं उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के सृजन, सतत आजीविका को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण अवसंरचना को सुदृढ़ करने हेतु एक सुदृढ़ वैधानिक ढांचे के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य के साथ विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम, 2025 1 जुलाई, 2026 से लागू हो गया है। यह अधिनियम संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण की परिकल्पना करता है, जो अन्य केंद्रीय एवं राज्य सरकारों के कार्यक्रमों के साथ अभिसरण को बढ़ावा देता है तथा जल-संबंधी कार्यों, मूल ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका-संबंधी अवसंरचना तथा प्रतिकूल मौसम घटनाओं के शमन हेतु कार्यों पर बल देता है, साथ ही प्रौद्योगिकी-सक्षम योजना, कार्यान्वयन, निगरानी तथा पारदर्शिता को बढ़ाता है।

अधिनियम की धारा 22 की उपधारा (2) के अनुसार, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच निधि साझाकरण पद्धति उत्तर पूर्वी राज्यों, हिमालयी राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर) के लिए 90:10 तथा विधानमंडल वाले अन्य सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के लिए 60:40 होगी।

चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए योजना हेतु 95,692.31 करोड़ रु के केंद्रीय अंश का प्रावधान किया गया है, जो बजट अनुमान चरण में ग्रामीण रोजगार के लिए अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। संगत अनुमानित राज्यांश को शामिल करने पर, कुल कार्यक्रम परिव्यय 1.51 लाख करोड़ रु से अधिक होने की संभावना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन तथा आय वृद्धि में उल्लेखनीय तेजी आने की अपेक्षा है।

वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025, प्रत्येक ऐसे ग्रामीण परिवार के लिए, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक कार्य करने हेतु इच्छुक हों, एक वित्त वर्ष में गारंटीकृत रोजगार को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों तक करता है। यह अधिनियम, निर्धारित समय के भीतर रोजगार न दिए जाने पर बेरोजगारी भत्ते तथा मजदूरी भुगतान में विलंब के लिए मुआवजे का स्पष्ट रूप से प्रावधान करके श्रमिकों के सांविधिक अधिकारों को और सुदृढ़ करता है। इसमें पंजीकरण तथा रोजगार की मांग हेतु सरलीकृत तंत्र का भी प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, श्रमिकों के बैंक खातों में सीधे मजदूरी के समयबद्ध, पारदर्शी तथा जवाबदेह अंतरण को सुगम बनाने हेतु योजना के अंतर्गत मजदूरी भुगतान डीबीटी-स्पर्श के माध्यम से किया जाता है। इसके अलावा, योजना के कार्यान्वयन में ग्राम पंचायत की महत्वपूर्ण भूमिका बनी रहेगी।

वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 योजना के प्रभावी कार्यान्वयन तथा गरीब श्रमिकों सहित पात्र ग्रामीण परिवारों को समयबद्ध लाभ प्रदान करना सुनिश्चित करने हेतु निगरानी, मूल्यांकन तथा शिकायत निवारण के लिए एक व्यापक संस्थागत ढांचा प्रदान करता है। योजना के कार्यान्वयन की निगरानी प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस), विभिन्न स्तरों पर आवधिक समीक्षा बैठकों, सामाजिक लेखा परीक्षा, निरीक्षणों तथा अधिनियम के अंतर्गत अन्य निर्धारित निगरानी तंत्रों के माध्यम से की जाती है। अधिनियम में योजना के कार्यान्वयन से संबंधित शिकायतों की प्राप्ति और निपटान हेतु ब्लॉक तथा जिला स्तर पर एक समयबद्ध, बहु-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र का भी प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, मंत्रालय इसके प्रभावी कार्यान्वयन को सुदृढ़ करने हेतु समय-समय पर राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को तकनीकी सहायता, क्षमता निर्माण तथा मार्गदर्शी सहायता प्रदान करता है। इन उपायों का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही, कुशल सेवा प्रदायगी तथा वीबी-जी राम जी योजना के प्रभावी कार्यान्वयन को, वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अनुसार सुनिश्चित करना है।

यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

***

आर सी/ पीयू


(रिलीज़ आईडी: 2292540) आगंतुक पटल : 91
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English