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दूसरे स्वदेशी गोताखोरी सहायता पोत ‘निपुण’ को नौसेना को सौंपा गया

प्रविष्टि तिथि: 30 JUL 2026 8:38PM by PIB Delhi

हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित दूसरा डाइविंग सपोर्ट वेसल (डीएसवी) ‘निपुण’ 30 जुलाई 2026 को विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। इस पोत का डिजाइन और निर्माण इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (आईआरएस) के वर्गीकरण मानकों के अनुरूप किया गया है।

‘निपुण’ नाम संस्कृत शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है ‘कुशल, दक्ष और किसी विशेष कार्य में पारंगत’। अपने नाम के अनुरूप यह पोत अत्याधुनिक क्षमताओं से लैस है तथा गहरे समुद्र में गोताखोरी, खोज एवं बचाव अभियानों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सक्षम है।

इस पोत में अत्याधुनिक गोताखोरी उपकरण लगाए गए हैं, जो इसे गहरे समुद्र में सैचुरेशन डाइविंग अभियानों के संचालन में सक्षम बनाते हैं। गोताखोरी कार्यों के लिए इसमें एक साइड डाइविंग स्टेज भी उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त, रिमोट संचालित वाहन (आरओवी) गोताखोरों की निगरानी तथा खोज एवं बचाव अभियानों में सहायता प्रदान कर इसकी परिचालन क्षमता को और सुदृढ़ बनाते हैं। यह पोत डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू वेसल (डीएसआरवी) के लिए मुख्य सहायक जहाज के रूप में भी कार्य करेगा, जिससे पनडुब्बी में आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर उसमें फंसे कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकालने में सहायता मिलेगी।

‘निपुण’ का सौंपा जाना भारतीय नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत निर्माण कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। लगभग 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री से निर्मित यह पोत ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सरकार के दृष्टिकोण को सशक्त रूप से आगे बढ़ाता है। इसकी नौसेना में शामिल होने से गहरे समुद्र में विशेष गोताखोरी, खोज एवं बचाव अभियानों से जुड़ी भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमताओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।

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पीके/केसी/एनके/एसएस


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