मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

समुद्री मत्स्य पालन अवसंरचना और ओडिशा में मछुआरों का कल्याण

प्रविष्टि तिथि: 30 JUL 2026 3:03PM by PIB Delhi

क. मत्स्य पालन विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार, वित्तीय वर्ष 2020-21 से अब तक ओडिशा राज्य सहित सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए कुल 20,750 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) को क्रियान्वित कर रहा है। यह योजना, अन्य बातों के साथ-साथ, मछली पकड़ने के बंदरगाहों, मछली उतरान केंद्रों, कोल्ड चेन सुविधाओं और अन्य समुद्री मत्स्य अवसंरचना जैसे मत्स्य विकास अवसंरचना के विकास का प्रावधान करती है। मत्स्य पालन विभाग, भारत सरकार ने ओडिशा राज्य के लिए 416.84 करोड़ रुपये के केंद्रीय हिस्से सहित 1086.51 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है; जिसका विवरण अनुबंध-I में दिया गया है। विभाग ने पीएमएमएसवाई के केंद्रीय क्षेत्र घटक के तहत 108.91 करोड़ रुपये की कुल लागत से पारादीप मत्स्य बंदरगाह के आधुनिकीकरण को भी मंजूरी दी है। मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का मत्स्य पालन विभाग वर्ष 2018-19 से मत्स्य क्षेत्र की अवसंरचना आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु मत्स्य पालन और जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (एफआईडीएफ) को भी क्रियान्वित कर रहा है। एफआईडीएफ के तहत, भारत सरकार स्वीकार्य परियोजना लागत पर 3% तक की ब्याज सहायता प्रदान करती है। इस योजना के तहत, विभाग ने अब तक ओडिशा में मछली पकड़ने के बंदरगाहों, मछली उतरान केंद्रों, मछली प्रसंस्करण इकाइयों और मछली बाजारों सहित 13 मत्स्य अवसंरचना परियोजनाओं को कुल 784.32 करोड़ रुपये की परियोजना लागत पर मंजूरी दी है, जिसमें से 286.39 करोड़ रुपये की परियोजना लागत ब्याज सहायता हेतु पात्र है। ओडिशा राज्य में एफआईडीएफ के तहत स्वीकृत परियोजनाओं का विवरण अनुबंध-II में दिया गया है।

ख. ओडिशा सरकार द्वारा रिपोर्ट किए गए अनुसार जिलावार स्वीकृत, जारी और उपयोग किए गए धन का विवरण अनुबंध-III में दिया गया है।

ग. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी से संबंधित सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े सक्रिय पारंपरिक समुद्री मछुआरा परिवारों को वार्षिक एकसमान मत्स्यन प्रतिबंध अवधि के दौरान आजीविका और पोषण सहायता प्रदान करती है। इसके अलावा, पीएमएमएसवाई दुर्घटना बीमा, मछली पकड़ने की नौकाओं और जालों की खरीद, गहरे समुद्र में मत्स्यन हेतु मछली पकड़ने के जहाजों के उन्नयन, समुद्री पिंजरा पालन सहित मेरीकल्चर गतिविधियों, समुद्री शैवाल की खेती, सजावटी मछली पालन और मोती की खेती, कृत्रिम चट्टानों की तैनाती, तथा आधुनिक व टिकाऊ मत्स्यन प्रथाओं को अपनाने हेतु प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसे हस्तक्षेपों के माध्यम से पारंपरिक समुद्री मछुआरों के कल्याण और आजीविका संवर्धन का भी समर्थन करती है। इसके अतिरिक्त, ओडिशा सरकार ने बताया है कि एक राज्य क्षेत्र योजना, मुख्यमंत्री मत्स्यजीवी कल्याण योजना (एमएमकेवाई) के तहत, अधिसूचित मत्स्यन प्रतिबंध क्षेत्रों में रहने वाले समुद्री मछुआरों की आजीविका हानि की भरपाई और सहायता हेतु 1 नवंबर से 31 मई तक की वार्षिक कछुआ संरक्षण मत्स्यन प्रतिबंध अवधि के दौरान प्रत्येक पात्र समुद्री मछुआरा परिवार को 15,000 रुपये की आजीविका सहायता प्रदान की जाती है।

घ. ओडिशा सरकार ने बताया है कि राज्य में गहरे समुद्र में मत्स्यन, मूल्य संवर्धन और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हेतु निम्नलिखित उपाय किए गए हैं: पीएमएमएसवाई और मुख्यमंत्री कृषि उद्योग योजना (एमकेयूवाई) के तहत वित्तीय सहायता के साथ गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाले जहाजों (डीएसएफवी) को बढ़ावा देना; अपतटीय मत्स्यन, आधुनिक मत्स्यन प्रौद्योगिकियों, टूना मत्स्यपालन, मेरीकल्चर और नीली अर्थव्यवस्था पहलों को बढ़ावा देने हेतु राज्य गहरे समुद्र मत्स्यन मिशन (2026-2036) का शुभारंभ; कटाई-पश्चात नुकसान कम करने और बाजार पहुंच बेहतर बनाने के लिए पीएमएमएसवाई के तहत मछली पकड़ने के बंदरगाहों, मछली उतरान केंद्रों, बर्फ संयंत्रों, कोल्ड स्टोरेज, इंसुलेटेड व रेफ्रिजरेटेड परिवहन वाहनों और मछली कियोस्क का विकास व आधुनिकीकरण; स्वच्छ मछली प्रबंधन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग तथा कोल्ड चेन अवसंरचना को मजबूत करने के माध्यम से मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना; गहरे समुद्र में मत्स्यन तकनीकों, जहाज पर मछली प्रबंधन, नौवहन, समुद्र में सुरक्षा और टिकाऊ मत्स्यन प्रथाओं पर मछुआरों का क्षमता निर्माण व प्रशिक्षण; सुरक्षा, निगरानी और नियामक अनुपालन बढ़ाने हेतु मशीनीकृत मछली पकड़ने वाले जहाजों में ट्रांसपोंडर-आधारित पोत निगरानी प्रणाली (वीएमएस) की स्थापना; टिकाऊ समुद्री मत्स्य प्रबंधन हेतु कछुआ बहिष्करण उपकरणों (टीईडी) और अन्य जिम्मेदार मत्स्यन प्रथाओं को बढ़ावा देना; तथा समुद्री मछली और मत्स्य उत्पादों की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हेतु एमपीईडीए, एनएफडीबी और राज्य मत्स्य पालन विभाग जैसी एजेंसियों के समन्वय से बाजार संपर्क और निर्यात-उन्मुख मत्स्य अवसंरचना की सुविधा प्रदान करना। ओडिशा सरकार ने यह भी बताया है कि उन्होंने अधिसूचना संख्या 7034 दिनांक 16.03.2024 के माध्यम से छत्र योजना मुख्यमंत्री मत्स्यजीवी कल्याण योजना (एमएमकेवाई) के तहत एक घटक के रूप में "जलीय कृषि और झींगा निर्यात प्रकोष्ठ को बढ़ावा देना" आरंभ किया है। इस घटक के तहत, समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए संयंत्र व मशीनरी की खरीद और स्थापना हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों के लिए 30% (3.5 करोड़ रुपये तक) तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, दिव्यांगजनों और पात्र पेशेवर रूप से योग्य लाभार्थियों के लिए 35% (4.0 करोड़ रुपये तक) की सब्सिडी सहायता शामिल है। ओडिशा सरकार ने आगे बताया है कि झींगा उत्पादन को बढ़ावा देने और राज्य की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने हेतु अंतर्देशीय खारे पानी में सफेद पैर वाले झींगा (व्हाइट-लेग श्रिम्प) की खेती के लिए एक पृथक नियामक ढांचा अधिसूचना संख्या 12770 दिनांक 13.07.2026 के माध्यम से अधिसूचित किया गया है।

 

अनुबंध-I

विवरण "समुद्री मत्स्य पालन अवसंरचना और ओडिशा में मछुआरों का कल्याण" के संबंध में: पीएमएमएसवाई के तहत ओडिशा में विकसित कोल्ड चेन अवसंरचना का विवरण।

क्र.सं.

अवसंरचना

स्थापित/उन्नत इकाइयाँ

1

आइस प्लांट और कोल्ड स्टोरेज (50 एमटी)

24

2

आइस प्लांट का आधुनिकीकरण

5

3

फिश कियोस्क

24

4

रेफ्रिजरेटेड वाहन

10

5

इंसुलेटेड वाहन

175

6

मछली विपणन हेतु मोटरसाइकिल

700

7

आइस बॉक्स सहित ऑटो

240

कुल निर्मित/उन्नत अवसंरचना: 1,178 इकाइयाँ

 

अनुबंध-II

विवरण "समुद्री मत्स्य पालन अवसंरचना और ओडिशा में मछुआरों का कल्याण" के संबंध में: एफआईडीएफ के तहत ओडिशा में स्वीकृत परियोजनाओं का विवरण।

(राशि रुपये करोड़ में)

क्र.सं.

वित्तीय वर्ष

परियोजना का नाम

कुल परियोजना लागत (₹ करोड़)

ब्याज सहायता हेतु प्रतिबंधित परियोजना लागत

. सरकारी परियोजनाएं

1

2025-26

गंजाम जिले के हुम्मा में सूखी मछली बाजार के निर्माण हेतु अतिरिक्त कार्य

2.35

2.35

2

 

खुर्दा जिले के कालूपाड़ाघाट में मछली उतरान केंद्र की स्थापना

17.62

10.00

3

 

भद्रक जिले के कासिया में मछली उतरान केंद्र की स्थापना

16.36

10.00

4

 

खुर्दा जिले के सोराना में मछली उतरान केंद्र की स्थापना

18.63

10.00

5

 

उच्च स्वास्थ्य टाइगर झींगा (पेनियस मोनोडॉन) के बहु-प्रजाति खारे पानी व्यावसायिक उत्पादन हेतु मौजूदा ओएसएसपीएआरसी बीज फार्म परिसर का उन्नयन, मरम्मत व नवीनीकरण

5.25

5.00

6

 

उच्च स्वास्थ्य सी बास के व्यावसायिक उत्पादन हेतु बहु-प्रजाति खारे पानी हैचरी के लिए मौजूदा ओएसएसपीएआरसी हैचरी परिसर का उन्नयन, मरम्मत व नवीनीकरण

16.48

5.00

7

 

पुरी जिले के तालाबनिया में स्वच्छ मछली बाजार की प्रथम मंजिल का निर्माण

8

8.00

8

2026-27

जगतसिंहपुर के चौमुहानी में मछली उतरान केंद्र का निर्माण

15.56

10.00

9

 

गंजाम के केशपुर में मछली उतरान केंद्र का निर्माण

44.60

10.00

10

 

अर्जीपल्ली में आधुनिक वैकल्पिक गोपालपुर मत्स्य बंदरगाह की स्थापना

545.50

150.00

11

 

मत्स्य सदन परिसर में ओडिशा ब्लू इकोनॉमी हब (फिश हब) की स्थापना

50.57

50.57

 

 

सरकारी परियोजनाओं का उप-योग

740.92

270.92

. निजी परियोजनाएं

12

2022-23

झींगा प्रसंस्करण इकाई का विस्तार

35.48

9.13

13

2025-26

बालेश्वर जिले के रूपा में द्वि-चरणीय लेप्टोपेनियस वन्नामेई गहन खेती

7.92

6.34

 

 

निजी परियोजनाओं का उप-योग

43.4

15.47

 

 

कुल योग (+)

784.32

286.39

 

अनुबंध-III

विवरण "समुद्री मत्स्य पालन अवसंरचना और ओडिशा में मछुआरों का कल्याण" के संबंध में: राज्य द्वारा रिपोर्ट किए गए अनुसार 2020-21 से 2025-26 तक जिलावार स्वीकृत, जारी और उपयोग किया गया धन।

(राशि लाख रुपये में)

क्र.सं.

जिले का नाम

2020-21

2021-22

2022-23

2023-24

2024-25

2025-26

1

अंगुल

51.30

25.35

32.26

37.38

138.97

42.43

2

बालेश्वर

637.10

399.90

873.57

963.86

420.65

381.93

3

बरगढ़

47.90

310.70

294.46

14.89

22.11

11.95

4

भद्रक

848.60

559.70

737.97

1900.13

163.27

103.89

5

बोलांगीर

159.30

21.75

52.15

20.99

114.98

53.82

6

बौध

25.60

17.25

31.16

7.84

18.47

4.21

7

कटक

56.10

64.15

364.75

348.34

43.21

67.90

8

देवगढ़

53.00

17.55

31.26

16.30

38.26

0.69

9

ढेंकानाल

47.70

70.75

103.26

92.36

157.49

19.55

10

गजपति

44.00

22.35

31.65

9.45

14.71

1.68

11

गंजाम

97.10

107.05

587.31

399.06

319.47

350.09

12

जगतसिंहपुर

240.80

329.30

1045.11

716.59

412.51

163.70

13

जाजपुर

39.20

22.50

63.40

31.72

23.00

14.38

14

झारसुगुड़ा

48.90

22.95

58.57

6.49

65.75

4.23

15

कालाहांडी

100.40

23.55

66.95

25.55

117.58

10.65

16

कंधमाल

22.90

16.80

17.80

4.20

39.26

6.31

17

केंद्रपाड़ा

108.05

136.50

229.52

171.37

24.55

3.21

18

केंदुझर

51.90

21.75

69.83

102.57

55.22

5.23

19

खुर्दा

103.00

47.90

1249.93

326.93

219.50

171.58

20

कोरापुट

60.50

25.20

35.20

256.26

114.14

27.75

21

मलकानगिरी

101.50

25.20

70.60

85.83

226.53

79.78

22

मयूरभंज

157.95

57.20

317.26

151.86

79.16

14.34

23

नबरंगपुर

49.20

114.80

253.40

132.20

89.34

536.69

24

नयागढ़

85.35

35.40

86.40

63.31

88.58

87.91

25

नुआपाड़ा

41.30

69.40

82.40

23.01

19.08

5.20

26

पुरी

392.05

748.50

1355.13

1828.01

259.31

99.78

27

रायगढ़ा

102.60

33.95

51.35

62.96

52.72

1.33

28

संबलपुर

48.30

21.75

1463.55

1228.87

2193.20

2071.82

29

सोनपुर

61.50

17.25

36.90

33.24

55.72

8.36

30

सुंदरगढ़

79.20

29.55

121.95

46.04

33.95

14.07

 

कुल

3962.30

3415.95

9815.05

9107.61

5620.69

4364.47

 

यह जानकारी मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।

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केपी/केसी/एमएम


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