इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
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सरकार ने डिजाइन, विनिर्माण और उन्नत पैकेजिंग क्षेत्रों में सुदृढ सेमीकंडक्टर प्रतिभा आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए बहुआयामी रोडमैप अपनाया है

सेमीकंडक्टर प्रतिभा विकास पहलों के अंतर्गत 1 लाख से अधिक इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया गया, 68,000 व्यक्तियों को चिप डिजाइन में कुशल बनाया गया और 175 चिप डिजाइनों को तैयार किया गया

सरकार ने डिजाइन, विनिर्माण और उन्नत पैकेजिंग क्षेत्रों में सुदृढ सेमीकंडक्टर प्रतिभा आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए बहुआयामी रोडमैप अपनाया है

प्रविष्टि तिथि: 30 JUL 2026 3:13PM by PIB Delhi

भारत ने सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम (जिसे हाल ही में सेमीकॉन 2.0 नाम दिया गया है) के हिस्‍से के रूप में एक सुदृढ सेमीकंडक्टर प्रतिभा आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए एक बहुआयामी रोडमैप अपनाया है। इसका उद्देश्य चिप डिजाइन और फैब्रीकेशन द्वाारा असेंबली, परीक्षण, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) में संपूर्ण सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला का समर्थन करने में सक्षम कार्यबल तैयार करना है।

पाठ्यक्रम विकास और अवसंरचना प्रावधान

सरकार के प्रमुख लक्ष्यों में से एक इंजीनियरिंग संस्थानों और कॉलेजों में सेमीकंडक्टर शिक्षा पाठ्यक्रम को एकीकृत करना रहा है। इस दिशा में सरकार ने निम्नलिखित पहल की हैं:

  1. सरकार ने चिप डिजाइन में उद्योग के लिए तैयार मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए चिप्स टू स्टार्टअप (सी2एस) कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अत्याधुनिक चिप डिजाइन टूल्स तक नि:शुल्क पहुंच प्रदान की गई है। सी2एस कार्यक्रम के अंतर्गत चिपआईएन केंद्र द्वारा ईडीए टूल्स के लिए समर्थित संगठनों की राज्य-वार सूची https://c2s.gov.in/EDA_Tool_Support.jsp पर उपलब्ध है। अब तक इन चिप डिजाइन टूल्स का उपयोग 240 लाख घंटे से अधिक हो चुका है। एससीएल मोहाली से अब तक लगभग 68,000 व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है और 175 डिजाइन किए जा किए जा चुके हैं। तमिलनाडु में सी2एस कार्यक्रम के अंतर्गत समर्थित संगठनों की सूची अनुलग्नक-I में दी गई है।
  2. एनआईईएलआईटी कालीकट में एक कुशल जनशक्ति उन्नत अनुसंधान एवं प्रशिक्षण (स्मार्ट) प्रयोगशाला स्थापित की गई है, जिसका उद्देश्य वीएलएसआई, एम्बेडेड सिस्टम और आईओटी के क्षेत्रों में 1 लाख इंजीनियरों को प्रशिक्षित करना है। अब तक 1 लाख से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
  3. भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र का प्रतिभाशाली राष्ट्र बनाने के लिए एक रोडमैप तैयार करने और लक्ष्य निर्धारित करने हेतु सेमीकंडक्टर उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के प्रतिनिधियों वाली एक समिति का गठन किया गया। समिति द्वारा "सेमीकॉन इंडिया फ्यूचर स्किल्स टैलेंट कमेटी रिपोर्ट" प्रस्तुत की गई। समिति की रिपोर्ट और इलेक्‍ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की अनुशंसा के आधार पर, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में प्रतिभाओं को तैयार करने की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए, सेमीकंडक्टर क्षेत्र में स्नातक, डिप्लोमा और लघु डिग्री के लिए नया पाठ्यक्रम प्रारंभ किया है।

 

सेमीकंडक्टर फैब्रीकेशन और एटीएमपी कौशल विकास:

इसी प्रकार सेमीकंडक्टर निर्माण और एटीपीएम/ओएसएटी के क्षेत्र में, सरकार ने में प्रतिभाओं की आपूर्ति बढ़ाने के लिए निम्नलिखित पहल की हैं:

  1. "एनआईएलआईटी गुवाहाटी में सेमीकंडक्टर असेंबली और ईएसडी प्रशिक्षण प्रयोगशाला की स्थापना" शीर्षक वाली परियोजना को इलेक्‍ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य बढ़ते सेमीकंडक्टर विनिर्माण इकोसिस्‍टम, विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र में आगामी सेमीकंडक्टर विनिर्माण पहलों का समर्थन करने के लिए अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर असेंबली, परीक्षण, अंकन और पैकेजिंग (एटीएमपी) प्रशिक्षण सुविधा स्थापित करना है।
  2. आईएसएम ने नैनोफैब्रिकेशन और प्रोसेस-इंजीनियरिंग कौशल में व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए लैम रिसर्च के साथ साझेदारी की है। इससे एटीएमपी और उन्नत पैकेजिंग के लिए कुशल कार्यबल में और वृद्धि होगी। इस कार्यक्रम का लक्ष्य 10 वर्षों में 60,000 प्रशिक्षित कर्मचारियों को तैयार करना है।

उद्योग साझेदारी

सरकार ने उद्योग जगत के साथ मिलकर सेमीकंडक्टर तकनीकी में कौशल उन्नयन के लिए भी साझेदारी की है ताकि उद्योग-स्तरीय कौशल प्रदान किए जा सकें। इनमें शामिल हैं:

  1. इलेक्‍ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा नैसकॉम के सहयोग से कार्यान्वित फ्यूचरस्किल्स प्राइम कार्यक्रम के तहत, सेमीकंडक्टर सहित उभरती प्रौद्योगिकियों में कौशल विकास, पुनः कौशल विकास और उन्नत कौशल विकास के लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाते हैं। https://futureskillsprime.in पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति अपनी योग्यता और आकांक्षाओं के अनुरूप कौशल प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकता है।
  2. आईएसएम और नामटेक के बीच समझौता ज्ञापन: इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में लगभग 5,000 पेशेवरों को प्रशिक्षित करके भारत के सेमीकंडक्टर कार्यबल को मजबूत बनाना है। समझौता ज्ञापन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मान्यता सुनिश्चित करने के लिए आईएसएम द्वारा संयुक्त रूप से अनुमोदित संरचित प्रमाणन कार्यक्रम विकसित करना; आईएसएम से जुड़े साझेदारों के माध्यम से संकाय आदान-प्रदान और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना; और आईएसएम समर्थित फैब्स, एटीएमपी, ओएसएटी और डिजाइन हाउसों में छात्रों के लिए इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप के अवसर सृजित करना शामिल है।
  3. आईबीएम के साथ समझौता ज्ञापन: भारत में एक सेमीकंडक्टर अनुसंधान केंद्र की स्थापना करता है, जो उन्नत सेमीकंडक्टर तकनीकी में अनुसंधान एवं विकास, बौद्धिक संपदा साझाकरण, चिप प्रोटोटाइपिंग और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करेगा।

 

अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) ने प्रतिभा विकास के लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ भी साझेदारी की है। इनमें शामिल हैं:

  1. भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) और अमेरिका के पर्ड्यू विश्वविद्यालय के बीच समझौता ज्ञापन: इसका उद्देश्य पर्ड्यू विश्वविद्यालय को आईएसएम और भारत सरकार के साथ एक प्रमुख शैक्षणिक भागीदार और सहयोगी के रूप में स्थापित करना है, ताकि कुशल कार्यबल विकास और सेमीकंडक्टर और माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स के व्यापक क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास किया जा सके।
  2. आईएसएम और एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के बीच समझौता ज्ञापन: शैक्षणिक आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान और कार्यबल विकास में योगदान देने वाली संस्थागत साझेदारियों के माध्यम से भारत के सेमीकंडक्टर और माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्‍टम का समर्थन करता है।

सेमीकॉन 2.0

देश और विश्व की सेमीकंडक्टर संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 15 जुलाई, 2026 को 1.275 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी दी है। सेमीकॉन 2.0 में उन्नत प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान और विकास के साथ-साथ डिजाइन और विनिर्माण के लिए प्रतिभा विकास हेतु समर्पित स्तंभ हैं।

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अनुलग्‍नक 1

 

तमिलनाडु में सी2एस कार्यक्रम के अंतर्गत समर्थित विश्वविद्यालयों की सूची

क्रमांक

संस्थान

स्‍थान

1.

डॉ. महालिंगम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर

कोयंबटूर

2.

एसएनएस कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर

कोयंबटूर

3.

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुचिरापल्ली

तिरुचिरापल्ली

4.

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुचिरापल्ली

तिरुचिरापल्ली

5.

अन्ना विश्वविद्यालय क्षेत्रीय परिसर कोयंबटूर

कोयंबटूर

6.

मोहम्मद सार्थक इंजीनियरिंग कॉलेज, रामनाथपुरम

रामनाथपुरम

7.

करुण्य प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, कोयंबटूर

कोयंबटूर

8.

सेंट जेवियर्स कैथोलिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कन्याकुमारी

कन्याकुमारी

9.

गिंडी इंजीनियरिंग महाविद्यालय, अन्ना विश्वविद्यालय, चेन्नई

चेन्नई

10.

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी डिजाइन और विनिर्माण संस्थान, कांचीपुरम

चेंगलपट्टू

11।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास

चेन्नई

12.

पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर

कोयंबटूर

13.

वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी), वेल्लोर

वेल्लोर

14.

क्रेसेंट इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चेन्नई

चेंगलपट्टू

15.

वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी), चेन्नई

चेंगलपट्टू

16.

मद्रास प्रौद्योगिकी संस्थान

चेंगलपट्टू

17.

कोंगु इंजीनियरिंग कॉलेज, पेरुंदुरई, तमिलनाडु

इरोड

18.

शास्त्रा डीम्ड यूनिवर्सिटी, तमिलनाडु

तंजावुर

19.

एसआरएम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, कट्टनकुलथुर

चेंगलपट्टू

20.

आरएमके कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, तिरुवल्लूर

तिरुवल्लूर

21.

कलासलिंगम अनुसंधान एवं शिक्षा अकादमी, तमिलनाडु

विरुधुनगर

22.

मोहम्मद सार्थक ए जे कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, चेन्नई

चेंगलपट्टू

23.

एसएसएन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कलावक्कम

चेंगलपट्टू

24.

ईश्वरी इंजीनियरिंग कॉलेज, चेन्नई

चेन्नई

25.

वेल टेक, चेन्नई

तिरुवल्लुर

26.

आरएमके इंजीनियरिंग कॉलेज, कवराईपेट्टई

तिरुवल्लुर

27.

एसआरएम टीआरपी इंजीनियरिंग कॉलेज, त्रिची

तिरुचिरापल्ली

28.

श्री ईश्वर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कोयंबटूर

कोयंबटूर

29.

एसआरएम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, तिरुचिरापल्ली

तिरुचिरापल्ली

30.

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नई

चेन्नई

31.

एसआरएम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नई

चेन्नई

32.

श्री साईराम इंजीनियरिंग कॉलेज, चेन्नई

चेंगलपट्टू

33.

चेन्नई प्रौद्योगिकी संस्थान, चेन्नई

चेंगलपट्टू

34.

त्यागराजर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मदुरै

मदुरै

35.

जेएनएन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, चेन्नई

तिरुवल्लूर

36.

अरुणाचला कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन, तमिलनाडु

कन्याकुमारी

37.

सरकारी प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, कोयंबटूर

कोयंबटूर

38.

श्री शक्ति इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान, कोयंबटूर

कोयंबटूर

39.

पीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज, शिवकाशी

विरुधुनगर

40.

राजलक्ष्मी इंजीनियरिंग कॉलेज, थंडालम, चेन्नई

कांचीपुरम

41.

राजलक्ष्मी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, चेन्नई

चेन्नई

42.

सोना कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, सलेम

सलेम

43.

हिंदुस्तान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर

कोयंबटूर

44.

केएस रंगसामी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी (स्वायत्त), नमक्कल, तमिलनाडु

नमक्कल

45.

सरकारी इंजीनियरिंग महाविद्यालय, इरोड

इरोड

46.

अमृता स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, अमृता विश्व विद्यापीठम, कोयंबटूर

कोयंबटूर

47.

पीएसजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड एप्लाइड रिसर्च, कोयंबटूर, तमिलनाडु

कोयंबटूर

48.

आरएमडी इंजीनियरिंग कॉलेज, कवराईपेट्टई

तिरुवल्लुर

49.

सविता इंजीनियरिंग कॉलेज (स्वायत्त), कांचीपुरम

चेंगलपट्टू

50.

कोयंबटूर इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान, कोयंबटूर

कोयंबटूर

51.

कार्पगम प्रौद्योगिकी संस्थान, कोयंबटूर

कोयंबटूर

52.

कर्पगम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (स्वायत्त), कोयंबटूर

कोयंबटूर

53.

श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, तमिलनाडु

चेंगलपट्टू

54.

वेल टेक मल्टी टेक डॉ. रंगराजन डॉ. सकुंतला इंजीनियरिंग कॉलेज, चेन्नई

तिरुवल्लुर

55.

सेंट जोसेफ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, चेन्नई

चेंगलपट्टू

56.

कामराज कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, मदुरै

मदुरै

57.

कुमारगुरु कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर

कोयंबटूर

58.

धीरजलाल गांधी प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (स्वायत्त), सेलम

सलेम

59.

वेलम्मल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तिरुवल्लूर

तिरुवल्लुर

60.

बन्नारी अम्मन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, इरोड, तमिलनाडु

इरोड

61.

केआईटी-कलाइग्नारकरुणानिधि प्रौद्योगिकी संस्थान, कोयंबटूर

कोयंबटूर

 

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने 29.07.2026 को यह जानकारी लोकसभा में प्रस्तुत की थी।

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पीके/केसी/एचएन/ओपी  

 


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