जनजातीय कार्य मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

लद्दाख में चांगपा जनजाति समुदाय पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव

प्रविष्टि तिथि: 30 JUL 2026 1:48PM by PIB Delhi

आज लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय ने लद्दाख में चांगपा जनजाति समुदाय की आजीविका और पारंपरिक खानाबदोश जीवनशैली पर जलवायु परिवर्तन, चरने योग्य चरागाहों के सिकुड़ने, बर्फबारी के बदलते पैटर्न और पशुधन उत्पादकता में गिरावट के प्रभाव का मूल्यांकन करने हेतु कोई अध्ययन नहीं किया है।

चांगपा परिवार, अनुसूचित जनजाति के सदस्य होने के नाते, विगत पांच वर्षों के दौरान, इस मंत्रालय तथा अन्य लाइन मंत्रालयों/विभागों द्वारा क्रियान्वित कल्याण एवं आजीविका योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थी हैं, जिनमें शामिल हैं:

(i) प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन);

(ii) धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीएजेजीयूए);

(iii) एकलव्य आदर्श (मॉडल) आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस);

(iv) अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए मैट्रिक-पूर्व, मैट्रिकोत्तर और राष्ट्रीय समुद्रपारीय छात्रवृत्ति;

(v) प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (पीएमजेवीएम);

डीएजेजीयूए के व्यापक ढाँचे (अम्ब्रेला) के अंतर्गत, दूरस्थ जनजातीय बसावटों (बस्तियों) हेतु सचल चिकित्सा इकाइयाँ (मोबाइल मेडिकल यूनिट्स); मोबाइल नेटवर्क प्रदायगी; आवासीय छात्रावास सुविधाएँ; पीएम-आवास (ग्रामीण) के अंतर्गत पक्का आवास आदि सहित लक्षित उपाय (हस्तक्षेप) किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ट्राइफेड के माध्यम से पश्मीना ऊन उत्पादन, विपणन संपर्कों (मार्केटिंग लिंकेजेज़) एवं मूल्य संवर्धन हेतु आजीविका एवं आय-संवर्धन के लिए सहायता प्रदान की जा रही है।

पीएमजेवीएम योजना के अंतर्गत, ट्राईफेड ने वीडीवीके, दुरबुक की स्थापना हेतु 15 लाख रुपये की राशि जारी की है। विगत 5 वर्षों में लद्दाख संघ राज्यक्षेत्र को ईएमआरएस हेतु स्वीकृत और जारी की गई निधियां का ब्यौरा निम्नानुसार हैः

 

वित्तीय वर्ष

लाख रुपये में

2021-22

10.00

2022-23

450.00

2023-24

800.00

2024-25

17.41

2025-26

400.00

 

चांगपा समुदाय के दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक तन्यता (लचीलापन) को मजबूत करने तथा पारंपरिक संस्कृति और आजीविका को संरक्षित करने के लिए, अन्य उपायों के साथ-साथ निम्नलिखित उपाय किए जा रहे हैं:

  • पीएम-जनमन/डीएजेजीयूए के अंतर्गत चांगथांग बस्तियों में बुनियादी ढांचे और सेवाओं की संतृप्ति;
  • विगत पांच वर्षों के दौरान, ट्राइफेड ने लद्दाख स्थित कारीगरों से 18,847,291 रुपये मूल्य के पश्मीना उत्पाद (शॉल और स्टॉल) खरीदे हैं। चूंकि इन उत्पादों में प्रयुक्त कच्चा पश्मीना, चांगपा समुदाय से प्राप्त किया जाता है, इसलिए इन खरीदों ने अप्रत्यक्ष रूप से चांगपा पशुपालकों (चरवाहों) की आजीविका और आर्थिक कल्याण में योगदान दिया है।
  • इसके अलावा, चांगपा जनजातीय समुदाय के योग्य कारीगरों की पहचान एवं सूचीयन हेतु शामिल करने के उद्देश्य के साथ अगस्त 2026 में चांगथांग क्षेत्र में एक सूचीयन (एम्पैनलमेंट) शिविर आयोजित करने का प्रस्ताव है।  इस पहल से उनकी विपणन एवं  खरीद कार्यक्रमों में उनकी प्रत्यक्ष सहभागिता सुगम होने की आशा है, जिससे उनकी आजीविका के अवसर सुदृढ़ होंगे।
  • जनजातीय अनुसंधान संस्थान के माध्यम से चांगपा संस्कृति, भाषा और पारंपरिक ज्ञान का प्रलेखन और संवर्धन।

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पीके/केसी/एसकेएस/एसके

 


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