मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
तमिलनाडु में पारंपरिक मछुआरे एवं मत्स्य किसान
प्रविष्टि तिथि:
28 JUL 2026 4:05PM by PIB Delhi
भारत सरकार के मत्स्यपालन विभाग (डीओएफ, जीओआई) द्वारा तमिलनाडु सहित देश में मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास तथा पारंपरिक मछुआरों एवं मत्स्य किसानों की आजीविका, आय और सामाजिक-आर्थिक कल्याण को बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का कार्यान्वयन किया जा रहा है। इनमें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) (2020-21 से 2024-25), मत्स्य एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास निधि (2018-19 से 2025-26), प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (2023-24 से 2026-27) तथा मछुआरों और मत्स्य किसानों की कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सुविधा का विस्तार शामिल है। तमिलनाडु राज्य में पीएमएमएसवाई के अंतर्गत कुल ₹127.71 करोड़ की लागत वाली "बहुउद्देशीय समुद्री शैवाल पार्क की स्थापना" नामक परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसमें रामनाथपुरम जिले के वलमावुर स्थित हब-I केंद्र में समुद्री शैवाल के गुणन (मल्टीप्लिकेशन) का घटक भी शामिल है।
पीएमएमएसवाई और तमिलनाडु सरकार की योजनाओं के अंतर्गत रामनाथपुरम जिले में पिछले तीन वित्तीय वर्षों (2023-2026) के दौरान पारंपरिक मछुआरों और मत्स्य किसानों को विभिन्न गतिविधियों के लिए सब्सिडी, बीमा कवरेज और आजीविका सहायता के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिसका विवरण अनुबंध-I में दिया गया है।
(ग): रामनाथपुरम जिले में विकसित मत्स्य पालन अवसंरचना का विवरण, जिसमें मत्स्य बंदरगाह, मछली अवतरण केंद्र, कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं, आइस प्लांट, मछली प्रसंस्करण इकाइयां और जलीय कृषि अवसंरचना शामिल हैं, अनुबंध-II में दिया गया है।
(घ): सरकार मछुआरों और मत्स्य किसानों के लिए विभिन्न कौशल विकास एवं क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित करती है, जिससे उनकी तकनीकी दक्षताओं में वृद्धि की जा सके, मत्स्य क्षेत्र में नवीनतम नवाचारों और सर्वोत्तम पद्धतियों का प्रसार किया जा सके तथा सतत् आजीविका के अवसरों को बढ़ावा दिया जा सके। ये प्रशिक्षण कार्यक्रम मत्स्यजीवी परिवारों के आजीविका विकास और सामाजिक-आर्थिक उत्थान में योगदान करते हैं। रामनाथपुरम जिले में पिछले 3 वर्षों के दौरान मछुआरों और मत्स्य किसानों के लिए 88 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 5599 प्रशिक्षार्थियों को शामिल किया गया। इसका विवरण अनुबंध-III में दिया गया है।
(ङ): सरकार रामनाथपुरम जिले में सतत् मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और पारंपरिक मत्स्यजीवी समुदायों की आजीविका को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का कार्यान्वयन कर रही है। 45 गहरे समुद्र में ट्यूना मत्स्य पालन पोतों की खरीद के लिए वित्तीय सहायता और संस्थागत ऋण प्रदान किया जाता है। रामनाथपुरम जिले में 13,949 मछुआरों और किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से ₹236.26 करोड़ के संस्थागत ऋण की सुविधा प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, मछुआरों और तटीय समुदायों को वैकल्पिक आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए समुद्री कृषि (मैरिकल्चर) गतिविधियों, जैसे समुद्री शैवाल की खेती और केज कल्चर को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। अब तक, तमिलनाडु के विभिन्न जिलों, जिसमें रामनाथपुरम भी शामिल है, में विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत 19,575 समुद्री शैवाल संवर्धन राफ्ट एवं मोनो लाइन तथा 499 केज कल्चर इकाइयां स्थापित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों के तकनीकी कौशल और आय सृजन क्षमता को बढ़ाने के लिए समुद्री शैवाल खेती, जलीय कृषि और मैरिकल्चर पद्धतियों, मत्स्य उत्पादों के मूल्य संवर्धन, सूखी मछली प्रसंस्करण, रेडी-टू-ईट मत्स्य उत्पादों की तैयारी, नाव संचालन, समुद्री इंजन की मरम्मत एवं रखरखाव, जाल निर्माण तथा अपशिष्ट मत्स्य जालों के पुनर्चक्रण जैसे विषयों पर कौशल विकास और क्षमता विकास कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।
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अनुबंध-I
तमिलनाडु में पारंपरिक मछुआरों और मत्स्य किसानों संबंधी विवरण-
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क्रम संख्या
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परियोजना का नाम
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इकाइयां
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परियोजना लागत (करोड़ रु. में)
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-
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वेसल मॉनिटरिंग सिस्टम (वीएमएस) की स्थापना एवं संचालन
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402
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18.01 (4997 इकाइयों के लिए)
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-
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टर्टल एक्सक्लूडर डिवाइस (टीईडी) की संस्थापना
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885
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6.29 (2613 इकाइयों के लिए)
|
-
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इनपुट सहित समुद्री शैवाल संवर्धन राफ्ट की स्थापना
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2100
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1.90
|
-
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इनपुट सहित मोनोलाइन/ट्यूबनेट पद्धति द्वारा समुद्री शैवाल संवर्धन की स्थापना
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60
|
0.028
|
-
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इनपुट सहित खारे पानी/लवणीय/क्षारीय क्षेत्रों के लिए बायोफ्लॉक तालाबों का निर्माण
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13
|
1.00
|
-
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मछली बिक्री के लिए ई-रिक्शा सहित रेफ्रिजरेटेड वाहन/इंस्युलेटेड वाहन/आइस बॉक्स सहित मोटरसाइकिल/आइस बॉक्स सहित साइकिल/आइस बॉक्स सहित तिपहिया वाहन
|
78
|
1.52
|
-
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ट्यूना मत्स्य पालन नौका निर्माण (70% सब्सिडी)
|
5
|
4.00
|
-
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ट्यूना मत्स्य पालन नौका निर्माण (50% सब्सिडी)
|
10
|
2.37
|
-
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ओपन सी केज की स्थापना
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80
|
0.24
|
-
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बैकयार्ड में सजावटी मत्स्य पालन इकाई
|
1
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0.02
|
-
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मत्स्य संसाधनों के संरक्षण हेतु मछली पकड़ने पर प्रतिबंध/कम मत्स्यन अवधि के दौरान सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े सक्रिय पारंपरिक मछुआरों के परिवारों के लिए आजीविका एवं पोषण सहायता
|
1,19,104
|
84.08
|
-
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समूह दुर्घटना बीमा योजना
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102
|
5.10
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अनुबंध-II
तमिलनाडु में पारंपरिक मछुआरों और मत्स्य किसानों संबंधी विवरण
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नाबार्ड योजनाएं - जारी परियोजनाएं
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क्रम संख्या
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परियोजना का नाम
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स्वीकृति का वर्ष
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परियोजना लागत
(करोड़ में)
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|
1
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रामनाथपुरम जिले में थंगाचिमडम मछली अवतरण केंद्र में सुधार कार्य
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2024-25
|
₹150.00
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2
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रामनाथपुरम जिले के रोचमनगर गांव में चारा आर्च का निर्माण
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2024-25
|
₹20.00
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|
3
|
रामनाथपुरम जिले के कुंथुकाल में मछली अवतरण केंद्र में सुधार कार्य
|
2024-25
|
₹148.00
|
|
4
|
रामनाथपुरम जिले के पंबन नॉर्थ गांव में मछली अवतरण केंद्र का निर्माण
|
2024-25
|
₹58.50
|
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नाबार्ड योजनाएं - पूर्ण परियोजनाएं
|
|
1
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रामनाथपुरम जिले के मेरकुवाडी गांव में चारा आर्च का निर्माण
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2025-26
|
₹24.27
|
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एफआईडीएफ योजनाएं - जारी परियोजनाएं
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|
1
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रामनाथपुरम जिले के तिरुप्पालैकुडी में मछली अवतरण केंद्र का निर्माण
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2025-26
|
₹1.63
|
|
2
|
रामनाथपुरम जिले के नंबुथलाई में मछली अवतरण केंद्र का निर्माण
|
2025-26
|
₹1.63
|
|
3
|
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रामनाथपुरम जिले के रामेश्वरम में अतिरिक्त अवसंरचना सुविधाओं का प्रावधान
|
|
2025-26
|
₹1.63
|
|
4
|
|
रामनाथपुरम जिले के वालिनोक्कम में अतिरिक्त अवसंरचना सुविधाओं का प्रावधान
|
|
2025-26
|
₹0.80
|
|
5
|
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रामनाथपुरम जिले के मोरेपन्नई में अतिरिक्त अवसंरचना सुविधाओं का प्रावधान
|
|
2025-26
|
₹0.80
|
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पीएमएमएसवाई योजनाएं - पूर्ण परियोजनाएं
|
|
1
|
|
रामनाथपुरम जिले के रामनाथपुरम (उत्तर) क्षेत्र के 10 मत्स्यजीवी गांवों में 75 स्थानों पर कृत्रिम रीफ का निर्माण एवं स्थापना
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|
2024-25
|
₹23.25
|
|
2
|
|
रामनाथपुरम जिले के रामेश्वरम क्षेत्र के 4 मत्स्यजीवी गांवों में 39 स्थानों पर कृत्रिम रीफ का निर्माण एवं स्थापना
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|
2024-25
|
₹12.09
|
|
3
|
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रामनाथपुरम जिले के मंडपम क्षेत्र के 9 मत्स्यजीवी गांवों में 9 स्थानों पर कृत्रिम रीफ का निर्माण एवं स्थापना
|
|
2024-25
|
₹2.79
|
|
4
|
|
रामनाथपुरम जिले के रामनाथपुरम (दक्षिण) क्षेत्र के 10 मत्स्यजीवी गांवों में 23 स्थानों पर कृत्रिम रीफ का निर्माण एवं स्थापना
|
|
2024-25
|
₹7.13
|
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पीएमएमएसवाई योजनाएं - जारी परियोजनाएं
|
|
1
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|
रामनाथपुरम जिले के कलीमंगुंडु में जलवायु सहनशील तटीय मत्स्यजीवी गांव का विकास
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|
2024-25
|
₹1.40
|
|
2
|
|
रामनाथपुरम जिले के सोलियाकुडी में जलवायु सहनशील तटीय मत्स्यजीवी गांव का विकास
|
|
2024-25
|
₹1.40
|
|
3
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तमिलनाडु में बहुउद्देशीय समुद्री शैवाल पार्क की स्थापना
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2023-24
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₹127.71
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अनुबंध-III
तमिलनाडु में पारंपरिक मछुआरों और मत्स्य किसानों संबंधी विवरण
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क्रम संख्या
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प्रशिक्षण कार्यक्रम
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प्रशिक्षणों की संख्या (बैच)
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प्रशिक्षुओं की संख्या
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-
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|
समुद्री शैवाल मूल्य संवर्धित उत्पादों तथा समुद्री शैवाल एसएपी एवं उर्वरक के उत्पादन पर एनएफडीबी प्रशिक्षण
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|
23
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575
|
-
|
|
समुदाय आधारित आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रशिक्षण (आपदा तैयारी, आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं प्राथमिक उपचार पर प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता प्रशिक्षण)
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|
28
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1116
|
-
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|
मत्स्यजीवियों की आजीविका (पाल्क खाड़ी एवं मन्नार की खाड़ी के जिलों) के लिए समुद्री शैवाल खेती, मूल्य संवर्धित मत्स्य उत्पाद, नाव संचालन, इंजन की मरम्मत एवं रखरखाव, सूखी मछली निर्माण, रेडी-टू-ईट उत्पाद, जलीय कृषि एवं मैरिकल्चर गतिविधियां, जाल निर्माण तथा अपशिष्ट जाल पुनर्चक्रण जैसे विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण
|
|
34
|
3683
|
-
|
|
तालाब आधारित सीबास संवर्धन पर प्रशिक्षण
|
|
3
|
225
|
यह जानकारी मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में दी।
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पीके/केसी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2290886)
आगंतुक पटल : 20