आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
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पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करना

प्रविष्टि तिथि: 27 JUL 2026 5:25PM by PIB Delhi

 

भारत के संविधान की 12वीं अनुसूची के अनुसार, नगरपालिका की सड़कों, पुलों तथा उनसे जुड़े पैदल यात्रियों के फुटपाथ का निर्माण एवं रखरखाव राज्य सरकारों, शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) और शहरी विकास प्राधिकरणों (यूडीए) के अधिकार क्षेत्र में आता है। भारत सरकार मॉडल विनियमों, तकनीकी मानकों, दिशा-निर्देशों एवं परामर्शों के जरिए इन प्रयासों को सहायता प्रदान करती है। भारत सरकार ने पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने, सार्वजनिक परिवहन की गतिशीलता बढ़ाने, अंतिम छोर तक संपर्क में सुधार करने, यातायात की भीड़ को कम करने और देश भर में एकीकृत, टिकाऊ व कुशल शहरी परिवहन प्रणालियों को बढ़ावा देने हेतु कई नीतिगत और कार्यक्रमगत पहल की है।

सरकार ने शहरी परिवहन प्रणालियों की योजना, विकास एवं प्रबंधन में राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों/यूएलबी की सहायता हेतु राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति (2006), मेट्रो रेल नीति (2017) आवागमन उन्मुख विकास (टीओडी) नीति (2017) तथा अन्य नीतिगत दिशानिर्देश जारी किए हैं।  परामर्शी यूआरडीपीएफआई दिशानिर्देश विशेष रूप से धारा 8.2.3 के तहत सभी सड़कों के किनारे फुटपाथ के लिए प्रदान किए जाते हैं। ये ढांचे शहरी आवागमन के लिए एक एकीकृत, बहुआयामी एवं जन-केंद्रित दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हैं, जिसमें निर्बाध संपर्क, सार्वजनिक परिवहन तथा गैर-मोटर चालित परिवहन पर जोर दिया जाता है।

इसके अलावा, कायाकल्प तथा शहरी परिवर्तन हेतु अटल मिशन (अमृत), पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (एसएसएएससीआई) और शहरी एवं क्षेत्रीय विकास योजना निर्माण तथा कार्यान्वयन (यूआरडीपीएफआई) दिशानिर्देश, 2014 जैसे राष्ट्रीय मिशन तथा  योजनाएं पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त एवं सुरक्षित बुनियादी ढांचे के विकास में राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों/यूएलबी को सहायता प्रदान करते हैं।

वर्ष 2015 में शुरू की गई अमृत योजना के तहत, 500 शहरों (अब 15 विलय किए गए शहरों सहित 485) का चयन बुनियादी शहरी अवसंरचना के विकास पर ध्यान देने हेतु किया गया था और वहां गैर-मोटर चालित शहरी परिवहन को विभिन्न घटकों में से एक के रूप में पहचाना गया था।

अमृत के तहत 346 हरित गतिशीलता से संबंधित परियोजनाओं के कार्यान्वयन ने पर्यावरण के अनुकूल परिवहन और बुनियादी ढांचे के साधनों को बढ़ावा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 474.34 किलोमीटर पैदल मार्ग और साइकिल पटरियों का निर्माण हुआ है।

वर्ष 2021 में शुरू किए गए अमृत 2.0 के तहत, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ मिलकर ‘अमृत मित्र’ पहल को वृक्षारोपण और रखरखाव के काम में शामिल किया गया है। इस पहल के तहत वृक्षारोपण और रखरखाव के लिए 2,958 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। अमृत 2.0 पोर्टल पर विभिन्न राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों द्वारा अद्यतन की गई सूचना के अनुसार, लगभग 7.74 लाख पेड़ लगाए गए हैं जो शहरों/कस्बों में प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगे।

पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता (एसएसएएससीआई) योजना के तहत, शहरों और यूएलबी को चलने योग्य सुरक्षित सड़कों और फुटपाथ को विकसित करने हेतु शहरी नियोजन के तहत जलवायु स्थिरता से संबंधित पहल शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

एसएसएएससीआई 2023-26 के दौरान, कई शहरों ने सड़कों पर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ से जुड़े सुधार किए हैं और आठ राज्यों में 39 आवागमन उन्मुख विकास (टीओडी) गलियारों को अधिसूचित (मसौदा/अंतिम) किया गया है, जो उच्च एफएआर/मंजिलों को सक्षम बनाता है, टीओडी क्षेत्रों के भीतर घनत्व बढ़ाता है और अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने में सहायता प्रदान करता है। इन सुधारों के परिणामस्वरूप, 10 राज्यों में लगभग 63.73 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली 22 सड़कों को पैदल चलने वालों के लिए बनाया गया है, जो सुरक्षित, जलवायु के अधिक अनुकूल और जन-केन्द्रित शहरी आवागमन में योगदान देता है।

शहरी परिवहन मुख्य रूप से राज्य का विषय है। केन्द्र सरकार एकीकृत और कुशल सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को विकसित करने में राज्यों/केन्द्र - शासित प्रदेशों का सहयोग करने हेतु विभिन्न योजनाओं और पहलों के जरिए नीतिगत मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता प्रदान करना जारी रखे हुए है।

पीएम-ई-बस सेवा योजना के तहत, सरकार ने शहर की बस सेवाओं को बढ़ाने, सार्वजनिक परिवहन की सुलभता में सुधार, पहले और आखिरी छोर की कनेक्टिविटी को मजबूत करने, सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा टिकाऊ, स्वच्छ एवं ऊर्जा की दृष्टि से किफायती शहरी आवागमन को बढ़ावा देने व निजी वाहनों पर निर्भरता को कम करने में योगदान करने हेतु 100 से अधिक शहरों में 10,000 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है।

यह जानकारी आवासन और शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखान साहू ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/आर/एसएस


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