सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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पांच राज्यों में पांच वरिष्ठ नागरिक आवासों का उद्घाटन; बुजुर्गों के कल्याण को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर; अंतर-पीढ़ीगत संबंधों को बढ़ावा देने वाले अभिनव कार्यक्रम

प्रविष्टि तिथि: 24 JUL 2026 7:19PM by PIB Delhi

सरकार अटल वयो अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) के अंतर्गत व्यापक पहलों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा, सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर सुदृढ़ कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (आईडीओपी) 2025 के उपलक्ष्य में, विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों के बीच स्वस्थ वृद्धावस्था, सामाजिक समावेशन, कानूनी जागरूकता और अंतर-पीढ़ीगत संबंधों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों की एक श्रृंखला का आयोजन किया।

यह जानकारी सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने लोकसभा में डॉ. अशोक कुमार मित्तल के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी ।

देशव्यापी समारोहों ने वरिष्ठ नागरिकों को सामुदायिक जीवन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, वृद्धजन-अनुकूल समाज के निर्माण के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों को उजागर किया। इन पहलों ने संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय समुदायों के साथ साझेदारी को मजबूत करके एवीवाईएवाई के उद्देश्यों को भी पूरा किया।

समारोह के अंतर्गत, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए सहयोगात्मक पहलों को बढ़ावा देने हेतु बिरला ओपन माइंड्स फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। विभाग ने तमिलनाडु, महाराष्ट्र, असम, उत्तर प्रदेश और झारखंड में स्थित पांच वरिष्ठ नागरिक गृहों का आभासी उद्घाटन भी किया, जिससे देश भर में बुजुर्ग नागरिकों के लिए संस्थागत देखभाल और सहायता अवसंरचना का और विस्तार हुआ।

पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने और अंतर-पीढ़ीगत सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए, विभाग ने "नैतिक पथम्" नामक एक इंटरैक्टिव शैक्षिक खेल शुरू किया है, जिसका उद्देश्य युवा और बुजुर्ग पीढ़ियों के बीच सार्थक संवाद को प्रोत्साहित करना है। बच्चों के शैक्षिक विकास में वरिष्ठ नागरिकों की अधिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए दादा-दादी-शिक्षक बैठकों के लिए क्यूआर कोड आधारित एक पहल भी शुरू की गई है।

जबलपुर, बदायूं, छतरपुर, नवगांव, बियाओरा और माउंट आबू में आयोजित समारोहों में अंतर-पीढ़ीगत मेल-मिलाप कार्यक्रमो में युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से एक साथ लाया गया। बेंगलुरु स्थित एस-व्यासा के सहयोग से, बुजुर्ग नागरिकों में स्वस्थ और सक्रिय जीवन शैली को बढ़ावा देने के लिए योग सत्र और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया।

कानूनी जागरूकता के महत्व को समझते हुए, राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) के सहयोग से माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध कानूनी अधिकारों, कल्याणकारी प्रावधानों और सामाजिक सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूकता पैदा करना था, साथ ही परिवारों और समुदायों को अपने बुजुर्ग सदस्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना था।

वरिष्ठ नागरिकों के समाज में अमूल्य योगदान और सांस्कृतिक और सामुदायिक जीवन में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए "आराधना" नामक एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।

इन पहलों के माध्यम से, सरकार ने यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है कि प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक गरिमा, सम्मान, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण देखभाल की उपलब्धता के साथ जीवन व्यतीत करे। अटल वयो अभ्युदय योजना (एवीवाईएवाई) के अंतर्गत, मंत्रालय देश भर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समावेशी और सहायक वातावरण बनाने के लिए राज्य सरकारों, स्वायत्त निकायों और नागरिक समाज संगठनों के साथ समन्वय में काम कर रहा है।

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पीके/केसी/एनकेएस/एसएस


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