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एमएसएमई इकोसिस्टम का सशक्तिकरण : राष्ट्रीय ऑनलाइन विवाद समाधान ढांचे के माध्यम से वाणिज्यिक विवादों के निपटारे को बढ़ावा


एमएसएमई ऑनलाइन विवाद समाधान (ओडीआर) पोर्टल के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाती सफलता की कहानियां : त्वरित भुगतान से मज़बूत एमएसएमई तक

प्रविष्टि तिथि: 24 JUL 2026 4:27PM by PIB Delhi

) ज़ीडिज़ाइन इंजीनियरिंग: एमएसएमई मंत्रालय के ओडीआर पोर्टल के माध्यम से त्वरित भुगतान वसूली

ज़ीडिज़ाइन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड (मुंबई स्थित उद्यम-पंजीकृत सूक्ष्म उद्यम)  की निदेशक श्रीमती प्रज्ञा वर्मा ने एमएसएमई  मंत्रालय के आरएएमपी कार्यक्रम के तहत एमएसएमई ऑनलाइन विवाद समाधान (ओडीआर) पोर्टल के माध्यम से 21.06 लाख रुपये सफलतापूर्वक वसूल किए।

ओडीआर पोर्टल पर याचिका दायर करने के महज 24 घंटे के भीतर सौहार्दपूर्ण समझौते के माध्यम से बकाया भुगतान जारी कर दिया गया। ये सफलता एमएसएमई मंत्रालय के डिजिटल विवाद समाधान तंत्र की प्रभावशीलता को दर्शाती है। यह सफलता की कहानी ये उजागर करती है कि कैसे एमएसएमई मंत्रालय तेज़ी से भुगतान समाधान सुनिश्चित करके व्यापार करने में सुगमता को बढ़ावा देकर और पारदर्शी व सुलभ डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से उद्यमियों को सशक्त बनाकर सूक्ष्म और लघ उद्यमों के वित्तीय लचीलेपन को मज़बूत कर रहा है।

बी) मेसर्स शिवा केमिकल्स: एमएसएमई मंत्रालय के ओडीआर पोर्टल के माध्यम से बकाए की वसूली

कोलकाता (पश्चिम बंगाल) स्थित उद्यम-पंजीकृत सूक्ष्म उद्यम मेसर्स शिवा केमिकल्स को बार-बार फॉलो-अप करने के बावजूद एक सार्वजनिक क्षेत्र के खरीदार से भुगतान में लंबे समय से देरी का सामना करना पड़ रहा था। अंतत: उद्यम ने डिजिटल विवाद समाधान तंत्र एमएसएमई ओडीआर पोर्टल का उपयोग किया और एमएसएमईडी अधिनियम, 2006 के तहत सूक्ष्म और लघु उद्यम सुविधा परिषद (एमएसईएफसी) के समक्ष अपना दावा दायर किया।

इस हस्तक्षेप से आपसी समझौता हुआ, जिससे उद्यम दो बकाया इनवॉइसेज के बदले 4,99,184 रुपये वसूली करने में सक्षम हुआ। सफल समाधान के बाद मामले को स्वैच्छा से वापस ले लिया गया। यह सफलता की कहानी दर्शाती है कि ओडीआर पोर्टल कैसे तेज़ी से भुगतान समाधान को सक्षम बना रहा है, एमएसएमई के वित्‍तीय लचीलेपन को मजबूत कर रहा है और पारदर्शी तथा सुलभ डिजिटल न्याय के माध्यम से ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस को आगे बढ़ा रहा है।

एमएसएमई ऑनलाइन विवाद समाधान पोर्टल: एमएसएमई के ​​लिए तेज़, निष्पक्ष और डिजिटल समाधान

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो उद्यमिता को बढ़ावा देते हैं, नौकरियां पैदा करते हैं और समावेशी विकास में योगदान देते हैं। व्यावसायिक विवादों को हल करने के लिए एक तेज़ और अधिक कुशल तरीके की आवश्यकता को पहचानते हुए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने एमएसएमई ऑनलाइन विवाद समाधान पोर्टल (ओडीआर) का शुभारंभ किया है।

यह पोर्टल व्यावसायिक विवादों, विशेष रूप से विलंबित भुगतान के मुद्दों को हल करने के लिए एक सरल, पारदर्शी और किफायती डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। लंबी कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भरता को कम करके यह त्वरित समाधान सक्षम बनाता है,  व्यवसायों को स्वस्थ नगदी प्रवाह बनाए रखने में मदद करता है और खरीदारों तथा आपूर्तिकर्ताओं के बीच विश्वास को मजबूत करता है।

एक विवाद समाधान मंच के रूप में काम करने के अलावा एमएसएमई ओडीआर पोर्टल बातचीत और सहयोग को प्रोत्साहित करता है। यह व्यवसायों को बातचीत, मध्यस्थता और आपसी सहमति से सौहार्दपूर्ण ढंग से विवादों को निपटाने में मदद करता है, जिससे दीर्घकालिक व्यावसायिक संबंध संरक्षित रहते है और उद्यमियों को लंबे कानूनी मामलों में उलझने के बजाय अपने व्यवसाय को बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित करने का अवसर मिलता है।

विवादों को बढ़ने से पहले ही सुलझाएं

इस पोर्टल की प्रमुख विशेषताओं में से एक एमएसईएफसी से पूर्व वार्ता तंत्र है। किसी विवाद के एमएसईएफसी तक पहुंचने से पहले, खरीदारों और आपूर्तिैकर्ताओं को एक संरचित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आपसी संवाद का अवसर दिया जाता है।

इस मंच के माध्यम से दोनों पक्ष अपनी चिंताओं को साझा कर सकते है,  आवश्यक जानकारी का आदान-प्रदान कर सकते हैं तथा विवाद का परस्पर स्वीकार्य समाधान खोज सकते है। ये व्यवस्था समय और लागत दोनों की बचत करती है तथा व्यावसायिक संबंधों को बनाए रखने में सहायक होती है।


सही निर्णय लेने में सहायता के लिए पोर्टल डिजिटल गाइडेड पाथवे सुविधा भी प्रदान करता  है, जो विवाद का विश्लेषण करके उसके संभावित परिणाम का संकेत देता है। इससे दोनों पक्ष अपनी स्थिति को बेहतर ढंग से समझ पाते है और व्यावहारिक एवं यथार्थवादी समझौते के लिए प्रोत्‍साहित होते है।

जब विवाद इसी स्तर पर सुलझ जाते हैं, तो उद्यमों को शीघ्र समाधान मिलता है और एमएसईएफसी औपचारिक हस्तक्षेप की आवश्यकता वाले जटिल मामलों पर अधिक ध्यान केन्द्रित कर सकती है।

प्रत्ये एमएसएमई के लिए सुलभ

एमएसएमई ओडीआर पोर्टल को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि देश का प्रत्येक सूक्ष्म और लघु उद्यम, चाहे वो किसी भी स्थान पर हो या उसकी डिजिटल जानकारी का स्तर कुछ भी हो, इसका आसानी से उपयोग कर सके। सरल उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस, सहज कार्य प्रवाह तथा भारतीय भाषाओं के समर्थन के कारण उद्यमी देश के किसी भी स्थान से वार्ता प्रारंभ कर सकते हैं और विवाद समाधान प्रकिया में भाग ले सकते हैं।

जहां औपचारिक हस्‍तक्षेप आवश्यक हो,  वहां ये पोर्टल एमएसईएफसी के समक्ष ऑनलाइन सुलह तथा मध्यस्थ निर्णय की सुविधा भी प्रदान करता है। इससे भौगोलिक दूरी की बाधाएं समाप्त हो जाती हैं तथा प्रक्रियागत विलंब में कमी आती है। विवाद समाधान को डिजिटल, सुलभ और पारदर्शी बनाकर एमएसएमई ओडीआर पोर्टल डिजिटल इंडिया, कारोबार सुगमता तथा ऐसे समावेशी एमएसएमई इकोसिस्टम की सरकार की परिकल्पना को साकार करने में योगदान दे रहा है,  जहां प्रत्येक उद्यम को न्याय का समान अवसर प्राप्त हो।

अधिक जानकारी के लिए https://odr.msme.gov.in/ पर जाएं।

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