ग्रामीण विकास मंत्रालय
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डीडीयू-जीकेवाई के अंतर्गत प्रगति

प्रविष्टि तिथि: 24 JUL 2026 5:47PM by PIB Delhi

डीडीयू-जीकेवाई दीन दयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के अंतर्गत पहलों के एक समूह का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आजीविका में विविधता लाना और गरीबी में कमी लाना है। डीडीयू-जीकेवाई का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रदान करना तथा नौकरियों से जुड़े कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं के लिए सतत् आजीविका को बढ़ावा देना है।

डीडीयू-जीकेवाई के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं की आकांक्षाओं को श्रम बाजार की बदलती कौशल आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए प्रयास किए जाते हैं। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को अपने क्षेत्रों में क्षेत्रवार अवसरों और रोजगार क्षमता की पहचान करने के लिए कौशल अंतर अध्ययन कराने हेतु बजटीय सहायता प्रदान की जाती है। इन अध्ययनों के आधार पर, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (पीआईए) को स्थानीय, घरेलू और वैश्विक रोजगार बाजारों के अनुरूप उभरते और उच्च विकास वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करते समय, पीआईए को प्रस्तावित क्षेत्रों के लिए औचित्य और मांग आकलन उपलब्ध कराना आवश्यक होता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि डीडीयू-जीकेवाई के अंतर्गत प्रशिक्षण मांग-आधारित और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बना रहे।

डीडीयू-जीकेवाई के अंतर्गत अब तक (जून 2026 तक) कुल 18.45 लाख अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया गया है और 12.35 लाख अभ्यर्थियों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

उक्त योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार के लिए चिन्हित क्षेत्रों का विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।

परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (पीआईए) को निधि का निर्गम रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य की प्राप्ति के अधीन किया जाता है। पीआईए के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि प्रशिक्षित अभ्यर्थियों में से कम से कम 70 प्रतिशत को रोजगार उपलब्ध कराया जाए, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत अभ्यर्थी वेतन आधारित रोजगार में नियोजित हों। पात्र अभ्यर्थियों को छह माह की अवधि तक रोजगार में बने रहने में सहायता प्रदान करने तथा बारह माह तक उनकी निगरानी के लिए नियोजन उपरांत सहायता (पीपीएस) प्रदान की जाती है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट अनुमान (बीई) केंद्रीय अंश के रूप में ₹750.00 करोड़ है।

यह जानकारी ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

अनुलग्नक-I

24.07.2026 को उत्तर दिए जाने हेतु राज्यसभा अतारांकित प्रश्न संख्या 774 के भाग (क) एवं (ख) के उत्तर में उल्लिखित अनुलग्नक

क्रम संख्या

क्षेत्र

1

एयरोस्पेस एवं विमानन

2

कृषि

3

परिधान, मेड-अप्स एवं गृह साज-सज्जा वस्त्र

4

ऑटोमोटिव

5

सौंदर्य एवं वेलनेस

6

बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ एवं बीमा (बीएफएसआई)

7

पूंजीगत वस्तुएँ

8

निर्माण

9

घरेलू कार्यकर्ता

10

इलेक्ट्रॉनिक्स

11

खाद्य प्रसंस्करण

12

फर्नीचर एवं फिटिंग्स

13

रत्न एवं आभूषण

14

हरित रोजगार

15

हस्तशिल्प एवं कालीन

16

स्वास्थ्य सेवा

17

हाइड्रोकार्बन

18

अवसंरचना उपकरण

19

इंस्ट्रूमेंटेशन

20

लौह एवं इस्पात

21

आईटी-आईटीईएस

22

चमड़ा

23

जीवन विज्ञान

24

लॉजिस्टिक्स

25

प्रबंधन, उद्यमिता एवं व्यावसायिक कौशल

26

मीडिया एवं मनोरंजन

27

खनन

28

पेंट्स एवं कोटिंग्स

29

प्लंबिंग

30

विद्युत

31

खुदरा व्यापार

32

रबर

33

खेल, शारीरिक शिक्षा, फिटनेस एवं मनोरंजक गतिविधियाँ

34

दूरसंचार

35

वस्त्र

36

पर्यटन एवं आतिथ्य

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पीके/केसी/पीके/डीए


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