अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय
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पीएम विकास योजना अल्पसंख्यक समुदायों के कौशल विकास एवं उद्यमिता को दे रही बढ़ावा

प्रविष्टि तिथि: 22 JUL 2026 5:13PM by PIB Delhi

प्रगति का आकलन करने, परिचालन संबंधी चुनौतियों को हल करने और कार्यान्वयन को मजबूत करने के लिए मंत्रालय विभिन्न स्तरों पर पीएम विकास योजना के कार्यान्वयन की नियमित आधार पर समीक्षा करता है। परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम, अवार्डिंग बॉडीज और अन्य हितधारकों के साथ समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं। पीएम विकास योजना के दिशा-निर्देशों को जनवरी 2025 में मंजूरी दी गई थी, और योजना के तहत लक्ष्यों को इसके तीन अलग-अलग घटकों यानी कौशल और प्रशिक्षण, महिला नेतृत्व और उद्यमिता तथा शिक्षा के तहत 59 परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से पूरा करने के लिए आवंटित किया गया था। कुल आवंटित में से राज्यवार नामांकित उम्मीदवारों की संख्या इस प्रकार है:

राज्य/केंद्रशासित प्रदेश

नामांकित उम्मीदवार

आंध्र प्रदेश

2,952

असम

14,521

बिहार

1,760

दिल्ली

2,112

हरियाणा

769

जम्मू एवं कश्मीर

7,491

झारखंड

5,593

कर्नाटक

1,409

केरल

607

मध्य प्रदेश

4,161

महाराष्ट्र

5,216

मणिपुर

60

मेघालय

510

नगालैंड

370

पंजाब

8,349

राजस्थान

488

सिक्किम

-

तमिलनाडु

381

तेलंगाना

2,422

त्रिपुरा

984

उत्तर प्रदेश

17,634

उत्तराखंड

2,845

पश्चिम बंगाल

284

कुल

80,918

 

(सी एंड डी): पीएम विकास योजना के कार्यान्वयन और हितधारकों के साथ संबंधित परामर्शों ने कुछ ऐसे क्षेत्रों को रेखांकित किया है जिनमें मजबूती लाने की आवश्यकता है। इनमें अप्रेंटिसशिप, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी), सत्यापित प्लेसमेंट और उभरती तथा भविष्य की कौशल आवश्यकताओं के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तालमेल पर अधिक ध्यान केंद्रित करके उद्योग संबंधों और प्लेसमेंट के अवसरों को मजबूत करना शामिल है।

पीएम विकास के तहत रोजगार परिणामों और स्वरोजगार के अवसरों में सुधार लाने के लिए सरकार ने एक बहुस्तरीय दृष्टिकोण अपनाया है। यह योजना प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योग-संबद्ध परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों के माध्यम से उभरते क्षेत्रों में उद्योग के अनुकूल कौशल प्रशिक्षण प्रदान करती है। रोजगार संबंधों को मजबूत करने के लिए, मंत्रालय प्रशिक्षित उम्मीदवारों के लिए प्लेसमेंट के अवसरों को सुगम बनाने हेतु हितधारक परामर्श भी आयोजित करता है।

यह योजना करियर काउंसिलिंग, उद्यमिता विकास प्रशिक्षण, बिजनेस मेंटर्स/उद्यमी मित्रों के माध्यम से मार्गदर्शन सहायता की भी परिकल्पना करती है, और स्वरोजगार तथा उद्यम विकास के लिए रियायती वित्त तक पहुंच सुगम बनाने हेतु राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम (एनएमडीएफसी) के साथ क्रेडिट संबंधों को जोड़ती है।

यह जानकारी केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजीजू ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/एसके/डीए


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