सहकारिता मंत्रालय
महाराष्ट्र में स्थित सहकारी समितियां
प्रविष्टि तिथि:
22 JUL 2026 5:18PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (NCD) के अनुसार, दिनांक 15.07.2026 तक महाराष्ट्र में कुल 2,27,177 सहकारी समितियाँ हैं। महाराष्ट्र में सहकारी समितियों, जिला संघों तथा राज्य संघों की क्षेत्र-वार संख्या का विवरण अनुलग्नक-1 में दिया गया है।
सरकार ने वर्ष 2022 में PACS के कंप्यूटरीकरण हेतु केंद्रीय क्षेत्र की परियोजना प्रारंभ की थी। प्रारंभ में इस परियोजना के अंतर्गत 63,000 PACS को ₹2,516 करोड़ की कुल वित्तीय लागत के साथ अनुमोदित किया गया था। अब इस परियोजना का विस्तार कर 79,630 PACS को शामिल किया गया है तथा इसकी संशोधित कुल वित्तीय लागत ₹2,925.39 करोड़ है। इस परियोजना का उद्देश्य सभी क्रियाशील PACS को एक समान ERP (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर से जोड़ना है। यह परियोजना राज्य सहकारी बैंकों (StCBs) तथा जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (DCCBs) के माध्यम से PACS को नाबार्ड से भी जोड़ती है। महाराष्ट्र में PACS कंप्यूटरीकरण परियोजना के अंतर्गत 12,178 PACS स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना के तहत महाराष्ट्र को ₹29.14 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ₹9.14 करोड़ तथा वित्त वर्ष 2026-27 में ₹20.00 करोड़ शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, दिनांक 30.06.2026 की स्थिति के अनुसार, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) द्वारा महाराष्ट्र में सहकारी क्षेत्र के विकास हेतु संचयी रूप से ₹34,161.54 करोड़ वितरित किए गए हैं। पिछले पाँच वर्षों के दौरान वितरित राशि का वर्ष-वार विवरण अनुलग्नक-2 में दिया गया है।
सहकारिता मंत्रालय ने अपनी स्थापना दिनांक 06.07.2021 से "सहकार से समृद्धि" के विज़न को साकार करने तथा महाराष्ट्र सहित पूरे देश में डेयरी, चीनी एवं कृषि सहकारी समितियों को सुदृढ़ बनाने के लिए अनेक पहल की हैं। इनमें प्रमुख पहलें निम्नलिखित हैं:-
(i) PACS के लिए मॉडल उपविधियाँ: PACS को 25 से अधिक व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित करने तथा उनके संचालन में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ बनाने हेतु मॉडल उपविधियाँ जारी की गई हैं। अब PACS प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (PMKSK), प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (PMBJK), कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) आदि के रूप में भी कार्य कर सकते हैं।
(ii) सहकारिता आधारित श्वेत क्रांति 2.0: इसका उद्देश्य पाँच वर्षों में डेयरी सहकारी समितियों द्वारा दुग्ध खरीद में 50 प्रतिशत की वृद्धि करना है। यह सहकारी नेटवर्क के विस्तार, रोजगार सृजन तथा महिला सशक्तिकरण पर भी केंद्रित है।
(iii) आयकर राहत: यह स्पष्ट किया गया है कि अप्रैल, 2016 से प्रभावी रूप से सहकारी चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों को उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) अथवा राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) तक किए गए अधिक भुगतान पर अतिरिक्त आयकर देय नहीं होगा।
(iv) केंद्रीय बजट 2023-24 में कर राहत: चीनी सहकारी समितियों को निर्धारण वर्ष 2016-17 से पूर्व गन्ना किसानों को किए गए भुगतान को व्यय के रूप में दावा करने की अनुमति दी गई, जिससे उन्हें ₹46,000 करोड़ से अधिक की राहत मिली।
(v) NCDC के माध्यम से वित्तीय सहायता: एथेनॉल संयंत्र, सह-उत्पादन (को-जनरेशन) संयंत्र तथा कार्यशील पूंजी के लिए एक योजना प्रारंभ की गई। मंत्रालय ने NCDC को ₹1,000 करोड़ उपलब्ध कराए हैं, जिसके अंतर्गत 56 सहकारी चीनी मिलों को ₹10,005 करोड़ वितरित किए गए हैं।
(vi) एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम (EBP): एथेनॉल खरीद के लिए सहकारी चीनी मिलों को निजी कंपनियों के समान दर्जा प्रदान किया गया है।
(vii) शीरे (Molasses) पर GST में कमी: शीरे पर GST की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे सहकारी चीनी मिलों के लाभ एवं मार्जिन में वृद्धि हुई है।
(viii) बंद चीनी मिलों का पुनर्जीवन: सहकारिता मंत्रालय के सुझाव पर इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) ने बंद पड़ी सहकारी चीनी मिलों के पुनर्जीवन की पहल की है।
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अनुलग्नक-1
महाराष्ट्र में क्षेत्र-वार प्राथमिक सहकारी समितियों, जिला संघों तथा राज्य संघों की कुल संख्या
|
क्रम सं.
|
क्षेत्रक
|
प्राथमिक सहकारी समितियां
|
जिला संघ
|
राज्य संघ
|
|
1
|
कृषि और संबद्ध सहकारी समिति
|
3,598
|
3
|
0
|
|
2
|
कृषि प्रसंस्करण/औद्योगिक सहकारी समिति
|
5,587
|
7
|
1
|
|
3
|
मधुमक्खी पालन सहकारी समिति
|
1
|
0
|
0
|
|
4
|
उपभोक्ता सहकारी समिति
|
2,032
|
2
|
0
|
|
5
|
क्रेडिट और थ्रिफ्ट समिति
|
21,036
|
12
|
4
|
|
6
|
डेयरी सहकारी समिति
|
13,709
|
8
|
0
|
|
7
|
शैक्षणिक और प्रशिक्षण सहकारी समिति
|
69
|
12
|
1
|
|
8
|
मात्स्यिकी सहकारी समिति
|
3,539
|
6
|
3
|
|
9
|
हस्तशिल्प सहकारी समिति
|
12
|
0
|
0
|
|
10
|
हथकरघा वस्त्र और बुनकर सहकारी समिति
|
530
|
2
|
2
|
|
11
|
आवासन सहकारी समिति
|
1,27,783
|
24
|
0
|
|
12
|
जूट और कॉएर सहकारी समिति
|
13
|
0
|
0
|
|
13
|
खादी ग्रामोद्योग
|
5
|
0
|
0
|
|
14
|
श्रमिक सहकारी समिति
|
11,555
|
27
|
0
|
|
15
|
पशुधन और कुक्कुट सहकारी समिति
|
638
|
0
|
0
|
|
16
|
विपणन सहकारी समिति
|
1,337
|
2
|
0
|
|
17
|
विविध ऋण सहकारी समिति
|
323
|
3
|
0
|
|
18
|
विविध गैर- ऋण सहकारी समिति
|
7,500
|
24
|
2
|
|
19
|
बहुउद्देशीय सहकारी समिति
|
4,812
|
2
|
0
|
|
20
|
पैक्स/FSS/LAMPS)
|
21,257
|
0
|
0
|
|
21
|
रेशम उत्पादन सहकारी समिति
|
3
|
0
|
0
|
|
22
|
समाज कल्याण और सांस्कृतिक सहकारी समिति
|
468
|
0
|
0
|
|
23
|
चीनी मिल सहकारी समिति
|
98
|
0
|
1
|
|
24
|
पर्यटन सहकारी समिति
|
129
|
0
|
0
|
|
25
|
परिवहन सहकारी समिति
|
235
|
0
|
0
|
|
26
|
जनजातीय- अनु.जा./अनु.ज.जा. सहकारी समिति
|
15
|
0
|
1
|
|
27
|
शहरी सहकारी बैंक (UCB)
|
453
|
4
|
1
|
|
28
|
महिला कल्याण सहकारी समिति
|
440
|
0
|
0
|
| |
कुल
|
2,27,177
|
138
|
16
|
स्रोत: एनसीडी पोर्टल (दिनांक 15.07.2026 की स्थिति अनुसार)
अनुलग्नक-2
पिछले पाँच वर्षों के दौरान महाराष्ट्र में NCDC द्वारा गतिविधि-वार वितरित राशि
(₹ करोड़ में)
|
क्रम सं.
|
गतिविधि-वार
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-
24
|
2024-
25
|
2025-
26
|
2026-27
(30.06.2026 तक )
|
|
1
|
विपणन एवं कृषि निवेश
|
|
|
|
|
3.75
|
|
|
2
|
डेयरी एवं पशुधन
|
3.98
|
0.33
|
|
|
|
|
|
3
|
उपभोक्ता
|
0.90
|
|
|
|
|
|
|
4
|
किसान उत्पादक संगठन (FPO)
|
0.36
|
0.53
|
2.24
|
2.57
|
4.34
|
0.45
|
|
5
|
मत्स्य पालन
|
0.10
|
10.52
|
14.09
|
11.31
|
11.84
|
0.65
|
|
6
|
C, IC & SC
|
7.70
|
6.40
|
36.40
|
81.06
|
49.99
|
24.66
|
|
7
|
बागान
|
|
|
|
|
|
|
|
8
|
चीनी
|
653.84
|
686.65
|
2,004.34
|
7,617.50
|
5,014.16
|
291.35
|
|
9
|
वस्त्र
|
21.19
|
46.72
|
44.35
|
51.31
|
16.71
|
|
|
10
|
M.I.S
|
|
|
|
0.75
|
|
|
| |
कुल
|
688.07
|
751.15
|
2101.42
|
7764.51
|
5100.79
|
317.11
|
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2287786)
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