मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

मत्स्यपालन, जलाशय और अमृत सरोवर

प्रविष्टि तिथि: 22 JUL 2026 1:27PM by PIB Delhi

भारत सरकार ने अपने वर्ष 2026‑27 के बजट में देश के 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का समेकित विकास कर मत्स्यपालन और जलीय कृषि के विकास की घोषणा की थी । यह पहल देश में जलाशयों और अमृत सरोवरों में अछूते पड़े मत्स्य सम्भावनाओं का दोहन करने, जलाशय में मछुआरों की आजीविका को सशक्त करने तथा अमृत सरोवरों व जलाशयों में मत्स्य पालन विकास के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs), मत्स्य सहकारियों और मछली किसान उत्पादक संगठन (फिश फ़ार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन ,FFPO) की भागीदारी बढ़ाने के सरकार के उद्देश्य को सुदृढ़ करती है। 

ऐसे प्रयासों के कार्यान्वयन के लिए प्रस्तावित प्रमुख घटक हैं: मत्स्य बीजों के संवर्धन हेतु हैचरी स्थापित करके गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन सुदृढ़ करना, जलाशयों में केज व पैन कल्चर का प्रसार, जलाशय मछुआरों को नावें और जाल प्रदान करना, अमृत सरोवर में समेकित मत्स्य पालन और मिश्रित मत्स्य‑कृषि पद्धतियों का प्रचार, मत्स्य फीड मिल, कोल्ड स्टोरेज, आइस प्लांट, मछली कियोस्क और रिटेल मछली बाजार, मछली परिवहन वाहन तथा मछली मूल्य संवर्धन इकाइयों जैसी मत्स्य अवसंरचना की स्थापना करना।

(b): मछली पालन विभाग (DoF), भारत सरकार ने राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के परामर्श से 351 जलाशय और 100 अमृत सरोवरों का चयन किया है। यह चयन राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा प्रस्तुत सूचियों के आधार पर किया गया, जिनमें पहचाने गए जलाशयों और अमृत सरोवरों में वर्ष भर पानी की उपलब्धता तथा मत्स्य‑संभाव्यता पर विचार किया गया।

(c): मत्स्य पालन विभाग (DoF), मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय (MoFAH&D), भारत सरकार, देश में मत्स्य आश्रितों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से समेकित जलाशय तथा अमृत सरोवर विकास के तहत मत्स्य किसान उत्पादक संगठन (फिश फ़ार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन FFPOs), महिला‑नेतृत्व वाले समूहों और मत्स्य सहकारियों को बढ़ावा दे रहा/रही है। इसमें चयनित जलाशयों और अमृत सरोवरों में नए उत्पादक संगठनों , महिला‑नेतृत्व वाले समूह और मत्स्य सहकारी संस्थाओं का गठन तथा मौजूदा संस्थाओं को समर्थन शामिल है।

(d): समेकित जलाशय एवं अमृत सरोवर विकास के कार्यान्वयन के लिए निवेश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा प्रस्तुत विस्तृत परियोजना रिपोर्टों (DPRs) के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। इसमें यूनिट लागत और वित्तपोषण पैटर्न प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार होंगे।

यह जानकारी मत्स्य, पशुपालन एवं दुग्ध मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।

पीके/केसी/ एमएम 


(रिलीज़ आईडी: 2287726) आगंतुक पटल : 42
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: Tamil , English , Urdu