पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
सागरमाला कार्यक्रम, बंदरगाह आधुनिकीकरण और बहुविध परिवहन संपर्क की प्रगति
प्रविष्टि तिथि:
21 JUL 2026 2:25PM by PIB Delhi
सागरमाला योजना पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की एक केन्द्रीय क्षेत्र योजना है, जिसका उद्देश्य देश में बंदरगाह-आधारित विकास को बढ़ावा देना है। सागरमाला योजना के तहत मंत्रालय पाँच स्तंभों के अंतर्गत परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जिनमें बंदरगाह आधुनिकीकरण, बंदरगाह संपर्क, बंदरगाह-आधारित औद्योगिकीकरण, तटीय समुदाय विकास तथा तटीय नौवहन एवं अंतर्देशीय जल परिवहन शामिल हैं। सागरमाला योजना के तहत वित्तपोषित परियोजनाओं के लिए राज्य-वार वित्तीय सहायता, जारी की गई धनराशि और प्रगति की स्थिति, साथ ही बजटीय आवंटन और उसके उपयोग का विवरण क्रमशः अनुलग्नक-I और अनुलग्नक-II में दिया गया है।
अनुलग्नक-I
सागरमाला योजना के अंतर्गत वित्तपोषित परियोजनाओं का राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश-वार विवरण।
|
र राज्य/केन्द्र
शासित प्रदेश
|
पूर्ण
|
कार्यान्वयन के अधीन
|
|
परियोजनाओं की संख्या
|
परियोजनाओं की लागत (करोड़ रुपये में)
|
एमओपीएसडब्ल्यू का अंश
(करोड़ रुपये में)
|
जारी धनराशि
(करोड़ रुपये में)
|
परियोजनाओं की संख्या
|
परियोजनाओं की लागत (करोड़ रुपये में)
|
एमओपीएसडब्ल्यू का अंश
(करोड़ रुपये में)
|
जारी धनराशि
(करोड़ रुपये में)
|
|
महाराष्ट्र
|
21
|
1103.3
|
451.64
|
448.62
|
12
|
959.0
|
383.16
|
317.14
|
|
तमिलनाडु
|
16
|
1085.6
|
423.76
|
421.91
|
8
|
250.6
|
134.46
|
119.42
|
|
पश्चिम बंगाल
|
8
|
499.6
|
212.17
|
212.17
|
5
|
312.6
|
173.13
|
132.39
|
|
गोवा
|
10
|
840.8
|
147.63
|
144.65
|
2
|
97.9
|
56.18
|
43.94
|
|
केरल
|
6
|
134.5
|
56.28
|
55.66
|
4
|
204.0
|
68.75
|
54.48
|
|
गुजरात
|
4
|
477.8
|
239.95
|
214.06
|
5
|
862.5
|
318.83
|
268.52
|
|
आंध्र प्रदेश
|
7
|
1101.8
|
215.87
|
215.87
|
2
|
184.5
|
55.98
|
45.98
|
|
कर्नाटक
|
4
|
88.7
|
22.49
|
22.03
|
4
|
402.3
|
158.45
|
106.03
|
|
ओडीशा
|
1
|
3.7
|
1.83
|
1.83
|
5
|
346.5
|
133.44
|
108.67
|
|
लक्षद्वीप
|
-
|
-
|
-
|
-
|
4
|
860.0
|
860
|
103.56
|
|
ए और एन
|
1
|
10.9
|
10.9
|
10.9
|
1
|
49.0
|
1.5
|
1.5
|
|
पुद्दुच्चेरी
|
1
|
27.7
|
27.45
|
27.45
|
1
|
2.2
|
2.22
|
2.17
|
|
अंडमान और निकोबार द्वीप
|
-
|
-
|
-
|
--
|
1
|
7.1
|
2.29
|
2.29
|
|
कुल
|
79
|
5374.5
|
1799.07
|
1764.26
|
54
|
4538.2
|
2346.43
|
1306.12
|
अनुलग्नक -II
सागरमाला योजना के तहत बजटीय आवंटन और निधियों का उपयोग:
|
वर्ष
|
बजटीय आवंटन
(करोड़ रुपये में)
|
निधियों का उपयोग (करोड़ रुपये में)
|
|
2022-23
|
413
|
412
|
|
2023-24
|
368
|
349
|
|
2024-25
|
459
|
424
|
|
2025-26
|
463
|
449
|
प्रमुख और गैर-प्रमुख बंदरगाहों में बंदरगाह क्षमता और जहाज के टर्नअराउंड समय का विवरण अनुलग्नक-III में दिया गया है।
अनुलग्नक III
बंदरगाह क्षमता और औसत जहाज टर्नअराउंड समय :
|
प्रमुख और गैर-प्रमुख बंदरगाहों की क्षमता (मिलियन टन में)
|
|
क्रम संख्या
|
बंदरगाह
|
2022-2023
|
2023-2024
|
2024-2025
|
2025-2026
|
|
1
|
प्रमुख बंदरगाह
|
1617.39
|
1629.86
|
1680.94
|
1728.4
|
|
2
|
गैर प्रमुख बंदरगाह
|
1050.55
|
1080.78
|
1090.29
|
1090.53*
|
|
औसत टर्नअराउंड समय (घंटों में)
|
|
क्रम संख्या
|
बंदरगाह
|
वित्त वर्ष 2022-2023
|
वित्त वर्ष 2023-2024
|
वित्त वर्ष 2024-2025
|
वित्त वर्ष 2025-2026
|
|
1
|
प्रमुख बंदरगाह
|
51.48
|
52.82
|
58.28
|
47.25*
|
|
2
|
गैर प्रमुख बंदरगाह
|
-
|
-
|
-
|
40.90*
|
स्रोत: प्रमुख बंदरगाह, राज्य समुद्री बोर्ड और गैर-प्रमुख बंदरगाह। प्रमुख बंदरगाह पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में हैं, जबकि गैर-प्रमुख बंदरगाह राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रशासनिक नियंत्रण में हैं।
* आंकड़े अनंतिम हैं।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (एमओपीएसडब्ल्यू) ने रेल मंत्रालय (एमओआर) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) के परामर्श से कुल 294 रेल और सड़क संपर्क परियोजनाओं की पहचान की है। इनमें से 84 परियोजनाएँ (63 रेल और 21 सड़क) पूरी हो चुकी हैं, 66 परियोजनाएँ (27 रेल और 39 सड़क) कार्यान्वयन के अधीन हैं, जबकि कुल 144 परियोजनाएँ (42 रेल और 102 सड़क) योजना चरण में हैं। बंदरगाह की सीमा के भीतर की संपर्क परियोजनाएँ बंदरगाह प्राधिकरणों द्वारा तथा बंदरगाह की सीमा के बाहर की परियोजनाएँ रेल मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय या राज्य सरकारों द्वारा संचालित की जाती हैं।
अंतर्देशीय जलमार्ग संपर्कता परियोजनाओं के संबंध में, राष्ट्रीय जलमार्गों (एनडब्ल्यू) पर भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) द्वारा पूरी की गई परियोजनाओं का विवरण निम्नलिखित है:
3 राष्ट्रीय जलमार्ग (एनडब्ल्यू)-1 पर 3 मल्टी-मोडल टर्मिनल (एमएमटी) और 1 इंटरमोडल टर्मिनल
1 राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (एनडब्ल्यू-2) पर 1 मल्टी-मोडल टर्मिनल (एमएमटी) और 3 अंतर्देशीय जल परिवहन (आईडब्ल्यूटी) टर्मिनल
9 राष्ट्रीय जलमार्ग-3 (एनडब्ल्यू -3) पर 9 अंतर्देशीय जल परिवहन (आईडब्ल्यूटी) टर्मिनल
02 एर्नाकुलम में 2 रोल-ऑन/रोल-ऑफ (रो-रो) टर्मिनल
01 राष्ट्रीय जलमार्ग-4 (एनडब्ल्यू -4) पर 1 रोल-ऑन/रोल-ऑफ (Ro-Ro) टर्मिनल
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने ‘वन नेशन वन पोर्ट प्रोसेस (ओएनओपी)’ पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य एकीकृत, कुशल और पारदर्शी समुद्री इकोसिस्टम बनाने के लिए पूरे देश में बंदरगाहों से संबंधित कार्यों को मानकीकृत और एकीकृत करना है। इसके अलावा, मंत्रालय ने बंदरगाह संचालन में कार्बन उत्सर्जन को कम करने और बंदरगाहों को हरित बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अनेक पहल की हैं। प्रमुख पहलों में ‘हरितसागर’ ग्रीन पोर्ट दिशानिर्देश जारी करना, पारंपरिक डीजल-चालित टगों को बदलकर इलेक्ट्रिक/हाइब्रिड टगों के लिए ग्रीन टग ट्रांजिशन प्रोग्राम (जीटीटीपी) का कार्यान्वयन, बंदरगाहों पर नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाना, बंदरगाह उपकरणों, वाहनों और रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण, शून्य-उत्सर्जन ट्रकों की तैनाती तथा ऑनशोर पावर सप्लाई सिस्टम की स्थापना शामिल हैं।
यह जानकारी केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
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पीके/केसी/केपी/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2287414)
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