सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
भारत में अवसंरचना क्षेत्र के प्रदर्शन निगरानी डैशबोर्ड की त्रैमासिक रिपोर्ट
अद्यतन प्रदर्शन संकेतकों के समय पर प्रसार के जरिए अवसंरचना उप-क्षेत्रों की साक्ष्य-आधारित निगरानी को मजबूत करना
प्रविष्टि तिथि:
16 JUL 2026 4:00PM by PIB Delhi
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) पैमाना यानी पीएआईएमएएनए (राष्ट्र निर्माण के लिए परियोजना मूल्यांकन, अवसंरचना निगरानी एवं विश्लेषण) प्रदर्शन डैशबोर्ड का त्रैमासिक अद्यतन जारी कर रहा है, जिसमें मानकीकृत संकेतकों के एक समूह के माध्यम से प्रमुख अवसंरचना क्षेत्रों के प्रदर्शन शामिल होते हैं। प्रमुख अवसंरचना उप-क्षेत्रों के प्रदर्शन का व्यापक अवलोकन प्रदान करने के लिए अवसंरचना निगरानी और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को सुदृढ़ करने हेतु इस डैशबोर्ड को 16 अप्रैल 2026 को लॉन्च किया गया था। नवीनतम त्रैमासिक अद्यतन में चयनित प्रदर्शन संकेतकों के नवीनतम डेटा को शामिल किया गया है, जिससे समय पर निगरानी, सूचित निर्णय लेने और आधिकारिक आंकड़ों तक जनता की अधिक पहुंच सुनिश्चित होती है।
प्रदर्शन निगरानी डैशबोर्ड के त्रैमासिक अद्यतन की मुख्य विशेषताएं:
- त्रैमासिक अद्यतन में संबंधित मंत्रालयों/विभागों से प्राप्त नवीनतम डेटा शामिल किया जाता है, जिससे आधिकारिक बुनियादी ढांचे के प्रदर्शन के आंकड़ों का समय पर प्रसार सुनिश्चित होता है।
- प्रदर्शन निगरानी डैशबोर्ड को अब 165 संकेतकों तक विस्तारित कर दिया गया है। इस विस्तार में 44 नए संकेतक शामिल किए गए हैं, जिससे बुनियादी ढांचे के प्रदर्शन की निगरानी की व्यापकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
- त्रैमासिक अद्यतन एक ही सार्वजनिक रूप से सुलभ मंच के माध्यम से बुनियादी ढांचे के प्रदर्शन के नवीनतम आंकड़े उपलब्ध कराकर पारदर्शिता को बढ़ाता है।
- चुनिंदा संकेतकों में प्रमुख रुझानों और प्रदर्शन को उजागर करने वाले क्षेत्रवार विवरणों को शामिल किया गया है ताकि आंकड़ों की बेहतर व्याख्या और समझ को आसान बनाया जा सके।
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- पैमाना यानी पीएआईएमएएनए - प्रदर्शन निगरानी डैशबोर्ड नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और हितधारकों के लिए बेहतर पहुंच के लिए इंटरैक्टिव विज़ुअलाइज़ेशन और समय-श्रृंखला विश्लेषण के साथ क्षेत्र-वार प्रदर्शन की निगरानी के लिए एक एकीकृत डिजिटल इंटरफ़ेस प्रदान करता है।
- यह डैशबोर्ड पांच आयामों - पहुंच, गुणवत्ता, राजकोषीय लागत एवं राजस्व, उपयोग और वहनीयता - पर आधारित एक मानकीकृत ढांचे का उपयोग करके बुनियादी ढांचे के प्रदर्शन की निगरानी करता है।
- अवसंरचना उप-क्षेत्रों में प्रदर्शन संकेतकों का वितरण:
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क्रमांक
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अवसंरचना उप-क्षेत्र
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16 जुलाई, 2026 तक संकेतकों की कुल संख्या
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1
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नागरिक उड्डयन
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31
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2
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सड़कें
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8
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3
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ऊर्जा
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14
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4
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पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग
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62
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5
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दूरसंचार
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13
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6
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रेलवे
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37
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कुल
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165
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त्रैमासिक अद्यतन से क्षेत्रवार मुख्य बिंदु:
- नागरिक उड्डयन: अप्रैल 2026 में माल ढुलाई 98,920.10 टन रही, जो अप्रैल 2025 की तुलना में 11.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर 165 हो गई है, जो 2014 में इसकी संख्या से 81 अधिक है।
- दूरसंचार क्षेत्र में डिजिटल क्षेत्र में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान वायरलेस/मोबाइल डेटा की खपत 2,85,376 पेटबाइट्स (पीबी) तक पहुंच गई (पिछले वर्ष की तुलना में 24.7 प्रतिशत की वृद्धि) है। टेलीफोन ग्राहकों की संख्या भी वित्त वर्ष 2024-25 में 120.17 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 133.06 करोड़ हो गई, जो 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
- सड़क परिवहन और राजमार्ग क्षेत्र ने स्थिर प्रगति बनाए रखी। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 9,360 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया , जिससे देश भर में सड़क संपर्क में सुधार हुआ।
- पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान गैर-प्रमुख बंदरगाहों पर 2.06 करोड़ यात्री यातायात के साथ स्थिर वृद्धि दर्ज की। तटीय माल ढुलाई प्रमुख बंदरगाहों पर बढ़कर 196,808.7 हजार टन (3.09 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि) और गैर-प्रमुख बंदरगाहों पर 142,219.4 हजार टन हो गई।
- रेल क्षेत्र ने माल ढुलाई और यात्री प्रदर्शन में सुधार किया है। ब्रॉड गेज वैगनों की औसत वहन क्षमता 2015-16 में 60.8 टन प्रति वैगन की तुलना में 2024-25 में बढ़कर रिकॉर्ड 64.0 टन प्रति वैगन हो गई है और प्रति दिन यात्रियों की औसत संख्या 2024-25 में 19.98 मिलियन (5.8 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि) तक पहुंच गई है।
- विद्युत क्षेत्र में ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण विस्तार की संभावना है, क्योंकि बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (बीईएसएस) और पंप स्टोरेज प्लांट्स (पीएसपी) की तीव्र तैनाती के कारण भंडारण जरूरतों में दस गुना से अधिक की वृद्धि होने का अनुमान है, जो 2027-28 में 87 जीडब्ल्यूएच से बढ़कर 2035-36 तक 888 जीडब्ल्यूएच हो जाएगी।
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- नागरिक उड्डयन: वित्त वर्ष 2026-27 (मई तक) में यात्री यातायात 7.1 करोड़ तक पहुंच गया और माल ढुलाई 7.3 लाख टन (पिछले वर्ष की तुलना में 10.6 प्रतिशत की वृद्धि) रही, जो निरंतर मांग को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल-मई के दौरान 10.52 लाख विदेशी पर्यटकों का आगमन हुआ जिससे व्यापार, पर्यटन और वैश्विक संपर्क को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका और मजबूत हुई।

वित्तीय वर्ष 2015-16 से भारत में आने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या
- ऊर्जा: प्रमुख प्रौद्योगिकियों में ऊर्जा भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने का अनुमान है, जिसमें पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीएसईएस) की क्षमता 2035-36 तक क्रमशः 94 गीगावाट और 80 गीगावाट तक पहुंच जाएगी। यह निरंतर वृद्धि ग्रिड की विश्वसनीयता को मजबूत करने और नवीकरणीय ऊर्जा के अधिक एकीकरण को सक्षम बनाने पर भारत के रणनीतिक फोकस को दर्शाती है।

वित्त वर्ष 2035-36 तक ऊर्जा भंडारण क्षमता का अनुमान
- दूरसंचार क्षेत्र में तेज वृद्धि देखी गई। दूरसंचार अवसंरचना का विस्तार 8.55 लाख टावरों (3.7 प्रतिशत वार्षिक) और 32.25 लाख बेस ट्रांससीवर स्टेशनों (बीटीएस) (7.4 प्रतिशत वार्षिक) तक हुआ, जबकि दूरसंचार घनत्व वित्त वर्ष 2025-26 में 93.26 प्रतिशत तक सुधर गया, जो गहन डिजिटल कनेक्टिविटी को दर्शाता है।

वित्तीय वर्ष 2015-16 से मोबाइल टावरों और बेस ट्रांससीवर स्टेशनों की संख्या
- सड़क परिवहन और राजमार्ग क्षेत्र: डिजिटल टोलिंग में भी मजबूती आई है। वित्त वर्ष 2026-27 (मई तक) में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह लेनदेन बढ़कर 88 करोड़ रुपये (39.7 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि) हो गया है, जो कैशलेस टोल सिस्टम को व्यापक रूप से अपनाने का संकेत देता है।

त्रैमासिक इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह लेनदेन
- रेलवे क्षेत्र ने माल ढुलाई दक्षता और नेटवर्क क्षमता दोनों में वृद्धि की है, जिसके परिणामस्वरूप प्रति वैगन औसत माल भार बढ़कर लगभग 68 टन हो गया है और रेल नेटवर्क 2024-25 में 1.37 लाख ट्रैक किलोमीटर से अधिक तक विस्तारित हो गया है।

वित्तीय वर्ष 2015-16 से रेल संचालन के लिए उपलब्ध रेलवे ट्रैक की कुल लंबाई

वित्तीय वर्ष 2015-16 से प्रत्येक ब्रॉड-गेज वैगन द्वारा ढोए गए माल की औसत मात्रा (टन में)
- पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग क्षेत्र ने तेज वृद्धि दर्ज की है, जिसके तहत भारत के बेड़े में 2025 तक 1,592 जहाज (3 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि) हो गए हैं। भारत का समुद्री व्यापार 2015 में 76 मिलियन टन से बढ़कर 2023 में लगभग दोगुना होकर 145 मिलियन टन हो गया है। अंतर्देशीय जलमार्गों के बेड़े की संख्या 2024-25 में 10,623 हो गई है। वित्त वर्ष 2024-25 में नौगम्य जलमार्गों का विस्तार होकर 29,151.9 किलोमीटर हो जाने, बहुआयामी लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने तथा देश भर में समुद्री और अंतर्देशीय जल संपर्क को बढ़ाने से इस क्षेत्र की वृद्धि को और बल मिला है।

2015 से भारत का समुद्री व्यापार

वित्तीय वर्ष 2015-16 से अंतर्देशीय जल पोत बेड़ा
त्रैमासिक अद्यतन जारी होने के साथ, पैमाना यानी पीएआईएमएएनए (राष्ट्र निर्माण के लिए परियोजना मूल्यांकन, अवसंरचना निगरानी एवं विश्लेषण) प्रदर्शन निरीक्षण डैशबोर्ड बुनियादी ढांचे की निगरानी में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। डैशबोर्ड के नियमित त्रैमासिक अद्यतन से पारदर्शिता में और वृद्धि होगी, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और सतत एवं समावेशी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सोच-समझकर निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
प्रेस विज्ञप्ति की अगली तिथि: प्रदर्शन निगरानी के लिए डैशबोर्ड को त्रैमासिक आधार पर अद्यतन किया जाएगा। अगला अद्यतन 16 अक्टूबर 2026 को होगा।
नोट : इस प्रेस विज्ञप्ति में एमओएसपीआई के हाल ही में लॉन्च किए गए प्रदर्शन निगरानी डैशबोर्ड की मुख्य विशेषताओं का सारांश दिया गया है, जो https://paimana-perf.mospi.gov.in पर या क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध है।

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पीके/केसी/एके/एनजे
(रिलीज़ आईडी: 2285456)
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