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केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने नई दिल्ली के राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय में ‘इंडी हाट 2026’ का दौरा किया


‘इंडी हाट 2026’ भारत की समृद्ध हथकरघा एवं हस्तशिल्प विरासत का उत्सव है, जो भारत टेक्स 2026 से जुड़ी एक विशेष पहल है

प्रविष्टि तिथि: 13 JUL 2026 8:24PM by PIB Delhi

भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) के कार्यालय ने विकास आयुक्त (हथकरघा) के कार्यालय के साथ मिलकर, नई दिल्ली के राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी में ‘इंडी हाट 2026 - भारत की समृद्ध हथकरघा एवं हस्तशिल्प विरासत का उत्सव’ आयोजित किया। 'इंडी हाट 2026' का आयोजन 10 से 19 जुलाई 2026 तक किया जा रहा है। इसे 'भारत टेक्स 2026' से जुड़ी एक विशेष पहल के रूप में तैयार किया गया है। 'भारत टेक्स 2026' देश का सबसे बड़ा वैश्विक वस्त्र कार्यक्रम है, जिसका आयोजन 14 से 17 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जाएगा।

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केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने आज इंडी हाट 2026 का दौरा किया। इस अवसर पर श्रीमती नीलम शमी राव, सचिव, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार; वस्त्र मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी; विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) तथा विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालयों के अधिकारी; भारत टेक्स की संचालन समिति के सदस्य; तथा सहभागी शिल्पकार एवं व्यापारिक आगंतुक भी उपस्थित रहे।

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केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने उपस्थित गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “भारत के हथकरघ एवं हस्तशिल्प हमारी सभ्यतागत विरासत, रचनात्मकता तथा हमारे कारीगरों एवं बुनकरों के अतुलनीय कौशल की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। इंडी हाट 2026 इस समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय दर्शकों, विशेष रूप से भारत टेक्स 2026 में आने वाले खरीदारों एवं आगंतुकों के समक्ष प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। ऐसी पहलें देशभर के कारीगरों, बुनकरों एवं शिल्प-आधारित उद्यमों के लिए अधिक दृश्यता, बाज़ार तक पहुंच एवं आजीविका का अवसर प्रदान करके आत्मनिर्भर भारत तथा वोकल फ़ॉर लोकल के दृष्टिकोण को सशक्त बनाती हैं।”

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उन्होंने आगे कहा, भारत सरकार डिज़ाइन सहायता, बाज़ार तक पहुंच, डिजिटल प्रचार एवं वैश्विक पहचान के माध्यम से कारीगरों एवं बुनकरों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत की पारंपरिक हस्तकलाओं को व्यापक वस्त्र मूल्य शृंखला में शामिल करके, इंडी हाट विरासत को समकालीन बाज़ारों से जोड़ने में मदद करेगा और हमारे शिल्पकारों के उत्पादों को पूरे विश्व के घरों एवं उपभोक्ताओं तक पहुंचाएगा।”

इस विशेष पहल को राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) द्वारा भारत की उत्कृष्ट शिल्पकला को समकालीन एवं आकर्षक बनाकर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इंडी हाट 2026 में 48 कारीगरों एवं बुनकरों द्वारा निर्मित हस्तनिर्मित एवं हाथ से बुने हुए उत्पादों के साथ-साथ निफ्ट के पूर्व छात्रों द्वारा स्थापित 12 डिज़ाइन-आधारित हस्तशिल्प एवं हथकरघा ब्रांड शामिल हैं, जो भारत की विविध शिल्प परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।

प्रदर्शित शिल्पकलाओं में गुलाबी मीनाकारी, पत्थर की जड़ाई, डोकरा धातु शिल्प, संगीत वाद्ययंत्र, पांडुलिपि चित्रकला, लकड़ी पर हड्डी की जड़ाई, उस्ता कला, पिछवाई कला, सोज़नी कढ़ाई, मोलेला मिट्टी शिल्प, जयपुर की ब्लू पॉटरी, चाँदी की फिलिग्री, चेरियाल चित्रकला, मैसूर की पारंपरिक चित्रकला, रोज़वुड की जड़ाई, माता नी पछेड़ी, अगेट शिल्प, पेपियर-माशे, बाटिक चित्रकला, मोमबत्ती निर्माण, चंदन की लकड़ी का शिल्प, शोला पिथ, कांथा कढ़ाई, बगरू ब्लॉक प्रिंट, जामदानी साड़ियां, पाइन नीडल शिल्प, मूगा और एरी रेशम, तथा ओडिशा का इकत शामिल हैं।

इसमें आगंतुकों को पारंपरिक शिल्प तकनीकों का लाइव प्रदर्शन देखने का अवसर भी मिलेगा, जिससे उन्हें भारत की सदियों पुरानी शिल्पकारी का गहरा अनुभव प्राप्त होगा। उम्मीद है कि इन प्रदर्शनों से खरीदारों एवं आगंतुकों में हस्तनिर्मित चीज़ में छिपे हुनर, समय एवं सांस्कृतिक ज्ञान के प्रति और अधिक सम्मान एवं समझ उत्पन्न होगी।

भारत टेक्स 2026 में 16 लाख वर्ग फुट के प्रदर्शनी क्षेत्र शामिल होंगे, जहां 20,000 से अधिक वस्त्र उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस आयोजन में 7,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों एवं 1,30,000 से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है जिनमें नीति-निर्माता, वैश्विक सीईओ और उद्योग जगत के नेता शामिल हैं।

इंडी हाट 2026 का भारत के पारंपरिक शिल्प समूहों एवं वैश्विक बाज़ारों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनने की उम्मीद है। हस्तशिल्प एवं हथकरघा उत्पादों को व्यापक वस्त्र मूल्य श्रृंखला में स्थान देकर, यह पहल कारीगर-नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करने तथा सतत आजीविका के अवसर सृजित करने के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है।

विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) का कार्यालय कारीगरों को सहयोग देने, डिज़ाइन एवं बाज़ार विकास संबंधी मध्यवर्तनों को सुदृढ़ करने, खरीदारों से संपर्क स्थापित करने में सुविधा प्रदान करने तथा भारत के हस्तनिर्मित उत्पादों को घरेलू एवंअंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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पीके/केसी/एके


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